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बच्ची चोरी मामला 2
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रोहतक। पीजीआईएमएस के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग से वीरवार दोपहर सवा बारह बजे अपनों से बिछुड़ी नवजात बच्ची नौ घंटे बाद मां मनीषा की गोद में लौटी। अपनी लाडली को सकुशल पाकर मां की आंखें छलक पड़ी। उसने बेटी को छाती से लगा लिया। मुंह से एक शब्द तक नहीं निकला। वह करीब एक मिनट तक यूं ही बैठी रही। डॉक्टर के तेज आवाज में हटो... जाओ यहां से, मुझे बच्ची का चेकअप करना है, शब्द सुनकर बच्ची के दुलार में डूबी मां चौंकी और उस तरफ देखा। यह नजारा वीरवार रात करीब नौ बजकर 23 मिनट पर पीजीआई के गायनी विभाग का था। यहां बच्ची के रोने का शोर सुनकर पूरा परिवार ही नहीं वहां मौजूद हर शख्स का चेहरा खिल उठा।
नवजात बच्ची की तलाश में जुटी पुलिस ने शाम करीब साढ़े चार बजे सोनीपत में बच्ची को बरामद किया। यहीं उसे चुराने वाली महिला भी थी। इन्हें लेकर रात करीब नौ बजे पुलिस रोहतक पहुंची। इसके बाद पीजीआई थाने में उसके बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने बच्ची को रात करीब नौ बजकर 20 मिनट पर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना नाम सोनीपत के रठधाना की महक उर्फ ममता बताया है। पूछताछ में इसके साथ अन्य लोगों के भी नाम सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस कुछ भी कहने से परहेज बरत रही है।
बच्ची की तलाश में साढ़े चार घंटे चला सर्च अभियान
पीजीआई में बच्ची चोरी के बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। यह अभियान रोहतक के बजाय बड़े स्तर पर चलाया गया। इसमें रोहतक रेंज के पांच जिलों समेत अन्य में भी वाहनों व संदिग्धों की जांच पड़ताल की गई। पीजीआई से बाहर जाने वाले रास्ते पर भी सीआईए की टीम ऑटो, कारों व अन्य वाहनों को खंगालती रही। इस दौरान पीजीआई में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो वार्ड नंबर दो से बच्ची चुराने वाली महिला दिखाई दी। पुलिस के लिए यह फुटेज बच्ची चुराने वाली महिला को पकड़ने में अहम रही। इसी के आधार पर सोनीपत पुलिस ने महिला को पहचान कर उसे काबू किया।
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ऊपर सीढ़ियों में ले जाकर बदला बच्ची का कंबल
पीजीआई के गायनी विभाग से बच्ची को चुरा कर महिला पहले ऊपर गई। यहां सीढ़ियों पर ही उसके शरीर पर लिपटा कंबल हटाकर अपना रंग-बिरंगा कंबल लपेटा। ऐसा उसने किसी के पहचान में आने से बचने के लिए किया। वहां से नीचे आकर सीढ़ियों के पास कुछ देर खड़ी रही। फिर हाथ में थैला लिए बाहर निकल गई।
सड़क से नहीं, पोस्टमार्टम हाउस के पास से निकली महिला
पीजीआई से बच्ची चुराने के बाद महिला सड़क से नहीं गई। वह सामने के रास्ते मेडिकल मोड़ होते हुए जाने के बजाय पोस्टमार्टम हाउस की ओर से गई। महिला यहीं से रेलवे लाइन पार कर कैंपस से बाहर हुई। इसके बाद सोनीपत की राह ली। ऐसे में साफ है कि महिला बच्चा चोरी की पहले से तैयारी कर चुकी थी। यही नहीं वह बचने के चोर रास्ते तक जानती थी। कैंपस से बाहर निकलने के लिए इन्हीं का इस्तेमाल किया।
व्हॉट्सअप और सीसीटीवी फुटेज ने पकड़वाई बच्चा चोर महिला
- सोनीपत पुलिस ने व्हाट्सअप ग्रुप में डाली आरोपी महिला की फोटो, बच्ची के कंबल से हुई पहचान
- सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी निकले थे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने, दिल्ली कैंप में महिला को देखकर शक हुआ
- राठधना गांव की रहने वाली महिला ने बचने के लिए पुलिस के सामने आधे घंटे में तीन बार बदले बयान
- सोनीपत पुलिस की सूचना पर पहुंची रोहतक पुलिस महिला के साथ उसके पति, सास व एक अन्य को लेकर गई
फोटो 38 : बच्चे के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी में हिरासत में ली गई महिला व पुलिस कर्मी की गोद में बच्ची।
फोटो 39 : बच्चे के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी में हिरासत ली गई महिला।
फोटो 40 : सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल कुमार।
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
पीजीआई से वीरवार को बच्ची चुराने वाली महिला को पकड़ने में सोशल साइट ने बड़ी मदद की। पुलिस ने इनकी मदद से महज सवा चार घंटे में न केवल आरोपी महिला को पहचाना बल्कि उसे पकड़ कर नवजात को भी सकुशल बरामद कर लिया। व्हाट्सअप पर सीसीटीवी से मिला फोटो वायरल हुआ तो पुलिस ने संदिग्ध महिला की तलाश तेज कर दी। सोनीपत पुलिस ने कैमरे खंगालते समय बच्ची को ले जा रही महिला को देखा।
वीरवार शाम को करीब साढ़े चार बजे सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल कुमार अपने साथी कर्मी एचसी रमेश के साथ अपने क्षेत्र के संस्थानों में लगे सीसीटीवी जांचने के लिए निकले थे। इसी बीच दिल्ली कैंप में उन्हें एक महिला दिखाई दी। महिला ने पुलिस को देखकर अपना चेहरा मोड़ लिया। जिस पर पुलिस उसके पास गई और पुलिस ग्रुप में वायरल फोटो से उसका हुलिया मिलता देख उससे गोद में लिए बच्चे के बारे में पूछताछ की। जिससे महिला ने बच्चे को अपना बताया। उस पर शक के आधार जब गहनता से पूछताछ की तो उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि वह अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आई है। फिर पुलिस ने बच्चा दिखाने को कहा तो उसने कहा कि दो बाइक्स सवार महिला व पुरुष उसका बच्चा छीन ले गए और उसे बच्ची देकर चले गए। जिस पर पुलिस ने तुरंत महिला पुलिस को बताकर उसे काबू कर लिया। उसे थाने में लाया गया। जहां से रोहतक पुलिस से संपर्क किया गया। रोहतक से पहुंचे पीजीआई रोहतक थाना प्रभारी प्रमोद व महिला पुलिस टीम में शामिल पूनम व उषा चौकी में पहुंचे। आरोपी महिला ने अपनी पहचान सोनीपत के गांव राठधना की रहने वाली महक के रूप में दी। पुलिस ने उसके पति दिनेश, सास व महिला के जानकार ककरोई निवासी एक युवक को भी चौकी में बुलवा लिया। जिसके बाद रोहतक पुलिस टीम चारों को अपने साथ लेकर रोहतक चली गई। रोहतक पुलिस उनसे पूछताछ कर कई खुलासे कर सकती है।
पीजीआई में दर्ज हैै बच्ची के अपहरण मामला
जिस बच्ची के साथ महिला को पकड़ा गया है उसके अपहरण का मामला पीजीआई रोहतक में दर्ज हुआ है। गोहाना के गौतम नगर की रहने वाली मनीषा को बुधवार को पीजीआई रोहतक में लाया गया था। जहां उसे सुबह 11 बजे बच्ची को जन्म दिया था। मनीषा अपनी ननद रिंकल व बच्ची के साथ दवाई लेने की लाइन में खड़ी थी। रिंकल उसकी बच्ची को गोद में लिए थे। इसी बीच अचानक मनीषा को चक्कर आ गया। आरोप है कि वहां पर महक भी खड़ी थी। उसने रिंकल से बच्ची को ले लिया और मनीषा को मदद देने को कहा। जब रिंकल अपनी भाभी की मदद करने लगी तो इसी बीच महक बच्ची को पीजीआई से अपहरण कर भाग निकली। जब रिंकल का ध्यान उसकी तरफ गया तो उसे ना पाकर उसने शोर मचा दिया। बाद में रोहतक पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने पीजीआई में सीसीटीवी की जांच की तो उसमें महक बच्चे को कंबल में लेकर भागती दिख रही थी। जिसकी फुटेज को पुलिस के ग्रुप में वायरल किया और सोनीपत पुलिस ने महिला को दबोच लिया।
चौकी प्रभारी अनिल ने बखूबी निभाई ड्यूटी, सजगता से पकड़ी गई महिला
बच्ची के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल सही मायने में हीरो साबित हुए। उनकी सजगता से ही महिला को दबोचा जा सका। वीरवार दोपहर साढ़े 12 एसपीटी सोनीपत पुलिस के ग्रुप में महिला का बच्ची को कंबल में लपेटे हुए का फोटा वायरल हुआ था। उसके बाद से अनिल ने फोटो देखकर अपने रूटीन कामों को शुरू कर दिया था। शाम को जब वह सीसीटीवी की चैकिंग पर निकले तो उनके साथ एचसी रमेश थे। दिल्ली कैंप में उन्हें एक महिला बच्ची को कंबल में लपेटकर खड़ी दिखाई दी। उन्हें तुरंत ध्यान आया कि संतरी रंग के कंबल में बच्ची का अपहरण किया गया था। जिस पर उन्होंने महिला को शक के आधार पर पकडक़र उससे पूछताछ की। शक होने पर उसे काबू कर लिया गया।
इस तरह बदले महिला ने अपने बयान
जब महिला को पकड़ा गया तो उसने कहा कि बच्ची उसकी है। उसके बाद पूछताछ में कहा कि अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आई है। कुछ देर बाद कहा कि वह अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आ रही थी। गांधी चौक व बस अड्डे के बीच दो बाइक्स पर आए दो महिला व दो युवकों ने उसके बच्चे को उससे छीन लिया और बच्ची को थमाकर चले गए। उसके लगातार बयान बदलने पर उसे शक के आधार पर काबू किया गया।
महिला बोली उसे हुआ था प्री-मेच्योर बच्चा
पकड़े जाने के बाद महिला ने पुलिस के सामने एक अन्य कहानी बताई कि उसे पीजीआई रोहतक में 31 दिसंबर, 2018 को प्री-मैच्योर बच्चा हुआ था। जिसका वजन महज 600 ग्राम था। उसके बाद उसे नर्सरी में रखा गया था। वहां से वह वीरवार को अपनी बच्चे का लेकर आई थी। उसे दो बाइक्स पर सवार होकर आए दो महिला व दो युवक छीन कर ले गए।
पीजीआई में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रही है महिला
बच्ची के साथ पकड़ी गई महिला के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह पीजीआई रोहतक में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रही है। बच्ची का अपहरण कर जब वह भागी तो उसे मैन गेट पर पकड़े जाने का डर था। जिसके चलते ही वह पीजीआई में शव गृह के पीछे से निकलकर बाहर भाग निकली। जिससे उसे वहां पकड़ा नहीं जा सका।
वर्जन :
रोहतक पीजीआई से बच्ची के अपहरण के बारे में पुलिस ग्रुप में वायरल हुए फोटो से पता लगा था। जिसके बाद से बच्ची के बारे में पता लगाया जा रहा था। शाम को जब मैं गश्त व चैकिंग पर निकला तो इसी दौरान महिला को देखकर उस पर शक हो गया। साथ ही वायरल फोटो में देखे गए कंबल के आधार पर उसमें लिपटी बच्ची के कारण शक ज्यादा गहरा गया। बाद में महिला से पूछताछ हुई तो वह बयान बदलने लगी। तभी उसे हिरासत में लिया गया। मामला रोहतक पीजीआई थाने का था। जिसेक चलते वहां की पुलिस से संपर्क कर बच्ची व महिला को उन्हें सौंप दिया गया। अब कार्रवाई रोहतक पुलिस करेगी।
अनिल कुमार, चौकी प्रभारी, सिक्का कॉलोनी सोनीपत।
वर्जन :
पीजीआई से वर्ष 2017 में एक बच्चा चोरी हुआ था, जिसमें अभी तक बच्चा चोर का पता नहीं लग सका है। उस समय बच्चा चोरी के मामले में बनाई गई एसआईटी का इंचार्ज मुझे बनाया गया था और उस समय जांच में सामने आया था कि महिला ने बच्चा चोरी किया है। जिस तरह से यह महिला पीजीआई से बच्चा लेकर भागी है, उसको देखते हुए 2017 में हुए बच्चा चोरी के तार भी इससे जुड़ सकते है। उसको देखते हुए भी जांच कराई जाएगी।
-रविंद्र कुमार, डीएसपी सिटी
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नवजात बच्ची की तलाश में जुटी पुलिस ने शाम करीब साढ़े चार बजे सोनीपत में बच्ची को बरामद किया। यहीं उसे चुराने वाली महिला भी थी। इन्हें लेकर रात करीब नौ बजे पुलिस रोहतक पहुंची। इसके बाद पीजीआई थाने में उसके बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने बच्ची को रात करीब नौ बजकर 20 मिनट पर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना नाम सोनीपत के रठधाना की महक उर्फ ममता बताया है। पूछताछ में इसके साथ अन्य लोगों के भी नाम सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस कुछ भी कहने से परहेज बरत रही है।
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पीजीआई में बच्ची चोरी के बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। यह अभियान रोहतक के बजाय बड़े स्तर पर चलाया गया। इसमें रोहतक रेंज के पांच जिलों समेत अन्य में भी वाहनों व संदिग्धों की जांच पड़ताल की गई। पीजीआई से बाहर जाने वाले रास्ते पर भी सीआईए की टीम ऑटो, कारों व अन्य वाहनों को खंगालती रही। इस दौरान पीजीआई में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो वार्ड नंबर दो से बच्ची चुराने वाली महिला दिखाई दी। पुलिस के लिए यह फुटेज बच्ची चुराने वाली महिला को पकड़ने में अहम रही। इसी के आधार पर सोनीपत पुलिस ने महिला को पहचान कर उसे काबू किया।
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पीजीआई के गायनी विभाग से बच्ची को चुरा कर महिला पहले ऊपर गई। यहां सीढ़ियों पर ही उसके शरीर पर लिपटा कंबल हटाकर अपना रंग-बिरंगा कंबल लपेटा। ऐसा उसने किसी के पहचान में आने से बचने के लिए किया। वहां से नीचे आकर सीढ़ियों के पास कुछ देर खड़ी रही। फिर हाथ में थैला लिए बाहर निकल गई।
सड़क से नहीं, पोस्टमार्टम हाउस के पास से निकली महिला
पीजीआई से बच्ची चुराने के बाद महिला सड़क से नहीं गई। वह सामने के रास्ते मेडिकल मोड़ होते हुए जाने के बजाय पोस्टमार्टम हाउस की ओर से गई। महिला यहीं से रेलवे लाइन पार कर कैंपस से बाहर हुई। इसके बाद सोनीपत की राह ली। ऐसे में साफ है कि महिला बच्चा चोरी की पहले से तैयारी कर चुकी थी। यही नहीं वह बचने के चोर रास्ते तक जानती थी। कैंपस से बाहर निकलने के लिए इन्हीं का इस्तेमाल किया।
व्हॉट्सअप और सीसीटीवी फुटेज ने पकड़वाई बच्चा चोर महिला
- सोनीपत पुलिस ने व्हाट्सअप ग्रुप में डाली आरोपी महिला की फोटो, बच्ची के कंबल से हुई पहचान
- सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी निकले थे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने, दिल्ली कैंप में महिला को देखकर शक हुआ
- राठधना गांव की रहने वाली महिला ने बचने के लिए पुलिस के सामने आधे घंटे में तीन बार बदले बयान
- सोनीपत पुलिस की सूचना पर पहुंची रोहतक पुलिस महिला के साथ उसके पति, सास व एक अन्य को लेकर गई
फोटो 38 : बच्चे के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी में हिरासत में ली गई महिला व पुलिस कर्मी की गोद में बच्ची।
फोटो 39 : बच्चे के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी में हिरासत ली गई महिला।
फोटो 40 : सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल कुमार।
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
पीजीआई से वीरवार को बच्ची चुराने वाली महिला को पकड़ने में सोशल साइट ने बड़ी मदद की। पुलिस ने इनकी मदद से महज सवा चार घंटे में न केवल आरोपी महिला को पहचाना बल्कि उसे पकड़ कर नवजात को भी सकुशल बरामद कर लिया। व्हाट्सअप पर सीसीटीवी से मिला फोटो वायरल हुआ तो पुलिस ने संदिग्ध महिला की तलाश तेज कर दी। सोनीपत पुलिस ने कैमरे खंगालते समय बच्ची को ले जा रही महिला को देखा।
वीरवार शाम को करीब साढ़े चार बजे सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल कुमार अपने साथी कर्मी एचसी रमेश के साथ अपने क्षेत्र के संस्थानों में लगे सीसीटीवी जांचने के लिए निकले थे। इसी बीच दिल्ली कैंप में उन्हें एक महिला दिखाई दी। महिला ने पुलिस को देखकर अपना चेहरा मोड़ लिया। जिस पर पुलिस उसके पास गई और पुलिस ग्रुप में वायरल फोटो से उसका हुलिया मिलता देख उससे गोद में लिए बच्चे के बारे में पूछताछ की। जिससे महिला ने बच्चे को अपना बताया। उस पर शक के आधार जब गहनता से पूछताछ की तो उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि वह अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आई है। फिर पुलिस ने बच्चा दिखाने को कहा तो उसने कहा कि दो बाइक्स सवार महिला व पुरुष उसका बच्चा छीन ले गए और उसे बच्ची देकर चले गए। जिस पर पुलिस ने तुरंत महिला पुलिस को बताकर उसे काबू कर लिया। उसे थाने में लाया गया। जहां से रोहतक पुलिस से संपर्क किया गया। रोहतक से पहुंचे पीजीआई रोहतक थाना प्रभारी प्रमोद व महिला पुलिस टीम में शामिल पूनम व उषा चौकी में पहुंचे। आरोपी महिला ने अपनी पहचान सोनीपत के गांव राठधना की रहने वाली महक के रूप में दी। पुलिस ने उसके पति दिनेश, सास व महिला के जानकार ककरोई निवासी एक युवक को भी चौकी में बुलवा लिया। जिसके बाद रोहतक पुलिस टीम चारों को अपने साथ लेकर रोहतक चली गई। रोहतक पुलिस उनसे पूछताछ कर कई खुलासे कर सकती है।
पीजीआई में दर्ज हैै बच्ची के अपहरण मामला
जिस बच्ची के साथ महिला को पकड़ा गया है उसके अपहरण का मामला पीजीआई रोहतक में दर्ज हुआ है। गोहाना के गौतम नगर की रहने वाली मनीषा को बुधवार को पीजीआई रोहतक में लाया गया था। जहां उसे सुबह 11 बजे बच्ची को जन्म दिया था। मनीषा अपनी ननद रिंकल व बच्ची के साथ दवाई लेने की लाइन में खड़ी थी। रिंकल उसकी बच्ची को गोद में लिए थे। इसी बीच अचानक मनीषा को चक्कर आ गया। आरोप है कि वहां पर महक भी खड़ी थी। उसने रिंकल से बच्ची को ले लिया और मनीषा को मदद देने को कहा। जब रिंकल अपनी भाभी की मदद करने लगी तो इसी बीच महक बच्ची को पीजीआई से अपहरण कर भाग निकली। जब रिंकल का ध्यान उसकी तरफ गया तो उसे ना पाकर उसने शोर मचा दिया। बाद में रोहतक पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने पीजीआई में सीसीटीवी की जांच की तो उसमें महक बच्चे को कंबल में लेकर भागती दिख रही थी। जिसकी फुटेज को पुलिस के ग्रुप में वायरल किया और सोनीपत पुलिस ने महिला को दबोच लिया।
चौकी प्रभारी अनिल ने बखूबी निभाई ड्यूटी, सजगता से पकड़ी गई महिला
बच्ची के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल सही मायने में हीरो साबित हुए। उनकी सजगता से ही महिला को दबोचा जा सका। वीरवार दोपहर साढ़े 12 एसपीटी सोनीपत पुलिस के ग्रुप में महिला का बच्ची को कंबल में लपेटे हुए का फोटा वायरल हुआ था। उसके बाद से अनिल ने फोटो देखकर अपने रूटीन कामों को शुरू कर दिया था। शाम को जब वह सीसीटीवी की चैकिंग पर निकले तो उनके साथ एचसी रमेश थे। दिल्ली कैंप में उन्हें एक महिला बच्ची को कंबल में लपेटकर खड़ी दिखाई दी। उन्हें तुरंत ध्यान आया कि संतरी रंग के कंबल में बच्ची का अपहरण किया गया था। जिस पर उन्होंने महिला को शक के आधार पर पकडक़र उससे पूछताछ की। शक होने पर उसे काबू कर लिया गया।
इस तरह बदले महिला ने अपने बयान
जब महिला को पकड़ा गया तो उसने कहा कि बच्ची उसकी है। उसके बाद पूछताछ में कहा कि अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आई है। कुछ देर बाद कहा कि वह अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आ रही थी। गांधी चौक व बस अड्डे के बीच दो बाइक्स पर आए दो महिला व दो युवकों ने उसके बच्चे को उससे छीन लिया और बच्ची को थमाकर चले गए। उसके लगातार बयान बदलने पर उसे शक के आधार पर काबू किया गया।
महिला बोली उसे हुआ था प्री-मेच्योर बच्चा
पकड़े जाने के बाद महिला ने पुलिस के सामने एक अन्य कहानी बताई कि उसे पीजीआई रोहतक में 31 दिसंबर, 2018 को प्री-मैच्योर बच्चा हुआ था। जिसका वजन महज 600 ग्राम था। उसके बाद उसे नर्सरी में रखा गया था। वहां से वह वीरवार को अपनी बच्चे का लेकर आई थी। उसे दो बाइक्स पर सवार होकर आए दो महिला व दो युवक छीन कर ले गए।
पीजीआई में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रही है महिला
बच्ची के साथ पकड़ी गई महिला के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह पीजीआई रोहतक में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रही है। बच्ची का अपहरण कर जब वह भागी तो उसे मैन गेट पर पकड़े जाने का डर था। जिसके चलते ही वह पीजीआई में शव गृह के पीछे से निकलकर बाहर भाग निकली। जिससे उसे वहां पकड़ा नहीं जा सका।
वर्जन :
रोहतक पीजीआई से बच्ची के अपहरण के बारे में पुलिस ग्रुप में वायरल हुए फोटो से पता लगा था। जिसके बाद से बच्ची के बारे में पता लगाया जा रहा था। शाम को जब मैं गश्त व चैकिंग पर निकला तो इसी दौरान महिला को देखकर उस पर शक हो गया। साथ ही वायरल फोटो में देखे गए कंबल के आधार पर उसमें लिपटी बच्ची के कारण शक ज्यादा गहरा गया। बाद में महिला से पूछताछ हुई तो वह बयान बदलने लगी। तभी उसे हिरासत में लिया गया। मामला रोहतक पीजीआई थाने का था। जिसेक चलते वहां की पुलिस से संपर्क कर बच्ची व महिला को उन्हें सौंप दिया गया। अब कार्रवाई रोहतक पुलिस करेगी।
अनिल कुमार, चौकी प्रभारी, सिक्का कॉलोनी सोनीपत।
वर्जन :
पीजीआई से वर्ष 2017 में एक बच्चा चोरी हुआ था, जिसमें अभी तक बच्चा चोर का पता नहीं लग सका है। उस समय बच्चा चोरी के मामले में बनाई गई एसआईटी का इंचार्ज मुझे बनाया गया था और उस समय जांच में सामने आया था कि महिला ने बच्चा चोरी किया है। जिस तरह से यह महिला पीजीआई से बच्चा लेकर भागी है, उसको देखते हुए 2017 में हुए बच्चा चोरी के तार भी इससे जुड़ सकते है। उसको देखते हुए भी जांच कराई जाएगी।
-रविंद्र कुमार, डीएसपी सिटी