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बाबा रामदेव के खिलाफ केस ट्रांसफर कराने की याचिका सेशन कोर्ट ने की बहाल
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हिसार। बाबा रामदेव के खिलाफ मामले को विशेष अदालत में ट्रांसफर कराने के लिए गत 29 मार्च को सेशन कोर्ट में दाखिल की गई ट्रांसफर पिटीशन को हिसार के सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल ने शिकायतकर्ता रजत कल्सन के समय पर कोर्ट में न पहुंचने के चलते डिसमिस इन डिफॉल्ट कर दिया था। इसके बाद अधिवक्ता रजत कल्सन ने ट्रांसफर पिटीशन को पुन: बहाल कराने के लिए एक रेस्टोरेशन पिटीशन सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल की थी। इस पर मंगलवार को सत्र न्यायाधीश एके सिंगल की अदालत में सुनवाई हुई।
बाबा रामदेव की तरफ से पेश वकील लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि याचिका को बहाल नहीं किया जा सकता, परंतु अदालत ने शिकायतकर्ता की दलीलों को मानते हुए ट्रांसफर पिटीशन को बहाल कर दिया। बाबा रामदेव के खिलाफ मामले को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत में स्थानांतरित कराने के लिए दायर याचिका पर बहस व फैसले के लिए तारीख 19 अप्रैल तय की। इस पर यह तय होगा कि बाबा रामदेव के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके जैन की अदालत में चल रहे मामले को विशेष अदालत में ट्रांसफर किया जाएगा या नहीं।
यह था मामला
शिकायतकर्ता रजत कल्सन ने आरोप लगाया कि बाबा रामदेव ने 25 अप्रैल 2014 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी पर कुछ टिप्पणी करते हुए एक जाति विशेष के खिलाफ अपमानजनक बातें कही थीं। इसके बाद अधिवक्ता ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी और पुलिस के कार्रवाई न करने पर हांसी की फौजदारी अदालत में उसके खिलाफ क्रिमिनल मुकदमा दायर किया था। इस बारे क्रिमिनल रिविजन पिटीशन अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके जैन की अदालत में लंबित है, जिससे ट्रांसफर कराने के लिए एक ट्रांसफर पिटीशन दायर की गई थी। फिलहाल न्यायाधीश आरके जैन का तबादला हो गया है और उनकी जगह दूसरे जज आए हैं।
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बाबा रामदेव की तरफ से पेश वकील लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि याचिका को बहाल नहीं किया जा सकता, परंतु अदालत ने शिकायतकर्ता की दलीलों को मानते हुए ट्रांसफर पिटीशन को बहाल कर दिया। बाबा रामदेव के खिलाफ मामले को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत में स्थानांतरित कराने के लिए दायर याचिका पर बहस व फैसले के लिए तारीख 19 अप्रैल तय की। इस पर यह तय होगा कि बाबा रामदेव के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके जैन की अदालत में चल रहे मामले को विशेष अदालत में ट्रांसफर किया जाएगा या नहीं।
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यह था मामला
शिकायतकर्ता रजत कल्सन ने आरोप लगाया कि बाबा रामदेव ने 25 अप्रैल 2014 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी पर कुछ टिप्पणी करते हुए एक जाति विशेष के खिलाफ अपमानजनक बातें कही थीं। इसके बाद अधिवक्ता ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी और पुलिस के कार्रवाई न करने पर हांसी की फौजदारी अदालत में उसके खिलाफ क्रिमिनल मुकदमा दायर किया था। इस बारे क्रिमिनल रिविजन पिटीशन अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके जैन की अदालत में लंबित है, जिससे ट्रांसफर कराने के लिए एक ट्रांसफर पिटीशन दायर की गई थी। फिलहाल न्यायाधीश आरके जैन का तबादला हो गया है और उनकी जगह दूसरे जज आए हैं।
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