{"_id":"607f2d768ebc3e8daa00354e","slug":"50-percent-beds-of-private-hospitals-reserved-for-corona-patients-rohtak-news-rtk605328080","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पतालों के 50 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पतालों के 50 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित
विज्ञापन
जिले के सभी निजी अस्पतालों में 50 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं के तहत इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। सभी निजी अस्पतालों को आधे बेड कोरोना संक्रमितों के लिए रखने होंगे। सभी निजी अस्पताल संचालकों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। आदेश के मुताबिक सिविल सर्जन सभी निजी अस्पतालों में उपलब्ध बेड की संख्या की सूची तैयार करेंगे। जोकि नोडल अधिकारी व अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल को सौंपी जाएगी।
दवाओं के दाम प्रदर्शित किए बिना बिक्री पर प्रतिबंध
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने किसी भी अस्पताल, फार्मेसी, दुकानों द्वारा दवाओं के दाम प्रदर्शित किए बिना उनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। सभी को सरकार द्वारा निर्धारित रेट सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। आदेश के मुताबिक सभी उपमंडलाधीश, वरिष्ठ ड्रग्स कंट्रोलर, ड्रग्स कंट्रोलर, सिविल सर्जन, सभी उप सिविल सर्जन, सभी एसएमओ इन आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे। इनके अलावा सभी क्षेत्र स्तरीय कमेटियां भी इस पर नजर रखेंगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले अस्पताल व फार्मेसी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
दवाओं के दाम प्रदर्शित किए बिना बिक्री पर प्रतिबंध
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने किसी भी अस्पताल, फार्मेसी, दुकानों द्वारा दवाओं के दाम प्रदर्शित किए बिना उनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। सभी को सरकार द्वारा निर्धारित रेट सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। आदेश के मुताबिक सभी उपमंडलाधीश, वरिष्ठ ड्रग्स कंट्रोलर, ड्रग्स कंट्रोलर, सिविल सर्जन, सभी उप सिविल सर्जन, सभी एसएमओ इन आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे। इनके अलावा सभी क्षेत्र स्तरीय कमेटियां भी इस पर नजर रखेंगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले अस्पताल व फार्मेसी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन