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आर्थिक सर्वेक्षण के लिए ड्यूटी लगाने पर भड़के शिक्षक, नहीं लिया प्रशिक्षण
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:48 AM IST
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आर्थिक सर्वेक्षण के लिए ड्यूटी लगाने पर भड़के शिक्षक, नहीं लिया प्रशिक्षण
नारनौल। आर्थिक सर्वेक्षण के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से नाराज शिक्षकों ने शुक्रवार को पंचायत विभाग के खिलाफ जमकर विरोध जताया। शिक्षकों को शुक्रवार को पंचायत भवन के मीटिंग हाल में आर्थिक सर्वेक्षण के लिए प्रशिक्षण लेने के लिए बुलाया गया था। जहां शिक्षकों जानकारी लगी की उन्हें आर्थिक सर्वेक्षण स्कूल की छुट्टी के बाद करना होगा। इस पर शिक्षक नाराज हो गए और बिना प्रशिक्षण लिए ही हाल से बाहर एकत्रित होकर इसका विरोध जताने लगे।
दिनेश कुमार, मनीराम, रमेश कुमार, सुशील कुमार, रामसिंह, कर्मबीर, गुलशन, पवन कुमार, मोहनलाल व आनंद जोशी आदि शिक्षकों ने बताया कि सरकार व प्रशासन ने पहले ही उनकी बीएलओ के रूप में चुनावी ड्यूटी लगा रखी है ऊपर से आर्थिक सर्वेक्षण के लिए भी ड्यूटी लगा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शनिवार से स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में अगर शिक्षक आर्थिक सर्वेक्षण करेगा तो बच्चों की पढ़ाई कैसे हो पाएगी। जबकि स्कूल का रिजल्ट खराब आने पर शिक्षकों को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व महेंद्रगढ़ में भी शिक्षकों की इसी प्रकार ड्यूटी लगाने का प्रयास किया गया था, लेकिन शिक्षकों के विरोध करने पर ड्यूटी नहीं लगाई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा कोई सर्वेक्षण करवाना चाहती है तो वह आंगनबाड़ी, आशा वर्कर या फिर अन्य बेरोजगार युवाओं को यह कार्य सौंपे।
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नारनौल। आर्थिक सर्वेक्षण के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से नाराज शिक्षकों ने शुक्रवार को पंचायत विभाग के खिलाफ जमकर विरोध जताया। शिक्षकों को शुक्रवार को पंचायत भवन के मीटिंग हाल में आर्थिक सर्वेक्षण के लिए प्रशिक्षण लेने के लिए बुलाया गया था। जहां शिक्षकों जानकारी लगी की उन्हें आर्थिक सर्वेक्षण स्कूल की छुट्टी के बाद करना होगा। इस पर शिक्षक नाराज हो गए और बिना प्रशिक्षण लिए ही हाल से बाहर एकत्रित होकर इसका विरोध जताने लगे।
दिनेश कुमार, मनीराम, रमेश कुमार, सुशील कुमार, रामसिंह, कर्मबीर, गुलशन, पवन कुमार, मोहनलाल व आनंद जोशी आदि शिक्षकों ने बताया कि सरकार व प्रशासन ने पहले ही उनकी बीएलओ के रूप में चुनावी ड्यूटी लगा रखी है ऊपर से आर्थिक सर्वेक्षण के लिए भी ड्यूटी लगा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शनिवार से स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में अगर शिक्षक आर्थिक सर्वेक्षण करेगा तो बच्चों की पढ़ाई कैसे हो पाएगी। जबकि स्कूल का रिजल्ट खराब आने पर शिक्षकों को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व महेंद्रगढ़ में भी शिक्षकों की इसी प्रकार ड्यूटी लगाने का प्रयास किया गया था, लेकिन शिक्षकों के विरोध करने पर ड्यूटी नहीं लगाई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा कोई सर्वेक्षण करवाना चाहती है तो वह आंगनबाड़ी, आशा वर्कर या फिर अन्य बेरोजगार युवाओं को यह कार्य सौंपे।
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