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कककक
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:47 AM IST
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जीएसटी के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
जीएसटी के विरोध में व्यापारी एकजुट होने लगे हैं। इसके चलते शहर के कपड़ा व्यापारी (रिटेल व होलसेल) 27 जून से तीन दिन की हड़ताल रखेंगे। इसके लिए कपड़ा व्यापारियों की एसोसिएशन के सदस्यों ने सोमवार को शहर में जनसंपर्क भी किया। शहर के कपड़ा व्यापारियों का अभी तक किसी अन्य व्यापारी संगठन ने सहयोग नहीं किया है। शहर में 80 प्रतिशत दुकानें कपड़ों की है। ऐसे में 27 से 29 जून तक बाजार सुनसान रहेगा। 30 जून को व्यापार मंडल ने राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस कारण आगामी चार दिनों में बाजार में से रौनक गायब रहेगी।
नारनौल के कपड़ा व्यापारियों ने मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इसके तहत कपड़ा व्यापारी वीरवार तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। नारनौल शहर में रिटेल की करीब 270 व होलसेल की करीब 80 दुकानें हैं, जो पूर्णतया बंद रहेंगी। बंद का समर्थन नांगल चौधरी के कपड़ा व्यापारियों ने भी दिया है।
रिटेल एसोसिएशन के प्रधान बने नीरज
रिटेल कपड़ा मर्चेंट एसोसिएशन नारनौल की बैठक सोमवार को स्थानीय गणेश महल, देहली दरवाजा पर हुई। मीटिंग में निर्णय हुआ कि इस प्रतिस्पर्धा के माहौल में सभी का एक साथ रहकर एकता का परिचय देना आवश्यक हो गया है। ऐसे में संस्था को नवगठित किया जाना आवश्यक हो गया है। नीरज संघी को संस्था के अध्यक्ष के रूप में आम सहमति से जिम्मेदारी सौंपी गयी। उपप्रधान आकाश चौधरी, यशपाल आजाद, महासचिव मनीष आर्य, सहसचिव राजेश नंबरदार, कोषाध्यक्ष नवीन बंसल और सचेतक मनीष बंसल को चुना गया। इस आम सहमती के बाद सभी व्यापारियों ने एक सुर में जीएसटी का विरोध किया है। संस्था अध्यक्ष नीरज संघी ने कहा की सभी ने भाजपा को वोट व्यापार और व्यापारी हित में दिया था। दी होलसेल क्लाथ मर्चेंट और रिटेल कपड़ा मर्चेंट एसोसिएशन दोनों ने मिलकर 27 से 30 तक को राष्ट्रीय कपड़ा व्यापार संघ के आह्वान पर पूर्ण रूप से कपड़ों की दुकान बंद रखने का ध्वनिमत से निश्चय किया हैं।
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व्यापारियों ने 30 को किया बंद का आह्वान
व्यापारियों के सर्वोच्च राष्ट्रीय संगठन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा ने 30 जून को बंद का आह्वान किया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला प्रधान बजरंग लाल अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों पर जीएसटी की खतरनाक धाराओं को लेकर और अनेक मदों में ऊंची दरों की महंगाई, भ्रष्टाचार और व्यापारी उत्पीड़न को लेकर बंद का आह्वान किया गया है। बजरंग लाल ने इस बंद को लेकर 27 जून को 11 बजे नरूला होटल में एक आवश्यक बैठक बुलाई है। इसमें जिला कार्यकारिणी सदस्य, शहरी कार्यकारिणी सदस्य और सभी ट्रेड यूनियन के प्रधान और पदाधिकारी भाग लेंगे। उन्होंने सभी यूनियनों के प्रधानों और पदाधिकारियों से बैठक में भाग लेने की अपील की।
जीएसटी के विरोध में व्यापारियों की परेशानी उनकी जुबानी
जीएसटी से पूर्व कभी भी कपड़ा व्यापारियों पर किसी प्रकार की टैक्स प्रणाली लागू नहीं की गई है। पहले वे केवल इनकम टैक्स ही सरकार को अदा करते थे। जीएसटी लागू होने से कपड़ा व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे व्यापार पर भी असर पड़ेगा। - नरेंद्र झिमरियां, प्रधान महासचिव दी होलसेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन
व्यापारी टैक्स देना चाहते है, परंतु सरकार ने जीएसटी में विभिन्न तरह की शर्त लगाकर कपड़ा व्यापारियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। जीएसटी के बाद कपड़ा व्यापारी व्यापार करने की बजाय जीएसटी की कार्रवाई पूरी में ही लगा रहेगा। इससे वह व्यापार नहीं कर पाएगा। - पंकज अग्रवाल, महासचिव दी होलसेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन
जीएसटी की शर्तों को कपड़ा व्यापारी कभी पूरा नहीं कर पाएगा, क्योंकि जीएसटी ने कपड़ा व्यापारियों को महीने में तीन बार रिटर्न भरना होगा। पहले दस दिन में खरीदे सामान का विवरण देना होगा। इसके बाद अगले बीस दिनों में सेल का विवरण और महीने पर खरीद व सेल दोनों का विवरण देकर रिटर्न जमा करवाना होगा। - नीरज संघी, प्रधान दी रिटेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन।
सरकार ने जीएसटी में कपड़ा व्यापारियों के लिए काफी मुश्किल शर्तें लगा दी है। इससे व्यापारियों में रोष बना हुआ है। इसके विरोध स्वरूप व्यापारी आगामी तीन दिनों तक शहर के रीटेल और होलसेल की दुकानें बंद कर सरकार से जीएसटी की शर्तों में सरलीकरण करने की मांग करेंगे। - मनीष आर्य महासचिव, दी रिटेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
जीएसटी के विरोध में व्यापारी एकजुट होने लगे हैं। इसके चलते शहर के कपड़ा व्यापारी (रिटेल व होलसेल) 27 जून से तीन दिन की हड़ताल रखेंगे। इसके लिए कपड़ा व्यापारियों की एसोसिएशन के सदस्यों ने सोमवार को शहर में जनसंपर्क भी किया। शहर के कपड़ा व्यापारियों का अभी तक किसी अन्य व्यापारी संगठन ने सहयोग नहीं किया है। शहर में 80 प्रतिशत दुकानें कपड़ों की है। ऐसे में 27 से 29 जून तक बाजार सुनसान रहेगा। 30 जून को व्यापार मंडल ने राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस कारण आगामी चार दिनों में बाजार में से रौनक गायब रहेगी।
नारनौल के कपड़ा व्यापारियों ने मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इसके तहत कपड़ा व्यापारी वीरवार तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। नारनौल शहर में रिटेल की करीब 270 व होलसेल की करीब 80 दुकानें हैं, जो पूर्णतया बंद रहेंगी। बंद का समर्थन नांगल चौधरी के कपड़ा व्यापारियों ने भी दिया है।
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रिटेल एसोसिएशन के प्रधान बने नीरज
रिटेल कपड़ा मर्चेंट एसोसिएशन नारनौल की बैठक सोमवार को स्थानीय गणेश महल, देहली दरवाजा पर हुई। मीटिंग में निर्णय हुआ कि इस प्रतिस्पर्धा के माहौल में सभी का एक साथ रहकर एकता का परिचय देना आवश्यक हो गया है। ऐसे में संस्था को नवगठित किया जाना आवश्यक हो गया है। नीरज संघी को संस्था के अध्यक्ष के रूप में आम सहमति से जिम्मेदारी सौंपी गयी। उपप्रधान आकाश चौधरी, यशपाल आजाद, महासचिव मनीष आर्य, सहसचिव राजेश नंबरदार, कोषाध्यक्ष नवीन बंसल और सचेतक मनीष बंसल को चुना गया। इस आम सहमती के बाद सभी व्यापारियों ने एक सुर में जीएसटी का विरोध किया है। संस्था अध्यक्ष नीरज संघी ने कहा की सभी ने भाजपा को वोट व्यापार और व्यापारी हित में दिया था। दी होलसेल क्लाथ मर्चेंट और रिटेल कपड़ा मर्चेंट एसोसिएशन दोनों ने मिलकर 27 से 30 तक को राष्ट्रीय कपड़ा व्यापार संघ के आह्वान पर पूर्ण रूप से कपड़ों की दुकान बंद रखने का ध्वनिमत से निश्चय किया हैं।
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व्यापारियों ने 30 को किया बंद का आह्वान
व्यापारियों के सर्वोच्च राष्ट्रीय संगठन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा ने 30 जून को बंद का आह्वान किया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला प्रधान बजरंग लाल अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों पर जीएसटी की खतरनाक धाराओं को लेकर और अनेक मदों में ऊंची दरों की महंगाई, भ्रष्टाचार और व्यापारी उत्पीड़न को लेकर बंद का आह्वान किया गया है। बजरंग लाल ने इस बंद को लेकर 27 जून को 11 बजे नरूला होटल में एक आवश्यक बैठक बुलाई है। इसमें जिला कार्यकारिणी सदस्य, शहरी कार्यकारिणी सदस्य और सभी ट्रेड यूनियन के प्रधान और पदाधिकारी भाग लेंगे। उन्होंने सभी यूनियनों के प्रधानों और पदाधिकारियों से बैठक में भाग लेने की अपील की।
जीएसटी के विरोध में व्यापारियों की परेशानी उनकी जुबानी
जीएसटी से पूर्व कभी भी कपड़ा व्यापारियों पर किसी प्रकार की टैक्स प्रणाली लागू नहीं की गई है। पहले वे केवल इनकम टैक्स ही सरकार को अदा करते थे। जीएसटी लागू होने से कपड़ा व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे व्यापार पर भी असर पड़ेगा। - नरेंद्र झिमरियां, प्रधान महासचिव दी होलसेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन
व्यापारी टैक्स देना चाहते है, परंतु सरकार ने जीएसटी में विभिन्न तरह की शर्त लगाकर कपड़ा व्यापारियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। जीएसटी के बाद कपड़ा व्यापारी व्यापार करने की बजाय जीएसटी की कार्रवाई पूरी में ही लगा रहेगा। इससे वह व्यापार नहीं कर पाएगा। - पंकज अग्रवाल, महासचिव दी होलसेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन
जीएसटी की शर्तों को कपड़ा व्यापारी कभी पूरा नहीं कर पाएगा, क्योंकि जीएसटी ने कपड़ा व्यापारियों को महीने में तीन बार रिटर्न भरना होगा। पहले दस दिन में खरीदे सामान का विवरण देना होगा। इसके बाद अगले बीस दिनों में सेल का विवरण और महीने पर खरीद व सेल दोनों का विवरण देकर रिटर्न जमा करवाना होगा। - नीरज संघी, प्रधान दी रिटेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन।
सरकार ने जीएसटी में कपड़ा व्यापारियों के लिए काफी मुश्किल शर्तें लगा दी है। इससे व्यापारियों में रोष बना हुआ है। इसके विरोध स्वरूप व्यापारी आगामी तीन दिनों तक शहर के रीटेल और होलसेल की दुकानें बंद कर सरकार से जीएसटी की शर्तों में सरलीकरण करने की मांग करेंगे। - मनीष आर्य महासचिव, दी रिटेल क्लाथ मर्चेंट्स एसोसिएशन।