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दाखिला नहीं मिला तो छात्राओं ने लगाया जाम
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:47 AM IST
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दाखिला नहीं मिला तो छात्राओं ने लगाया जाम
नारनौल। सरकार द्वारा महिला कालेजों में 20 प्रतिशत सीट बढ़ाये जाने के बावजूद भी इसका लेटर नहीं मिला। सोमवार को फिजिकल काउंसलिंग के लिए पहुंची छात्राओं को कालेज में सीटें नहीं होने की बात कहकर कालेज प्रशासन ने उन्हें लौटा दिया। इस बात से नाराज छात्राओं ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बहरोड़ चौक पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर पर पहुंचे अस्पताल चौकी प्रभारी गोविंद कुमार ने छात्राओं को समझाबुझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद छात्राओं ने एक मांगपत्र कालेज प्राचार्य पूर्ण प्रभा को सौंप कर कालेज में सीटें बढ़ाने की मांग की।
जाम लगाने वाली छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में बढ़ी सीटों पर दाखिला नहीं मिल रहा है। स्नातक स्तर पर दाखिला नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते छात्राओं ने सोमवार दोपहर 12 बजे राजकीय महिला कालेज के बाहर रोड जाम कर रोष जताया। करीब 45 मिनट लगे इस जाम में छोटे-बड़े कई वाहन फंसे रहे।
पुलिस की टीम ने खुलवाया जाम
सूचना मिलने पर अस्पताल पुलिस चौकी इंचार्ज गोविंद व महिला पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर जाम लगा रही छात्राओं की समस्या सुनीं तथा प्राचार्य के माध्यम से उनका मांग पत्र उच्चाधिकारियों को प्रेषित करवा जाम खुलवाया। इसके बाद छात्राएं अपने घरों को लौट गई।
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सरकार कर रही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का झूठा प्रचार
जाम लगा रही छात्राओं ने बताया कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का जोर-शोर से प्रचार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ नारनौल की सैकड़ों बेटियाें को दाखिला लेने के लिए 8 जून से भाग-दौड़ कर रही हैं। 2 महीने का समय बीतने के बावजूद उन्हें आज तक दाखिला नहीं मिला है। आज 31 जुलाई को फिजिकल काउंसिलिंग के तहत दाखिले दिए जाने थे लेकिन कालेज में पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि यहां यूजी में एससी उम्मीदवार को छोड़ कर सभी सीटों पर दाखिला दे दिया गया है। ऐसे में सीटें रिक्त न होने के कारण आज कोई फिजिकल काउंसलिंग नहीं होगी। छात्राओं ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी लगने के बाद वे बुरी तरह आहत हुई हैं। अब उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़ कर घर बैठने का भय सताने लगा है। यूनिवर्सिटी व सरकार के इस फैसले को लेकर छात्राओं में भारी रोष है। इसी रोष के चलते आज उन्हें रोड जाम कर कालेज प्रबंधन व सरकार का ध्यान इस ओर दिलाने का प्रयास किया है। सरकार को चाहिए कि कालेज स्तर पर पढ़ने वाली हर बेटी के लिए दाखिले की व्यवस्था करे। महिला कालेज की कार्यकारी प्राचार्य पूर्ण प्रभा ने बताया कि सीटें बढ़ा कर छात्राओं को दाखिला देने की बात जायज है। पढ़ाई करना उनका मौलिक अधिकार है। ऐसे में अपने मौलिक अधिकार के लिए संघर्ष करना छात्राओं का हक है।
जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की
वहीं छात्राओं ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि यूनिवर्सिटी व सरकार महिला कालेजों में बढ़ाई गई 20 प्रतिशत सीटों पर दाखिला देने के लिए जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाए। वहीं आवश्यकता पड़ने पर और सीटें बढ़ाने की घोषणा किए जाने की मांग भी की।
शिक्षा मंत्री ने हाल ही में महिला कालेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक कालेजों में इस संदर्भ में कोई पत्र नहीं पहुंचा है। -पूर्ण प्रभा, प्राचार्य, महिला कालेज, नारनौल।
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नारनौल। सरकार द्वारा महिला कालेजों में 20 प्रतिशत सीट बढ़ाये जाने के बावजूद भी इसका लेटर नहीं मिला। सोमवार को फिजिकल काउंसलिंग के लिए पहुंची छात्राओं को कालेज में सीटें नहीं होने की बात कहकर कालेज प्रशासन ने उन्हें लौटा दिया। इस बात से नाराज छात्राओं ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बहरोड़ चौक पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर पर पहुंचे अस्पताल चौकी प्रभारी गोविंद कुमार ने छात्राओं को समझाबुझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद छात्राओं ने एक मांगपत्र कालेज प्राचार्य पूर्ण प्रभा को सौंप कर कालेज में सीटें बढ़ाने की मांग की।
जाम लगाने वाली छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में बढ़ी सीटों पर दाखिला नहीं मिल रहा है। स्नातक स्तर पर दाखिला नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते छात्राओं ने सोमवार दोपहर 12 बजे राजकीय महिला कालेज के बाहर रोड जाम कर रोष जताया। करीब 45 मिनट लगे इस जाम में छोटे-बड़े कई वाहन फंसे रहे।
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पुलिस की टीम ने खुलवाया जाम
सूचना मिलने पर अस्पताल पुलिस चौकी इंचार्ज गोविंद व महिला पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर जाम लगा रही छात्राओं की समस्या सुनीं तथा प्राचार्य के माध्यम से उनका मांग पत्र उच्चाधिकारियों को प्रेषित करवा जाम खुलवाया। इसके बाद छात्राएं अपने घरों को लौट गई।
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सरकार कर रही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का झूठा प्रचार
जाम लगा रही छात्राओं ने बताया कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का जोर-शोर से प्रचार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ नारनौल की सैकड़ों बेटियाें को दाखिला लेने के लिए 8 जून से भाग-दौड़ कर रही हैं। 2 महीने का समय बीतने के बावजूद उन्हें आज तक दाखिला नहीं मिला है। आज 31 जुलाई को फिजिकल काउंसिलिंग के तहत दाखिले दिए जाने थे लेकिन कालेज में पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि यहां यूजी में एससी उम्मीदवार को छोड़ कर सभी सीटों पर दाखिला दे दिया गया है। ऐसे में सीटें रिक्त न होने के कारण आज कोई फिजिकल काउंसलिंग नहीं होगी। छात्राओं ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी लगने के बाद वे बुरी तरह आहत हुई हैं। अब उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़ कर घर बैठने का भय सताने लगा है। यूनिवर्सिटी व सरकार के इस फैसले को लेकर छात्राओं में भारी रोष है। इसी रोष के चलते आज उन्हें रोड जाम कर कालेज प्रबंधन व सरकार का ध्यान इस ओर दिलाने का प्रयास किया है। सरकार को चाहिए कि कालेज स्तर पर पढ़ने वाली हर बेटी के लिए दाखिले की व्यवस्था करे। महिला कालेज की कार्यकारी प्राचार्य पूर्ण प्रभा ने बताया कि सीटें बढ़ा कर छात्राओं को दाखिला देने की बात जायज है। पढ़ाई करना उनका मौलिक अधिकार है। ऐसे में अपने मौलिक अधिकार के लिए संघर्ष करना छात्राओं का हक है।
जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की
वहीं छात्राओं ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि यूनिवर्सिटी व सरकार महिला कालेजों में बढ़ाई गई 20 प्रतिशत सीटों पर दाखिला देने के लिए जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाए। वहीं आवश्यकता पड़ने पर और सीटें बढ़ाने की घोषणा किए जाने की मांग भी की।
शिक्षा मंत्री ने हाल ही में महिला कालेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक कालेजों में इस संदर्भ में कोई पत्र नहीं पहुंचा है। -पूर्ण प्रभा, प्राचार्य, महिला कालेज, नारनौल।