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वीसी को मिली तीन साल की हरी झंडी
Updated Sat, 26 May 2018 02:52 AM IST
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कुलपति डॉ. ओपी कालरा को तीन साल की हरी झंडी
फोटो सहित एसएनजे तीन व चार
कुलपति डॉ. ओपी कालरा।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा के राज्यपाल एवं पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने हरियाणा सरकार की सिफारिशों पर पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा का कार्यकाल आगामी तीन साल तक बढ़ा दिया है। इस पर कुलपति डॉ. कालरा ने कुलाधिपति व हरियाणा सरकार का आभार जताते हुए कहा है कि उनकी प्राथमिकता होगी कि विवि को देश के टॉप थ्री हेल्थ विश्वविद्यालयों में शामिल किया जाए।
28 जुलाई 1955 में जन्मे डॉ. ओपी कालरा ने वर्ष 1977 में अलीगढ़ विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद, 1981 में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से एमडी की। यहीं से 1993 में नेफ्रोलॉजी विभाग में डीएम की। इसके बाद यूएसए और यूके में किडनी डिसीज एवं डायलिसिस के क्षेत्र में फेलोशिप प्राप्त की। 2015 में राष्ट्रपति से प्रतिष्ठित शिक्षक की श्रेणी में डॉ. बीसी रॉय अवार्ड से सम्मानित होने के बाद उन्होंने 27 मई 2015 को हेल्थ विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति का पदभार संभाला। डॉ. कालरा के कार्यकाल में विवि को नैक से मान्यता मिली और संस्थान की बायोकेमिस्ट्री विभाग की लैब को भी एनएबीएच की मान्यता मिली। अधिकारी के नाम सीआरएस ओपीडी को सेंट्रल एसी बनवाने, धन्वंतरि अपैक्स ट्रॉमा सेंटर की शुरूआत करने का श्रेय है। इसके अलावा मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के अलावा नियोनेटोलॉजी विभाग शुरू करवाने की तैयारी है। मॉडर्न ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू कांप्लेक्स का कार्य तेजी से चल रहा है। डॉ. कालरा के प्रयासों का परिणाम है कि 2015 से पहले मरीजों को एमआरआई, सीटी स्कैन करवाने के लिए जहां महीनों की वेटिंग मिलती थी, वहां अब ओपीडी में पीपीपी मोड पर सारी जांच तुरंत हो जाती हैं। विश्वविद्यालय टॉप पांच हेल्थ विश्वविद्यालयों में शुमार हो चुका है और पीजीआई टॉप 25 कॉलेजों में, पीजीआईडीएस टॉप 7 कॉलेजों मे, फार्मेसी कॉलेज देश के करीब 1100 कॉलेजों में से टॉप 38 में आ गया है।
ये सुविधाएं भी मिलीं संस्थान को
निशुल्क पार्किंग, मरीजों का कंप्यूटर पर पंजीकरण, डिजिटल रेडियोग्राफी, आपात विभाग के बाहर सड़का को चौड़ा करना, अपैक्स ट्रॉमा सेंटर की सड़क को पांच लेन बनवाना, राज्य मानसिक संस्थान में ट्रेनिंग ब्लॉक, परिसर में तीन वीटा बूथ की स्थापना, संस्थान को वाईफाई फ्री जोन बनाना, पीजीआईडीएस में दांतों की सीटी स्कैन सुविधा, मोबाइल सिगनल की समस्या के लिए तीन टावरों को मंजूरी।
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आगामी समय में इनका रहेगा प्रयास
- लाला श्याम लाल सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बहुत जल्द नई कैथ लैब एंजियोप्लास्टी के लिए लगवाई जाए।
- बेरी व डीघल में भी छात्रावास के लिए किया टेंडर।
- स्पोर्ट्स मेडिसिन कोर्स जल्द होगा संस्थान में शुरू
- स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के बजट को 4 करोड़ से बढ़ाकर किया 10 करोड़, जल्द प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा विश्व स्तरीय इलाज
- चिकित्सकों एवं नॉन टीचिंग कर्मचारियों के लिए बनवाएंगे बहुमंजिला फ्लैट
- उच्च स्तर के नवीन चिकित्सकीय उपकरण, वेंटिलेटर व एनेस्थीसिया मशीन की होगी खरीद
- न्यूक्लियर मेडिसिन कांप्लेक्स एवं लीनियर एक्सेलेरेटर स्थापित करवाने की कोशिश
- चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए फैकल्टी हाउस एवं कम्यूनिटी सेंटर
- मेडिकल मोड़ पर एंट्री के लिए भव्य गेट का डिजाइन तैयार होगा
- अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए किया गया है प्रपोजल तैयार
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फोटो सहित एसएनजे तीन व चार
कुलपति डॉ. ओपी कालरा।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा के राज्यपाल एवं पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने हरियाणा सरकार की सिफारिशों पर पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा का कार्यकाल आगामी तीन साल तक बढ़ा दिया है। इस पर कुलपति डॉ. कालरा ने कुलाधिपति व हरियाणा सरकार का आभार जताते हुए कहा है कि उनकी प्राथमिकता होगी कि विवि को देश के टॉप थ्री हेल्थ विश्वविद्यालयों में शामिल किया जाए।
28 जुलाई 1955 में जन्मे डॉ. ओपी कालरा ने वर्ष 1977 में अलीगढ़ विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद, 1981 में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से एमडी की। यहीं से 1993 में नेफ्रोलॉजी विभाग में डीएम की। इसके बाद यूएसए और यूके में किडनी डिसीज एवं डायलिसिस के क्षेत्र में फेलोशिप प्राप्त की। 2015 में राष्ट्रपति से प्रतिष्ठित शिक्षक की श्रेणी में डॉ. बीसी रॉय अवार्ड से सम्मानित होने के बाद उन्होंने 27 मई 2015 को हेल्थ विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति का पदभार संभाला। डॉ. कालरा के कार्यकाल में विवि को नैक से मान्यता मिली और संस्थान की बायोकेमिस्ट्री विभाग की लैब को भी एनएबीएच की मान्यता मिली। अधिकारी के नाम सीआरएस ओपीडी को सेंट्रल एसी बनवाने, धन्वंतरि अपैक्स ट्रॉमा सेंटर की शुरूआत करने का श्रेय है। इसके अलावा मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के अलावा नियोनेटोलॉजी विभाग शुरू करवाने की तैयारी है। मॉडर्न ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू कांप्लेक्स का कार्य तेजी से चल रहा है। डॉ. कालरा के प्रयासों का परिणाम है कि 2015 से पहले मरीजों को एमआरआई, सीटी स्कैन करवाने के लिए जहां महीनों की वेटिंग मिलती थी, वहां अब ओपीडी में पीपीपी मोड पर सारी जांच तुरंत हो जाती हैं। विश्वविद्यालय टॉप पांच हेल्थ विश्वविद्यालयों में शुमार हो चुका है और पीजीआई टॉप 25 कॉलेजों में, पीजीआईडीएस टॉप 7 कॉलेजों मे, फार्मेसी कॉलेज देश के करीब 1100 कॉलेजों में से टॉप 38 में आ गया है।
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ये सुविधाएं भी मिलीं संस्थान को
निशुल्क पार्किंग, मरीजों का कंप्यूटर पर पंजीकरण, डिजिटल रेडियोग्राफी, आपात विभाग के बाहर सड़का को चौड़ा करना, अपैक्स ट्रॉमा सेंटर की सड़क को पांच लेन बनवाना, राज्य मानसिक संस्थान में ट्रेनिंग ब्लॉक, परिसर में तीन वीटा बूथ की स्थापना, संस्थान को वाईफाई फ्री जोन बनाना, पीजीआईडीएस में दांतों की सीटी स्कैन सुविधा, मोबाइल सिगनल की समस्या के लिए तीन टावरों को मंजूरी।
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आगामी समय में इनका रहेगा प्रयास
- लाला श्याम लाल सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बहुत जल्द नई कैथ लैब एंजियोप्लास्टी के लिए लगवाई जाए।
- बेरी व डीघल में भी छात्रावास के लिए किया टेंडर।
- स्पोर्ट्स मेडिसिन कोर्स जल्द होगा संस्थान में शुरू
- स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के बजट को 4 करोड़ से बढ़ाकर किया 10 करोड़, जल्द प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा विश्व स्तरीय इलाज
- चिकित्सकों एवं नॉन टीचिंग कर्मचारियों के लिए बनवाएंगे बहुमंजिला फ्लैट
- उच्च स्तर के नवीन चिकित्सकीय उपकरण, वेंटिलेटर व एनेस्थीसिया मशीन की होगी खरीद
- न्यूक्लियर मेडिसिन कांप्लेक्स एवं लीनियर एक्सेलेरेटर स्थापित करवाने की कोशिश
- चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए फैकल्टी हाउस एवं कम्यूनिटी सेंटर
- मेडिकल मोड़ पर एंट्री के लिए भव्य गेट का डिजाइन तैयार होगा
- अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए किया गया है प्रपोजल तैयार