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Rohtak News: वकीलों के वर्क सस्पेंड से 2 हजार केस प्रभावित
Tue, 28 May 2024 02:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 28 May 2024 02:40 AM IST
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रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन में सोमवार को वकीलों का वर्क सस्पेंड रहा। इसक चलते कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके साथ ही वकीलों के मुंशी भी अदालत में पेश नहीं हुए।
जिला बार एसोसिएशन की ओर से वर्क सस्पेंड न्यायिक अधिकारियों की कार्य प्रणाली को लेकर किया गया। कार्य स्थगित करने की वजह से जिला बार एसोसिएशन में स्थित 17 कोर्ट में करीब 2 हजार से अधिक केस पर असर पड़ा। वहीं, अधिकतर मामलों में न्यायालय ने तारीख लगाकर अपनी कार्रवाई पूरी की। अधिकतर मुव्वकिल कोर्ट में पेश होकर अपने केस में तारीख लेकर चले गए। ज्ञात हो कि सोमवार का दिन काफी मायने भी रखता है।
कारण यह है कि शनिवार और रविवार को कोर्ट की छुट्टी होती है। ऐसे में सोमवार के दिन कार्य का काफी बोझ होता है। कई लोग कोर्ट में अपने कार्यों के लिए जरूर आए, मगर वापस निराश होकर चले गए। क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा हुआ है। मंगलवार को भी यही परिस्थितियां रहने वाली हैं, क्योंकि वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि जिला न्यायालय में जिला सत्र न्यायाधीश सहित अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश एवं 10 निचली अदालत के जज कार्यरत हैं। करीब 2500 वकील हैं। रोजाना 4 हजार लोग यहां विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं।
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इन मुख्य मांगों की वजह से रखा वर्क सस्पेंड
वकीलों के मुताबिक कई न्यायिक अधिकारी नियमों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं। जमानत देने जैसे मामले में जमानती द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में कमियां निकालकर जमानत देने से मना कर रहे हैं। ऐसे में मुव्वकिलों के साथ अन्याय हो रहा है। इतना ही नहीं अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ न्यायिक अधिकारी जानबूझकर क्लाइंट को तंग करने के लिए लंबी-लंबी तारीख दे रहे हैं। इससे क्लाइंट का मनोबल टूट रहा है और न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है।
शिकायत के बावजूद नहीं हो रहा समाधान : विश्वामित्र
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने बताया कि कई न्यायिक अधिकारी कई बार शिकायत करने के बावजूद नहीं मान रहे हैं और अपनी मनमानी कर रहे हैं। वकीलों की लगातार मिल रही शिकायत के कारण न्यायिक अधिकारियों के कार्य प्रणाली को लेकर वकीलों ने दो दिन का कार्य स्थगन रखा है। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अध्यक्ष विश्वामित्र यादव सहित उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल, सचिव मनप्रिय, सह सचिव टार्जन यादव व कोषाध्यक्ष विवेक यादव सहित कई अधिवक्ता मुख्य द्वार पर बैठे रहे और वकीलों के जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए रखा। इसके चलते अदालत का कामकाज प्रभावित हुआ।
महत्वपूर्ण बातें
-जिला बार एसोसिएशन में 17 कोर्ट हैं।
-करीब 2 हजार केसों की सुनवाई होती है।
-जिला बार में करीब 2500 वकील हैं।
-रोज 4 हजार लोग विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं।
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जिला बार एसोसिएशन की ओर से वर्क सस्पेंड न्यायिक अधिकारियों की कार्य प्रणाली को लेकर किया गया। कार्य स्थगित करने की वजह से जिला बार एसोसिएशन में स्थित 17 कोर्ट में करीब 2 हजार से अधिक केस पर असर पड़ा। वहीं, अधिकतर मामलों में न्यायालय ने तारीख लगाकर अपनी कार्रवाई पूरी की। अधिकतर मुव्वकिल कोर्ट में पेश होकर अपने केस में तारीख लेकर चले गए। ज्ञात हो कि सोमवार का दिन काफी मायने भी रखता है।
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कारण यह है कि शनिवार और रविवार को कोर्ट की छुट्टी होती है। ऐसे में सोमवार के दिन कार्य का काफी बोझ होता है। कई लोग कोर्ट में अपने कार्यों के लिए जरूर आए, मगर वापस निराश होकर चले गए। क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा हुआ है। मंगलवार को भी यही परिस्थितियां रहने वाली हैं, क्योंकि वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि जिला न्यायालय में जिला सत्र न्यायाधीश सहित अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश एवं 10 निचली अदालत के जज कार्यरत हैं। करीब 2500 वकील हैं। रोजाना 4 हजार लोग यहां विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं।
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इन मुख्य मांगों की वजह से रखा वर्क सस्पेंड
वकीलों के मुताबिक कई न्यायिक अधिकारी नियमों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं। जमानत देने जैसे मामले में जमानती द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में कमियां निकालकर जमानत देने से मना कर रहे हैं। ऐसे में मुव्वकिलों के साथ अन्याय हो रहा है। इतना ही नहीं अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ न्यायिक अधिकारी जानबूझकर क्लाइंट को तंग करने के लिए लंबी-लंबी तारीख दे रहे हैं। इससे क्लाइंट का मनोबल टूट रहा है और न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है।
शिकायत के बावजूद नहीं हो रहा समाधान : विश्वामित्र
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने बताया कि कई न्यायिक अधिकारी कई बार शिकायत करने के बावजूद नहीं मान रहे हैं और अपनी मनमानी कर रहे हैं। वकीलों की लगातार मिल रही शिकायत के कारण न्यायिक अधिकारियों के कार्य प्रणाली को लेकर वकीलों ने दो दिन का कार्य स्थगन रखा है। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अध्यक्ष विश्वामित्र यादव सहित उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल, सचिव मनप्रिय, सह सचिव टार्जन यादव व कोषाध्यक्ष विवेक यादव सहित कई अधिवक्ता मुख्य द्वार पर बैठे रहे और वकीलों के जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए रखा। इसके चलते अदालत का कामकाज प्रभावित हुआ।
महत्वपूर्ण बातें
-जिला बार एसोसिएशन में 17 कोर्ट हैं।
-करीब 2 हजार केसों की सुनवाई होती है।
-जिला बार में करीब 2500 वकील हैं।
-रोज 4 हजार लोग विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं।