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पानी की मांग को लेकर लोगों और अधिकारी में धक्का-मुक्की,
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:48 AM IST
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फ्लैग : दो दिन के आश्वासन के बाद भी नहीं मिला पानी तो टूटा राजीव कॉलोनी, चिन्योट कॉलोनी के लोगों के सब्र का बांध
हैडिंग : डेढ़ घंटे तक नहीं हुई सुनवाई, एसडीई से धक्का-मुक्की, गाली-गलौज
- पेयजल लाइन से पानी पहुंचाने में विभाग असमर्थ, अमृत योजना का सहारा
- उपायुक्त के पास पहुंचा मामला, एसडीएम करेंगे मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पानी की किल्लत को लेकर लोगों का रोष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पानी की मांग करने राजीव कॉलोनी व चिन्योट कॉलोनी के लोग जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे। उनका कहना था कि दो दिन पहले पानी देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक पानी नहीं मिला। जब अधिकारियों ने डेढ़ घंटे तक उनकी सुनवाई नहीं की तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। इस दौरान एसडीई सुरेश अहलावत आए तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और पानी न देने पर खरी-खोटी सुनाईं। आरोप है कि अधिकारी ने इस दौरान अभद्रता की जिसके बाद जमकर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई।
शहर में दो दिन पहले पूर्व पार्षद नौरातामल भटनागर के नेतृत्व में लोग पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों से मिले थे और पानी उपलब्ध कराने की मांग की थी। साथ ही अधिकारियों को चेताया था कि अगर शुक्रवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा कार्यालय में आएंगे। शुक्रवार सुबह पूर्व नौरातामल भटनागर, मोनू, गीता के नेतृत्व में पेयजल समस्या को लेकर महिलाएं, पुरुष व मंगलामुखी अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों में रोष था कि आश्वासन के बाद भी उन्हें पीने के लिए पानी नहीं मिला है और अब कोई अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं आ रहा है। डेढ़ घंटे में लोगों के सब्र का बांध टूट गया। हंगामा होते देखकर विभाग के एसडीई सुरेश अहलावत मौके पर आए। उनकी लोगों से जमकर कहासुनी व धक्का-मुक्की तक हुई।
अभद्रता का आरोप, डीसी से शिकायत, एसडीएम करेंगे जांच
प्रदर्शन करने वालों का आरोप है कि अधिकारी ने महिलाओं से अभद्रता की और एक बुजुर्ग के साथ धक्का मुक्की की। जबकि विभाग उनके एरिया में पानी तक नहीं पहुंचा पाया है। पूर्व पार्षद नौरातामल ने कहा कि अधिकारी की ओर से की गई अभद्रता की शिकायत उन्होंने उपायुक्त को की और मौके पर बनाई गई वीडियो भी दिखाई। इस पर अधिकारी ने तुरंत जांच कराने के आदेश देते हुए एसडीएम के पास भेज दिया। एसडीएम राकेश कुमार ने इस मामले की जांच करते हुए विभाग के अधिकारियों से पूछा कि वह कहां है तो उन्होेंने चीफ इंजीनियर के पास होने की बात कही। इस पर अधिकारी ने डिवीजन के अधिकारियों को कहा कि वह चीफ इंजीनियर से बात कराएं और मीटिंग का कागज उन्हें दें। एसडीएम ने स्थानीय लोगों का आश्वासन दिया है कि वह स्वयं मौके पर जा कर स्थिति का जायजा लेंगे, तो पेयजल समस्या पर भड़की जनता शांत हुई।
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क्या है समस्या
चिन्योट कॉलोनी और राजीव कॉलोनी के कुछ घरों में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। यहां पेयजल लाइन तो बिछाई गई है, लेकिन इसमें पानी टेल एंड की गलियों तक नहीं पहुंच रहा है। यहां अधिकारियों का कहना है कि यहां वह पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं, इसलिए वह टैंकर भिजवा देते हैं। नगर निगम की अमृत योजना के तहत इस एरिया के लिए नई छह इंच की लाइन बिछाने का प्रपोजल है, इसके बिछते ही कोई समस्या नहीं होगी।
बोले अधिकारी
मैं लोगों की समस्या सुनने के लिए आया था, लेकिन कुछ लोगों ने भीड़ में अभद्रता की और धक्का मुक्की की। महिलाओं को मेरी ओर से गाली दिए जाने का आरोप गलत है। जनता को समझना चाहिए कि उनकी समस्या आने के बाद मौके पर जेई समस्या का कारण जानने के लिए जा रहे हैं। पानी की समस्या का जब तक समाधान नहीं हो रहा है, तब तक पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। सरकारी अधिकारी से ड्यूटी के दौरान धक्कामुक्की करना जायज नहीं है।
- सुरेश अहलावत, एसडीई, पब्लिक हेल्थ
मैं मौके पर जा कर आया हूं, हर तरह से प्रयास करने के बाद भी कुछ लोगों के घरों में पानी नहीं जा रहा है। इसकी रिपोर्ट एसडीई व कार्यकारी अभियंता को दे दी गई है। चिन्योट कॉलोनी में पेयजल पहुंचाने के लिए अलग से छह इंची लाइन बिछानी अनिवार्य है। इसके लिए अमृत योजना में प्रोजेक्ट पास है। जब तक समस्या हल नहीं हो रही हम पानी का टैंकर भिजवा रहे हैं।
- राजेश रोहिल्ला, जेई, पब्लिक हेल्थ
बोले अधिकारी
पेयजल की समस्या को लेकर जनता की शिकायत आई है, इसकी जांच एसडीएम को दी गई है। एसडीएम कार्यकारी अभियंता के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच करेंगे। जो भी लोगों की समस्या है उसका समाधान जल्द कराया जाएगा।
- डॉ. यश गर्ग, उपायुक्त
जेई क्यों सुनेगा, जब मंत्री तक पहुंच रही मंथली’
लोगों का आरोप है कि हंगामे के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी एसडीई के बचाव में आ गए। उन्होंने डेढ़ घंटे तक सुनवाई न होने के लोगों के सवाल पर कहा कि ‘विभाग के जेई को कई बार फोन किया जा चुका है लेकिन वह नहीं आ रहे। और वह क्यों आएंगे, जब वह मंत्री तक मंथली पहुंचा रहे हैं। इस आरोप की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।
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फ्लैग : दो दिन के आश्वासन के बाद भी नहीं मिला पानी तो टूटा राजीव कॉलोनी, चिन्योट कॉलोनी के लोगों के सब्र का बांध
हैडिंग : डेढ़ घंटे तक नहीं हुई सुनवाई, एसडीई से धक्का-मुक्की, गाली-गलौज
- पेयजल लाइन से पानी पहुंचाने में विभाग असमर्थ, अमृत योजना का सहारा
- उपायुक्त के पास पहुंचा मामला, एसडीएम करेंगे मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पानी की किल्लत को लेकर लोगों का रोष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पानी की मांग करने राजीव कॉलोनी व चिन्योट कॉलोनी के लोग जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे। उनका कहना था कि दो दिन पहले पानी देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक पानी नहीं मिला। जब अधिकारियों ने डेढ़ घंटे तक उनकी सुनवाई नहीं की तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। इस दौरान एसडीई सुरेश अहलावत आए तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और पानी न देने पर खरी-खोटी सुनाईं। आरोप है कि अधिकारी ने इस दौरान अभद्रता की जिसके बाद जमकर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई।
शहर में दो दिन पहले पूर्व पार्षद नौरातामल भटनागर के नेतृत्व में लोग पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों से मिले थे और पानी उपलब्ध कराने की मांग की थी। साथ ही अधिकारियों को चेताया था कि अगर शुक्रवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा कार्यालय में आएंगे। शुक्रवार सुबह पूर्व नौरातामल भटनागर, मोनू, गीता के नेतृत्व में पेयजल समस्या को लेकर महिलाएं, पुरुष व मंगलामुखी अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों में रोष था कि आश्वासन के बाद भी उन्हें पीने के लिए पानी नहीं मिला है और अब कोई अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं आ रहा है। डेढ़ घंटे में लोगों के सब्र का बांध टूट गया। हंगामा होते देखकर विभाग के एसडीई सुरेश अहलावत मौके पर आए। उनकी लोगों से जमकर कहासुनी व धक्का-मुक्की तक हुई।
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अभद्रता का आरोप, डीसी से शिकायत, एसडीएम करेंगे जांच
प्रदर्शन करने वालों का आरोप है कि अधिकारी ने महिलाओं से अभद्रता की और एक बुजुर्ग के साथ धक्का मुक्की की। जबकि विभाग उनके एरिया में पानी तक नहीं पहुंचा पाया है। पूर्व पार्षद नौरातामल ने कहा कि अधिकारी की ओर से की गई अभद्रता की शिकायत उन्होंने उपायुक्त को की और मौके पर बनाई गई वीडियो भी दिखाई। इस पर अधिकारी ने तुरंत जांच कराने के आदेश देते हुए एसडीएम के पास भेज दिया। एसडीएम राकेश कुमार ने इस मामले की जांच करते हुए विभाग के अधिकारियों से पूछा कि वह कहां है तो उन्होेंने चीफ इंजीनियर के पास होने की बात कही। इस पर अधिकारी ने डिवीजन के अधिकारियों को कहा कि वह चीफ इंजीनियर से बात कराएं और मीटिंग का कागज उन्हें दें। एसडीएम ने स्थानीय लोगों का आश्वासन दिया है कि वह स्वयं मौके पर जा कर स्थिति का जायजा लेंगे, तो पेयजल समस्या पर भड़की जनता शांत हुई।
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क्या है समस्या
चिन्योट कॉलोनी और राजीव कॉलोनी के कुछ घरों में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। यहां पेयजल लाइन तो बिछाई गई है, लेकिन इसमें पानी टेल एंड की गलियों तक नहीं पहुंच रहा है। यहां अधिकारियों का कहना है कि यहां वह पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं, इसलिए वह टैंकर भिजवा देते हैं। नगर निगम की अमृत योजना के तहत इस एरिया के लिए नई छह इंच की लाइन बिछाने का प्रपोजल है, इसके बिछते ही कोई समस्या नहीं होगी।
बोले अधिकारी
मैं लोगों की समस्या सुनने के लिए आया था, लेकिन कुछ लोगों ने भीड़ में अभद्रता की और धक्का मुक्की की। महिलाओं को मेरी ओर से गाली दिए जाने का आरोप गलत है। जनता को समझना चाहिए कि उनकी समस्या आने के बाद मौके पर जेई समस्या का कारण जानने के लिए जा रहे हैं। पानी की समस्या का जब तक समाधान नहीं हो रहा है, तब तक पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। सरकारी अधिकारी से ड्यूटी के दौरान धक्कामुक्की करना जायज नहीं है।
- सुरेश अहलावत, एसडीई, पब्लिक हेल्थ
मैं मौके पर जा कर आया हूं, हर तरह से प्रयास करने के बाद भी कुछ लोगों के घरों में पानी नहीं जा रहा है। इसकी रिपोर्ट एसडीई व कार्यकारी अभियंता को दे दी गई है। चिन्योट कॉलोनी में पेयजल पहुंचाने के लिए अलग से छह इंची लाइन बिछानी अनिवार्य है। इसके लिए अमृत योजना में प्रोजेक्ट पास है। जब तक समस्या हल नहीं हो रही हम पानी का टैंकर भिजवा रहे हैं।
- राजेश रोहिल्ला, जेई, पब्लिक हेल्थ
बोले अधिकारी
पेयजल की समस्या को लेकर जनता की शिकायत आई है, इसकी जांच एसडीएम को दी गई है। एसडीएम कार्यकारी अभियंता के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच करेंगे। जो भी लोगों की समस्या है उसका समाधान जल्द कराया जाएगा।
- डॉ. यश गर्ग, उपायुक्त
जेई क्यों सुनेगा, जब मंत्री तक पहुंच रही मंथली’
लोगों का आरोप है कि हंगामे के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी एसडीई के बचाव में आ गए। उन्होंने डेढ़ घंटे तक सुनवाई न होने के लोगों के सवाल पर कहा कि ‘विभाग के जेई को कई बार फोन किया जा चुका है लेकिन वह नहीं आ रहे। और वह क्यों आएंगे, जब वह मंत्री तक मंथली पहुंचा रहे हैं। इस आरोप की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।