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जल्द शुरू होंगे तीन नए शहरी बिजली फीडर
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:53 AM IST
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जल्द शुरू होंगे तीन नए शहरी बिजली फीडर
चरखी दादरी।
बिजली निगम शहर में तीन नए फीडर और शुरू करने जा रहा है। इससे अब शहर में अब बिजली आपूर्ति में बार-बार ब्रेक डाउन, फॉल्ट व कम फ्रीक्वेंसी का झंझट नहीं रहेगा। निगम की नई प्लानिंग धरातल पर पूरी होने के बाद शहरी फीडरों की संख्या नौ से बढ़कर 12 हो जाएगी। इससे शहर में दोनों मेन पावर सब स्टेशनों का लोड भी कम किया जाएगा। तीन नए फीडर में से दो को घसौला 33 सब स्टेशन से जोड़ा जाएगा। बिजली निगम दीवाली से पहले नए फीडर शुरू करने की प्लानिंग पर तेजी से काम कर रहा है। इस समय बिजली के कटों के अलावा अब लंबे फॅाल्ट निगम भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इससे कर्मचारियों का अधिकतर समय फाल्ट ठीक करने में ही बीत रहा है।
जानकारी के अनुसार शहर में छह से आठ घंटे तक बिजली कट लगे रहे हैं। इस समय शहर में सभी फीडर ओवरलोड चल रहे हैं जिससे फॅाल्ट व ब्रेक डाउन की समस्या लगातार बनी रहती है। गांवों में इस समय 12 से 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। दिन के समय तो चार से पांच घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। शहर में छह से आठ घंटे तक बिजली कट लगे रहे हैं। इस समय शहर में सभी फीडर ओवरलोड चल रहे हैं जिससे फॅाल्ट व ब्रेक डाउन की समस्या लगातार बनी रहती है। शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मरों की संख्या 963 है। यह ट्रांसफार्मर मोटी केबल से कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से मुश्किल से 20 मकानों में ही बिजली आपूर्ति हो पाती है। इनकी केबल में पंक्चर होने की शिकायत सदा बनी रहती है। करीब 30 प्रतिशत केबल पंक्चर पड़ी हैं। इतना ही नहीं शहर में करीब 13 सौ पुराने ट्रंासफार्मर भी हैं जिनमें से करीब 25 प्रतिशत ट्रांसफार्मर लोड चल रहे हैं। जगह-जगह कालोनियों में पुरानी तारें लटकती देखी जा सकती हैं। थोड़ी-सी बारिश व तेज हवाएं चलने पर फॉल्ट आ जाता है। कई जगह तो जमीन पर ही यह ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। एक ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ने पर उसके साथ ही दूसरा ट्रांसफार्मर रख दिया जाता है ताकि जैसे-तैसे लोड को कम किया जा सके। एक बार फॉल्ट आ जाने पर उसे ठीक करने के लिए परमिट लेने पर आसपास की कई कालोनियों में बिजली गायब हो जाती है।
सब स्टेशन उठा पा रहा 850 एम्पीयर लोड
=शहर में रोजाना तीन लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। सब स्टेशन की क्षमता 950 एंपीयर है लेकिन लोड बढ़ जाने पर यह अक्सर 850 एंपीयर तक ही लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने पर पावर कट लगानी पड़ती है तब जाकर सामान्य बन पाता है। शहर में लाइन लोस इस समय 15 से 35 प्रतिशत तक बना हुआ है। पुराने शहर में लाइन लोस की मात्रा कई बार 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। अब शहर में उपभोक्ताओं को आए दिन के फॉल्ट, ब्रेक डाउन व कम फ्रिक्वेंसी की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। बिजली निगम ने इसके लिए प्लानिंग तैयार कर दी है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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प्रेमनगर, घिकाड़ा बाईपास व महेंद्रगढ़ बाईपास फीडर होंगे शुरू
शहर में अब तीन नए फीडर और शुरू होंगे। तीन नए फीडर प्रेमनगर फीडर, घिकाड़ा बाईपास फीडर व महेंद्रगढ़ बाईपास फीडर के नाम बनाए गए हैं। यह नए फीडर दीवाली से पहले वर्किंग में आने की उम्मीद है। प्रेमनगर फीडर व महेंद्रगढ़ बाईपास फीडर को गांव घसौला स्थित 33 केवीए सब स्टेशन से कनेक्ट किया जाएगा जबकि तीसरे घिकाड़ा बाईपास फीडर को शहर के मेन सब स्टेशन-आरडी-जीरो से कनेक्ट किया जाएगा। फिलहाल यह एरिया शहर के मेन सब स्टेशन 132 केवीएम -प्रथम व द्वितीय से कनेक्ट किए हुए हैं।
मुख्य सब स्टेशनों का लो होगा कम
निगम के तीन फीडर चालू करने के बाद शहर के दोनो मेन सब स्टेशनों का लोड भी कम हो जाएगा। इससे शहरी एरिया में बिजली फ्रीक्वेंसी में 80 प्रतिशत तक सुधार आएगा। पावर कटों से निजात मिल सकेगी। एक फीडर की क्षमता 150 से 200 एमवीए तक की जाएगी जबकि इस समय पुराने फीडरों पर 300 एमवीए तक लोड चल रहा है इस वजह से बार-बार लाइन ब्रेक डाउन कर जाती है तथा फॉल्ट बढ़ जाते हैं। सर्दियों के मौसम में लोड बढ़ने पर निगम को बारी-बारी से फीडर चलाने पड़ते हैं।
== वर्जन-
शहर में तीन और नए फीडर बनाए गए हैं। इन्हों जल्द ही चालू करवा दिया जाएगा जिससे ब्रेक डाउन और फॉल्टों से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा। निगम की कोशिश रहेगी कि दीवाली से पहले यह नए फीडर वर्किंग में आ जाए।
एसडीओ विक्रम सिंह, बिजली निगम
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चरखी दादरी।
बिजली निगम शहर में तीन नए फीडर और शुरू करने जा रहा है। इससे अब शहर में अब बिजली आपूर्ति में बार-बार ब्रेक डाउन, फॉल्ट व कम फ्रीक्वेंसी का झंझट नहीं रहेगा। निगम की नई प्लानिंग धरातल पर पूरी होने के बाद शहरी फीडरों की संख्या नौ से बढ़कर 12 हो जाएगी। इससे शहर में दोनों मेन पावर सब स्टेशनों का लोड भी कम किया जाएगा। तीन नए फीडर में से दो को घसौला 33 सब स्टेशन से जोड़ा जाएगा। बिजली निगम दीवाली से पहले नए फीडर शुरू करने की प्लानिंग पर तेजी से काम कर रहा है। इस समय बिजली के कटों के अलावा अब लंबे फॅाल्ट निगम भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इससे कर्मचारियों का अधिकतर समय फाल्ट ठीक करने में ही बीत रहा है।
जानकारी के अनुसार शहर में छह से आठ घंटे तक बिजली कट लगे रहे हैं। इस समय शहर में सभी फीडर ओवरलोड चल रहे हैं जिससे फॅाल्ट व ब्रेक डाउन की समस्या लगातार बनी रहती है। गांवों में इस समय 12 से 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। दिन के समय तो चार से पांच घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। शहर में छह से आठ घंटे तक बिजली कट लगे रहे हैं। इस समय शहर में सभी फीडर ओवरलोड चल रहे हैं जिससे फॅाल्ट व ब्रेक डाउन की समस्या लगातार बनी रहती है। शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मरों की संख्या 963 है। यह ट्रांसफार्मर मोटी केबल से कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से मुश्किल से 20 मकानों में ही बिजली आपूर्ति हो पाती है। इनकी केबल में पंक्चर होने की शिकायत सदा बनी रहती है। करीब 30 प्रतिशत केबल पंक्चर पड़ी हैं। इतना ही नहीं शहर में करीब 13 सौ पुराने ट्रंासफार्मर भी हैं जिनमें से करीब 25 प्रतिशत ट्रांसफार्मर लोड चल रहे हैं। जगह-जगह कालोनियों में पुरानी तारें लटकती देखी जा सकती हैं। थोड़ी-सी बारिश व तेज हवाएं चलने पर फॉल्ट आ जाता है। कई जगह तो जमीन पर ही यह ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। एक ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ने पर उसके साथ ही दूसरा ट्रांसफार्मर रख दिया जाता है ताकि जैसे-तैसे लोड को कम किया जा सके। एक बार फॉल्ट आ जाने पर उसे ठीक करने के लिए परमिट लेने पर आसपास की कई कालोनियों में बिजली गायब हो जाती है।
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सब स्टेशन उठा पा रहा 850 एम्पीयर लोड
=शहर में रोजाना तीन लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। सब स्टेशन की क्षमता 950 एंपीयर है लेकिन लोड बढ़ जाने पर यह अक्सर 850 एंपीयर तक ही लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने पर पावर कट लगानी पड़ती है तब जाकर सामान्य बन पाता है। शहर में लाइन लोस इस समय 15 से 35 प्रतिशत तक बना हुआ है। पुराने शहर में लाइन लोस की मात्रा कई बार 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। अब शहर में उपभोक्ताओं को आए दिन के फॉल्ट, ब्रेक डाउन व कम फ्रिक्वेंसी की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। बिजली निगम ने इसके लिए प्लानिंग तैयार कर दी है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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प्रेमनगर, घिकाड़ा बाईपास व महेंद्रगढ़ बाईपास फीडर होंगे शुरू
शहर में अब तीन नए फीडर और शुरू होंगे। तीन नए फीडर प्रेमनगर फीडर, घिकाड़ा बाईपास फीडर व महेंद्रगढ़ बाईपास फीडर के नाम बनाए गए हैं। यह नए फीडर दीवाली से पहले वर्किंग में आने की उम्मीद है। प्रेमनगर फीडर व महेंद्रगढ़ बाईपास फीडर को गांव घसौला स्थित 33 केवीए सब स्टेशन से कनेक्ट किया जाएगा जबकि तीसरे घिकाड़ा बाईपास फीडर को शहर के मेन सब स्टेशन-आरडी-जीरो से कनेक्ट किया जाएगा। फिलहाल यह एरिया शहर के मेन सब स्टेशन 132 केवीएम -प्रथम व द्वितीय से कनेक्ट किए हुए हैं।
मुख्य सब स्टेशनों का लो होगा कम
निगम के तीन फीडर चालू करने के बाद शहर के दोनो मेन सब स्टेशनों का लोड भी कम हो जाएगा। इससे शहरी एरिया में बिजली फ्रीक्वेंसी में 80 प्रतिशत तक सुधार आएगा। पावर कटों से निजात मिल सकेगी। एक फीडर की क्षमता 150 से 200 एमवीए तक की जाएगी जबकि इस समय पुराने फीडरों पर 300 एमवीए तक लोड चल रहा है इस वजह से बार-बार लाइन ब्रेक डाउन कर जाती है तथा फॉल्ट बढ़ जाते हैं। सर्दियों के मौसम में लोड बढ़ने पर निगम को बारी-बारी से फीडर चलाने पड़ते हैं।
== वर्जन-
शहर में तीन और नए फीडर बनाए गए हैं। इन्हों जल्द ही चालू करवा दिया जाएगा जिससे ब्रेक डाउन और फॉल्टों से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा। निगम की कोशिश रहेगी कि दीवाली से पहले यह नए फीडर वर्किंग में आ जाए।
एसडीओ विक्रम सिंह, बिजली निगम