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विकलांगों पर भारी पड़ रहा विभाग का फरमान

Sat, 11 Nov 2017 02:30 AM IST
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:30 AM IST
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विकलांगों पर भारी पड़ रहा विभाग का फरमान
फ्लैग : चार हजार पेंशन अटकने का मामला
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हेडिंग : विकलांगों पर भारी पड़ रहा विभाग का फरमान

: नहीं बनवाए पा रहे आधार कार्ड, विभाग ने रोक रखी तीन माह की पेंशन
: पार्षद बोली, विकलांग लोगों को घर जाकर बनाए विभाग आधार कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
समाज कल्याण विभाग का फरमान उन विकलांग लोगों पर भारी पड़ रहा है, जो आधार कार्ड ही बनवा पाने में असमर्थ हैं। शुक्रवार को ही दो केस समाज कल्याण विभाग के पास पहुुंचे। विभाग ने चंडीगढ़ पत्र लिखकर हकीकत से अवगत कराया है, ताकि परेशान पेंशन पात्रों को राहत मिल सके।
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केस नंबर 1 :
घर से निकलने में असमर्थ
पटेल नगर निवासी 40 वर्षीय रेनू बाला शारीरिक तौर पर शत-प्रतिशत विकलांग हैं। वह लघु सचिवालय में जाकर आधार कार्ड नहीं बनवा सकती। क्योंकि घर पर बीमार माता-पिता हैं, जो उसे नहीं लेकर जा सकते। ऊपर से विभाग ने आधार लिंक न होने की वजह से अगस्त, सितंबर व अक्तूबर माह की पेंशन रोक दी। साथ ही आगे भी पेंशन मिलने की उम्मीद नहीं है।
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केस नंबर 2 :
फिंगर प्रिंट नहीं दे पाती वीना
पटेल नगर निवासी 42 वर्षीय वीना मानसिक तौर पर बीमार है। एक लड़की थी, उसकी शादी हो चुकी है। आधार कार्ड बनवाने के लिए उसने पड़ोसियों से मदद ली। पड़ोसी लघु सचिवालय में ले गए। वहां पर आधार बनवाने के लिए जब वीना के फिंगर प्रिंट लेने का प्रयास किया गया तो उसने मानसिक संतुलन खो दिया। क्योंकि वह भीड़ को देकर परेशान हो जाती है। आखिरकार उसे वापस घर लाया गया। साथ ही समाज कल्याण विभाग को पत्र दिया गया कि वीना आधार कार्ड बनवाने में असमर्थ है। उसे बिना आधार लिंक पेंशन दी जाए।
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आधार कार्ड खुद बनवाए विभाग
शहर में वीना और रेनू बाला जैसे केस काफी हैं। विभाग को चाहिए कि ऐसे लोगों के आधार कार्ड बनाने की खुद व्यवस्था करे या बिना आधार कार्ड पेंशन दी जाए। नहीं तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

- अनीता मिगलानी, पार्षद वार्ड नंबर 11
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आधार कार्ड बनवाने में नाकाम दो केस शुक्रवार को उनके नोटिस में आए हैं। समाधान निकालने के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय ई-मेल करके आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है। अब फैसला मुख्यालय की ओर से लिया जाना है।
- राजेश मलिक, पेेंशन आफिसर समाज कल्याण विभाग
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