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अतिक्रमण मामले में डीसी ने मांगी एक्सईएन से रिपोर्ट, कार्रवाई के दिए आदेश
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:31 AM IST
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अतिक्रमण मामले में डीसी ने मांगी एक्सईएन से रिपोर्ट, कार्रवाई के आदेश
चरखी दादरी।
चिड़िया मोड़ के समीप निर्मित नाले पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए डीसी ने विजय कुमार सिद्प्पा ने बुधवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से भी रिपोर्ट तलब की है। एक्सईएन ने डीसी को मौखिक रूप से मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण मिलने पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया है। डीसी ने एक्सईएन को मौका देखकर रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए हैं। इससे पहले भी पीडब्ल्यूडी ने अतिक्रमण हटाने का तर्क दिया था लेकिन एक माह बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहां तक की एसडीएम ने भी पीडब्ल्यूडी को यह अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे लेकिन इनकी पालना अब तक नहीं की गई है। अतिक्रमण के चलते चिड़िया मोड़ ब्लाइंड बनकर रह गया है। इसके चलते हादसों की आशंका भी रहती है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के इस मामले में नीची खींचने से अतिक्रमण करने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं।
करीब चार माह पहले ही पीडब्ल्यूडी ने कॉलेज मोड़ से लेकर चिड़िया मोड़ तक सड़क के दोनों तरफ बरसाती पानी की निकासी के लिए लाखों खर्च कर नालों का निर्माण करवाया था। नालों का निर्माण कार्य पूरा होते ही इस पर अतिक्रमण करने का खेल शुरू हो गया। लोगों ने नाले की स्लैब पर सामान रखकर कब्जा जमा लिया। हालात यह है कि अब इस नाले की स्लैब पर खोखे और झोपड़ियां डाली हुई हैं तो वहीं कुछ रेहड़ी धारक भी यहां अपनी रेहड़ियां खड़ी कर रहे हैं। चिड़िया मोड़ के समीप तो हालात सबसे बुरे हैं। रामनगर की तरफ से आने वाले वाहनों को कॉलेज मोड़ से महेंद्रगढ़ चौक की तरफ जाने वाले वाहन चालक अतिक्रमण के चलते नहीं देख पाते और इससे सड़क हादसों की संभावना भी बनी रहती है। अमर उजाला ने इस मामले को अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया है। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को करीब डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अब तक पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौका देखने भी नहीं पहुंचे। बुधवार को डीसी के संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से इस संबंध में पूछताछ की। एक्सईएन ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। जल्द ही मौका देखकर इसकी रिपोर्ट सौंप देंगे। डीसी ने उन्हें यहां अतिक्रमण को हर हाल में जल्द से जल्द हटाने के निर्देश दिए। डीसी ने एक्सईएन से स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर अतिक्रमण हटाने का लोग विरोध कर रहे हैं तो विभाग पुलिस बल की भी मद ले सकता है और अगर फिर भी कोई अतिक्रमणकारी लड़ाई-झगड़ा या गाली-गलौज करता है तो उसके खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज कराई जाए। एफआईआर दर्ज कराने का फैसला अधिकारी स्वयं भी ले सकते हैं और इसके लिए उनकी अनुमति की जरूरत भी नहीं है।
कोट
अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। वे जल्द ही मौका देखकर रिपोर्ट मुझे सौंपेंगे। अगर वहां अतिक्रमण हुआ है तो उसे हर हाल में जिला प्रशासन हटवाएगा। - विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
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चरखी दादरी।
चिड़िया मोड़ के समीप निर्मित नाले पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए डीसी ने विजय कुमार सिद्प्पा ने बुधवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से भी रिपोर्ट तलब की है। एक्सईएन ने डीसी को मौखिक रूप से मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण मिलने पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया है। डीसी ने एक्सईएन को मौका देखकर रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए हैं। इससे पहले भी पीडब्ल्यूडी ने अतिक्रमण हटाने का तर्क दिया था लेकिन एक माह बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहां तक की एसडीएम ने भी पीडब्ल्यूडी को यह अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे लेकिन इनकी पालना अब तक नहीं की गई है। अतिक्रमण के चलते चिड़िया मोड़ ब्लाइंड बनकर रह गया है। इसके चलते हादसों की आशंका भी रहती है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के इस मामले में नीची खींचने से अतिक्रमण करने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं।
करीब चार माह पहले ही पीडब्ल्यूडी ने कॉलेज मोड़ से लेकर चिड़िया मोड़ तक सड़क के दोनों तरफ बरसाती पानी की निकासी के लिए लाखों खर्च कर नालों का निर्माण करवाया था। नालों का निर्माण कार्य पूरा होते ही इस पर अतिक्रमण करने का खेल शुरू हो गया। लोगों ने नाले की स्लैब पर सामान रखकर कब्जा जमा लिया। हालात यह है कि अब इस नाले की स्लैब पर खोखे और झोपड़ियां डाली हुई हैं तो वहीं कुछ रेहड़ी धारक भी यहां अपनी रेहड़ियां खड़ी कर रहे हैं। चिड़िया मोड़ के समीप तो हालात सबसे बुरे हैं। रामनगर की तरफ से आने वाले वाहनों को कॉलेज मोड़ से महेंद्रगढ़ चौक की तरफ जाने वाले वाहन चालक अतिक्रमण के चलते नहीं देख पाते और इससे सड़क हादसों की संभावना भी बनी रहती है। अमर उजाला ने इस मामले को अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया है। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को करीब डेढ़ माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अब तक पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौका देखने भी नहीं पहुंचे। बुधवार को डीसी के संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से इस संबंध में पूछताछ की। एक्सईएन ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। जल्द ही मौका देखकर इसकी रिपोर्ट सौंप देंगे। डीसी ने उन्हें यहां अतिक्रमण को हर हाल में जल्द से जल्द हटाने के निर्देश दिए। डीसी ने एक्सईएन से स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर अतिक्रमण हटाने का लोग विरोध कर रहे हैं तो विभाग पुलिस बल की भी मद ले सकता है और अगर फिर भी कोई अतिक्रमणकारी लड़ाई-झगड़ा या गाली-गलौज करता है तो उसके खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज कराई जाए। एफआईआर दर्ज कराने का फैसला अधिकारी स्वयं भी ले सकते हैं और इसके लिए उनकी अनुमति की जरूरत भी नहीं है।
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अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। वे जल्द ही मौका देखकर रिपोर्ट मुझे सौंपेंगे। अगर वहां अतिक्रमण हुआ है तो उसे हर हाल में जिला प्रशासन हटवाएगा। - विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
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