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सरपंच और लाइनमैन की मदद से उपभोक्ताओं को बांटें जाएंगे बिजली बिल
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:42 AM IST
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सरपंच और लाइनमैन की मदद से उपभोक्ताओं को बांटें जाएंगे बिजली बिल
चरखी दादरी।
बिजली बिल वितरण के लिए नियुक्त निजी कंपनी के कर्मचारियों की ओर से बिजली के बिल के वितरण में हाथ खड़े करने पर निगम अधिकारियों ने अब एक ओर योजना तैयार की है। इसके तहत शहरी बिजली बिल वितरण की जिम्मेदारी सरपंचों और निगम के लाइनमैनों को दी जाएगी। वहीं बिजली निगम कार्यालय में कैशलेस बिजली बिल जमा करने के लिए कोई सुविधा शुरू नहीं हुई है। मशीन तो पहुंच चुकी है लेकिन इस स्वैप मशीन को चालू नहीं किया जा सका है।
निजी हाथों में सौंपने के बाद बिजली मीटर रीडिंग व बिल वितरण प्रणाली जिले में बुरी तरह लड़खड़ाई हुई है। इनमें भारी त्रुटियों सामने आ रही हैं और उपभोक्ता आए दिन निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। बाढड़ा में गलत बिजली बिल वितरण का विरोध हुआ तो बौंदकलां में भी बिजली वितरण में खामियां होने की बात सामने आई। शहरी उपभोक्ता भी बिजली बिल ठीक कराने के लिए निगम अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काटने को विवश है। किसी उपभोक्ता को पिछले करीब तीन माह से नियमित बिजली बिल नहीं मिल पा रहा तो किसी के घर बिना रीडिंग दर्ज किए ही बिजली बिल भेजा जा रहा था। लगातार इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद अब बिजली बिल वितरण का ठेका लेने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने अचानक से हाथ खड़े कर दिए हैं। बिजली बिल वितरण से कंपनी के कर्मचारियों द्वारा इंकार कर दिए जाने पर जिले में बिजली बिल वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। इससे शहरी व ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल पा रहे हैं ऐसे में बिल राशि जमा करवाने की अंतिम तिथि नजदीक आने पर उपभोक्ताओं में भी बेचैनी बढ़ गई है। अब बिजली निगम गांवों में सरपंचों व लाइनमैन की मदद से बिल बंटवाए जाने की प्लानिंग पर तत्परता से काम रहा है ताकि जैसे-तैस बिल बांटे जा सके जिससे सरकारी राजस्व पर प्रतिकूल असर न पड़ने पाए।
साढ़े 22 हजार उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही परेशानियां
जिले में इस समय करीब साढ़े 22 हजार बिजली कनेक्शन उपभोक्ता हैं। इनमें शहरी उपभोक्ताओं की संख्या करीब 15 हजार है तो वहीं ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या 7500 है। शहर में करीब साढ़े 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं जिले में प्रति माह बिजली खपत 7.25 करोड़ यूनिट है। शहर की प्रतिमाह बिजली खपत 82 लाख यूनिट है। गांवों में 11 हजार 127 बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं जबकि शहर में 1300 पुराने व 863 लाल रंग के ट्रांसफार्मर हैं जिनके जरिए शहर में बिजली आपूर्ति की जाती है। गांवों में बिजली आपूर्ति 12 से 14 घंटे तक की जा रही है जबकि शहर को अब 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने का प्रावधान है।
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एक्स-सर्विसमैन की जगह निजी कंपनी को दिया था ठेका
पिछले कई सालों से बिजली बिल वितरण का कार्य एक्स सर्विस कर्मचारियों के जरिए किया जा रहा था। पिछले दिनों संबंधित कंपनी ने एक्स सर्विस मैन से यह बिजली बिल वितरण का कार्य वापिस ले लिया । अब एक्स सर्विस मैन कर्मचारी बिजली वितरण का कार्य नहीं कर रहे हैं। इसके बाद बिजली वितरण का ठेका किसी दूसरी कंपनी को दे दिया। इस कंपनी ने अपने नए कर्मचारी लगा लिए थे। इन नए कर्मचारियों को बिजली वितरण का काम सौंपा गया था।
अंतिम तिथि में एक सप्ताह शेष, नहीं बंटने शुरू हुए बिजली बिल
अब इन नए कर्मचारियों द्वारा बिजली बिल वितरण करने से अचानक इंकार कर दिए जाने पर बिजली निगम अधिकारियों की सांसें फूल गई हैं। इस माह में बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि भी है। अब बिजली वितरण का काम एकदम ठप हो गया है जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं पा रहे हैं। बिजली बिल समय पर नहीं मिला तो उपभोक्ताओं में लेट फीस का चार्ज भी लगने का डर बना हुा है। बिजली निगम अधिकारियों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास लगातार जारी हैं। गांवों में कुछ एरिया में बिजली बिल राशि जमा करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर तो कुछ एरिया में 20 व तो कुछ एरिया में बिल जमा करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर है। प्रति दो माह में बांटे जाते हैं बिल
बिजली निगम दो माह में एक बार बिजली बिलों का वितरण करता है। पिछले साल प्रति माह बिल भेजने की प्लानिंग तैयार की थी लेकिन यह प्लान सिरे नहीं चढ़ सकी। इस पर निगम ने यह निर्णय वापिस लेना पड़ा था। अब बिजली निगम ने आनन-फानन में जैसे तैसे बिल बंटवाने के लिए बिजली लाइनमैन व सरपंचों की मदद लिए जाने की प्लानिंग तैयार की है। गांवों में कार्यरत लाइनमैन को इस बारे में अवगत कराया जा रहा है।
छुट्टी के दिन भी भागदौड़ में जुटे अधिकारी
बिजली निगम अधिकारी अब ऐसी स्थिति में छुटटी के दिन भी दिनभर भागदौड़ में जुटे हैं ताकि जैसे-तैसे अंतिम तिथि से पहले यह बिजली बिल उपभोक्ताओं के पास भिजवाए जा सके और बिजली निगम को राजस्व की प्राप्ति समय पर हो सके। कई बड़े गांवों में बिजली बिल बांटने का काम और भी परेशानी भरा है। इन गांवों में बिल वितरण में तीन से चार दिन तक समय लग जाता है।
11 से 21 नवंबर तक भरे जाने हैं सभी बिल
बिजली निगम की बिल जमा करवाने की अंतिम तिथि 21 नवंबर तक है। यह बिल एरिया वाइज 11 से 21 नवंबर तक जमा होने है। इतना ही नहीं बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें भी अधिकारियों को आए दिन परेशान कर रही हैं। बिल राशि ज्यादा आने पर उपभोक्ताओं में निगम के प्रति नाराजगी बनी हुई है। उपभोक्ताओं को भी समय- समय पर कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
=== वर्सन-
कंपनी कर्मचारियों ने बिल बांटने से इंकार कर दिया है। अब बिजली निगम के लाइनमैन व सरपंचों की मदद लिए जाने की प्लानिंग है। जल्द ही बिल समय पर बंटवा दिए जाएंगे। उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। निगम बिल बटवाने के काम में जुटा है।
एसडीओ जयप्रकाश घणघस, बिजली निगम
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चरखी दादरी।
बिजली बिल वितरण के लिए नियुक्त निजी कंपनी के कर्मचारियों की ओर से बिजली के बिल के वितरण में हाथ खड़े करने पर निगम अधिकारियों ने अब एक ओर योजना तैयार की है। इसके तहत शहरी बिजली बिल वितरण की जिम्मेदारी सरपंचों और निगम के लाइनमैनों को दी जाएगी। वहीं बिजली निगम कार्यालय में कैशलेस बिजली बिल जमा करने के लिए कोई सुविधा शुरू नहीं हुई है। मशीन तो पहुंच चुकी है लेकिन इस स्वैप मशीन को चालू नहीं किया जा सका है।
निजी हाथों में सौंपने के बाद बिजली मीटर रीडिंग व बिल वितरण प्रणाली जिले में बुरी तरह लड़खड़ाई हुई है। इनमें भारी त्रुटियों सामने आ रही हैं और उपभोक्ता आए दिन निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। बाढड़ा में गलत बिजली बिल वितरण का विरोध हुआ तो बौंदकलां में भी बिजली वितरण में खामियां होने की बात सामने आई। शहरी उपभोक्ता भी बिजली बिल ठीक कराने के लिए निगम अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काटने को विवश है। किसी उपभोक्ता को पिछले करीब तीन माह से नियमित बिजली बिल नहीं मिल पा रहा तो किसी के घर बिना रीडिंग दर्ज किए ही बिजली बिल भेजा जा रहा था। लगातार इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद अब बिजली बिल वितरण का ठेका लेने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने अचानक से हाथ खड़े कर दिए हैं। बिजली बिल वितरण से कंपनी के कर्मचारियों द्वारा इंकार कर दिए जाने पर जिले में बिजली बिल वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। इससे शहरी व ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल पा रहे हैं ऐसे में बिल राशि जमा करवाने की अंतिम तिथि नजदीक आने पर उपभोक्ताओं में भी बेचैनी बढ़ गई है। अब बिजली निगम गांवों में सरपंचों व लाइनमैन की मदद से बिल बंटवाए जाने की प्लानिंग पर तत्परता से काम रहा है ताकि जैसे-तैस बिल बांटे जा सके जिससे सरकारी राजस्व पर प्रतिकूल असर न पड़ने पाए।
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साढ़े 22 हजार उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही परेशानियां
जिले में इस समय करीब साढ़े 22 हजार बिजली कनेक्शन उपभोक्ता हैं। इनमें शहरी उपभोक्ताओं की संख्या करीब 15 हजार है तो वहीं ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या 7500 है। शहर में करीब साढ़े 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं जिले में प्रति माह बिजली खपत 7.25 करोड़ यूनिट है। शहर की प्रतिमाह बिजली खपत 82 लाख यूनिट है। गांवों में 11 हजार 127 बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं जबकि शहर में 1300 पुराने व 863 लाल रंग के ट्रांसफार्मर हैं जिनके जरिए शहर में बिजली आपूर्ति की जाती है। गांवों में बिजली आपूर्ति 12 से 14 घंटे तक की जा रही है जबकि शहर को अब 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने का प्रावधान है।
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एक्स-सर्विसमैन की जगह निजी कंपनी को दिया था ठेका
पिछले कई सालों से बिजली बिल वितरण का कार्य एक्स सर्विस कर्मचारियों के जरिए किया जा रहा था। पिछले दिनों संबंधित कंपनी ने एक्स सर्विस मैन से यह बिजली बिल वितरण का कार्य वापिस ले लिया । अब एक्स सर्विस मैन कर्मचारी बिजली वितरण का कार्य नहीं कर रहे हैं। इसके बाद बिजली वितरण का ठेका किसी दूसरी कंपनी को दे दिया। इस कंपनी ने अपने नए कर्मचारी लगा लिए थे। इन नए कर्मचारियों को बिजली वितरण का काम सौंपा गया था।
अंतिम तिथि में एक सप्ताह शेष, नहीं बंटने शुरू हुए बिजली बिल
अब इन नए कर्मचारियों द्वारा बिजली बिल वितरण करने से अचानक इंकार कर दिए जाने पर बिजली निगम अधिकारियों की सांसें फूल गई हैं। इस माह में बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि भी है। अब बिजली वितरण का काम एकदम ठप हो गया है जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं पा रहे हैं। बिजली बिल समय पर नहीं मिला तो उपभोक्ताओं में लेट फीस का चार्ज भी लगने का डर बना हुा है। बिजली निगम अधिकारियों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास लगातार जारी हैं। गांवों में कुछ एरिया में बिजली बिल राशि जमा करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर तो कुछ एरिया में 20 व तो कुछ एरिया में बिल जमा करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर है। प्रति दो माह में बांटे जाते हैं बिल
बिजली निगम दो माह में एक बार बिजली बिलों का वितरण करता है। पिछले साल प्रति माह बिल भेजने की प्लानिंग तैयार की थी लेकिन यह प्लान सिरे नहीं चढ़ सकी। इस पर निगम ने यह निर्णय वापिस लेना पड़ा था। अब बिजली निगम ने आनन-फानन में जैसे तैसे बिल बंटवाने के लिए बिजली लाइनमैन व सरपंचों की मदद लिए जाने की प्लानिंग तैयार की है। गांवों में कार्यरत लाइनमैन को इस बारे में अवगत कराया जा रहा है।
छुट्टी के दिन भी भागदौड़ में जुटे अधिकारी
बिजली निगम अधिकारी अब ऐसी स्थिति में छुटटी के दिन भी दिनभर भागदौड़ में जुटे हैं ताकि जैसे-तैसे अंतिम तिथि से पहले यह बिजली बिल उपभोक्ताओं के पास भिजवाए जा सके और बिजली निगम को राजस्व की प्राप्ति समय पर हो सके। कई बड़े गांवों में बिजली बिल बांटने का काम और भी परेशानी भरा है। इन गांवों में बिल वितरण में तीन से चार दिन तक समय लग जाता है।
11 से 21 नवंबर तक भरे जाने हैं सभी बिल
बिजली निगम की बिल जमा करवाने की अंतिम तिथि 21 नवंबर तक है। यह बिल एरिया वाइज 11 से 21 नवंबर तक जमा होने है। इतना ही नहीं बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें भी अधिकारियों को आए दिन परेशान कर रही हैं। बिल राशि ज्यादा आने पर उपभोक्ताओं में निगम के प्रति नाराजगी बनी हुई है। उपभोक्ताओं को भी समय- समय पर कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
=== वर्सन-
कंपनी कर्मचारियों ने बिल बांटने से इंकार कर दिया है। अब बिजली निगम के लाइनमैन व सरपंचों की मदद लिए जाने की प्लानिंग है। जल्द ही बिल समय पर बंटवा दिए जाएंगे। उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। निगम बिल बटवाने के काम में जुटा है।
एसडीओ जयप्रकाश घणघस, बिजली निगम