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मंजूल पालिवाल
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स्वामी दयानंद ने बिखरे समाज को किया समरस: सुभाष आहूजा
रोहतक। सामाजिक समरसता मंच रोहतक की ओर से वैश्य महाविद्यालय में स्वामी दयानंद सरस्वती की 195वीं जयंती पर सामाजिक समरसता एवं स्वामी दयानंद विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रांत संपर्क प्रमुख सुभाष आहूजा, मुख्य वक्ता पूनम आर्या व प्रवेश आर्या राष्ट्रीय संयोजिका बेटी बचाओ आंदोलन व सतीश गोयल प्रबंध समिति सदस्य वैश्य संस्था ने दीप प्रज्वलित करके किया। गोष्ठी का संचालन राजेश गहलोत ने किया। मंच के प्रांत सह संयोजक मंजुल पालीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुभाष आहूजा ने कहा कि स्वामी दयानंद ने बिखरे समाज को समरस करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। उनसे प्रेरणा लेकर अनेक महापुरुष स्वतंत्रता आंदोलन में आए। मुख्य वक्ता पूनम आर्या ने कहा कि आज महर्षि दयानंद स्वामी के विचारों को अपने जीवन में धारण करने की आवश्यकता है। उनके जीवन की प्रत्येक घटना में विज्ञान व अध्यात्म का प्रतिबिंब स्पष्ट दिखाई देता है। उनकी शिक्षाओं में मनुष्यता की बाते हैं। वेदों की ओर लौटने का आवाहन है। इस अवसर पर डॉ. वीके मित्तल, प्राचार्य वीरेंदर बलोदा, अलका सिंघल, डॉ. मनोज, सतीश गोयल, नेम चंद गर्ग, वीरेंद्र खुराना आदि उपस्थित रहे।
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स्वामी दयानंद ने बिखरे समाज को किया समरस: सुभाष आहूजा
रोहतक। सामाजिक समरसता मंच रोहतक की ओर से वैश्य महाविद्यालय में स्वामी दयानंद सरस्वती की 195वीं जयंती पर सामाजिक समरसता एवं स्वामी दयानंद विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रांत संपर्क प्रमुख सुभाष आहूजा, मुख्य वक्ता पूनम आर्या व प्रवेश आर्या राष्ट्रीय संयोजिका बेटी बचाओ आंदोलन व सतीश गोयल प्रबंध समिति सदस्य वैश्य संस्था ने दीप प्रज्वलित करके किया। गोष्ठी का संचालन राजेश गहलोत ने किया। मंच के प्रांत सह संयोजक मंजुल पालीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुभाष आहूजा ने कहा कि स्वामी दयानंद ने बिखरे समाज को समरस करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। उनसे प्रेरणा लेकर अनेक महापुरुष स्वतंत्रता आंदोलन में आए। मुख्य वक्ता पूनम आर्या ने कहा कि आज महर्षि दयानंद स्वामी के विचारों को अपने जीवन में धारण करने की आवश्यकता है। उनके जीवन की प्रत्येक घटना में विज्ञान व अध्यात्म का प्रतिबिंब स्पष्ट दिखाई देता है। उनकी शिक्षाओं में मनुष्यता की बाते हैं। वेदों की ओर लौटने का आवाहन है। इस अवसर पर डॉ. वीके मित्तल, प्राचार्य वीरेंदर बलोदा, अलका सिंघल, डॉ. मनोज, सतीश गोयल, नेम चंद गर्ग, वीरेंद्र खुराना आदि उपस्थित रहे।
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