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जिले की 35 पंचायत नहीं चाहती गांव में बिके शराब, एफआईआर आ रही आड़े

Sat, 29 Feb 2020 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 02:42 AM IST
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35 panchayats of the district do not want liquor sold in the village, FIR is coming
जिले की 35 पंचायत नहीं चाहती कि उनके गांवों में शराब बिके। इसके लिए पंचायतों ने प्रस्ताव पास करके डीडीपीओ के माध्यम से आबकारी एवं कराधान विभाग को भेजे हैं। विभाग ने पंचायतों की सूची चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दी है, जहां से अगले सप्ताह उन गांवों की सूची जारी होगी, जो शराबबंदी की शर्तों को पूरी कर रहे हैं। जिले में पांच गांव ही ऐसे हैं, जो सभी शर्त पूरी कर रहे हैं। क्योंकि ढाई साल के अंदर 30 गांवों में कभी न कभी अवैध शराब बिकने का मामला सामने आया है।
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प्रदेश सरकार ने साल 2020 -21 के लिए आबकारी नीति जारी कर दी है। इसके तहत विभाग जल्द ठेकों की बोली करवाएगा। अबकी बार ठेकेदारों को जोन वाइज शराब ठेके नहीं दिए जाएंगे, बल्कि ओपन बोली के तहत जोन में ठेकों का आवंटन होगा। इतना ही नहीं, आबकारी नीति के तहत सरकार उन गांवों में शराब का ठेका नहीं खोलेगी, जहां की पंचायत प्रस्ताव करके भेजती है। साथ ही गांव आबकारी विभाग की सभी शर्तों को पूरा करता है। नियमों के तहत गांव की सीमा में वित्त वर्ष 2017-18, 2018 -19 व 1 अप्रैल 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक अवैध शराब बेचने का एक भी केस सामने नहीं आया हो। इसके संबंधित में एरिया के थाने में आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं होना चाहिए। यह शर्त बेहद कड़ी है, लेकिन आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार सरकार उन गांवों को नियम में राहत दे सकती है, जहां ढाई साल में ही अवैध शराब बेचने का एक केस सामने आया है। रोहतक में शराबबंदी के लिए आवेदन करने वाली 35 पंचायतों में ऐसे 11 गांव शामिल हैं।
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जिले का सबसे अधिक व सबसे कम आबादी वाले गांव का भेजा आवेदन
गठबंधन सरकार में शामिल जजपा ने सूचना घोषणा पत्र में वादा किया था कि गांवों में शराब नहीं बिकेगी। डिप्टी सीएम बनने के बाद दुष्यंत चौटाला की हिदायत पर सरकार ने व्यवस्था कि इसके लिए गांव की पूरी पंचायत को लिखित में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजना होगा। प्रस्ताव पर 10 प्रतिशत जनसभा के हस्ताक्षर होने चाहिए। जिले के सबसे बड़े गांव मोखरा की खादन, छाछयान, खास, रोज व खेड़ी पंचायत ने प्रस्ताव पास करके आबकारी विभाग को भेजा है कि उनके गांव में शराब का ठेका नहीं खुलना चाहिए। इसके लिए ग्राम सभा के 10500 सदस्यों ने प्रस्ताव पास किया है। जबकि सबसे कम ग्राम सदस्यों का गांव भैणी सुरजन भी नहीं चाहता कि उनके यहां शराब बिके।
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पांच गांवों में शराब का ठेका न खुलना तय, 11 पंचायत को भी राहत संभव
आबकारी विभाग के नियमों के तहत उसी गांवों में शराब का ठेका नहीं खुलेगा, जहां ढाई साल में अवैध शराब का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। इसमें आवेदन करने वाले 35 गांवों में सांपला खंड का गांव नौनंद, रोहतक खंड का गांव सिंहपुरा खुर्द, नसीरपुर व काहनी व कलानौर खंड का गांव माड़ौदी रांगड़ान शामिल हैं। इसके अलावा गांव ब्राह्मणवास, सिसरौली, मकड़ौली खुर्द, माड़ौदी जाटान, बलंबा, भैणी सुरजन, इंद्रगढ़, भालौठ, सिंहपुरा कलां, दतौड़ व काहनी गांव में अवैध शराब बिक्री का एक ही केस सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ऐसे गांवों को भी राहत मिल सकती है।
बोहर के ग्रामीण शराबबंदी के पक्ष में, गांव निगम की सीमा में
बोहर गांव वार्ड नंबर 9 में आता है, जिसके पार्षद जयभगवान ठेकेदार हैं। हालांकि उनके भी शराब के ठेके हैं, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों को लिखकर दिया था कि वे गांव के साथ हैं। शराब का ठेका नहीं खुलना चाहिए, लेकिन विभाग ने कहा कि यह योजना केवल ग्रामीण एरिया के लिए है। बोहर गांव नगर निगम के अंदर आता है।

पंचायत आबादी अवैध शराब का केस
ब्राह्मणवास 1800 1
सासरौली 700 1
मकड़ौली खुर्द 3400 1
नसीरपुर 997 शून्य
माड़ौदी रांगड़ान 1500 शून्य
माड़ौदी जाटान 1800 1
काहनी साढ़े 7 1535 शून्य
इस्माईला 11 बिसवां 4950 8
बलंब 2020 1
नया बांस 2400 3
भैणी महाराजपुर 510 12
भगवतीपुर 4000 5
भैणी सुरजन 495 1
सुंडाना 3200 6
सांगाहेड़ा 1800 2
कहानौर 5000 7
इंद्रगढ़ 1300 1
भालौठ 5750 1
गिझी 2500 2
निडाना 2700 2
बालंद 5650 2
सिंहपुरा कलां 3000 1
सिंहपुरा खुर्द 1175 शून्य
मदीना गिंदरान 5100 2
मोखरा 12500 9
दतौड़ 2410 1
समरगोपालपुर कलां 4500 5
रिठाल फौगाट 4875 4
नौनंद 3600 शून्य
काहनी साढ़ूे 12 1420 1
बसाना 2600 2
टिटौली 7000 12
बनियानी 5050 4
चिड़ी 7200 2
विभाग ने 35 पंचायतों के प्रस्ताव पास करके मुख्यालय भेजे हुए हैं। अब नियमों के तहत सरकार तय करेगी कि कौन से गांव में शराब का ठेका नहीं खुलेगा। सोमवार तक गांवों की सूची आने की संभावना है।
- डॉ. जेएस जाखड़, डीईटीसी एक्साइज
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