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फव्वारा तकनीक से खेती करने से पैसे बचने के साथ होगा अच्छा उत्पादन : जिला उद्यान अधिकारी
Updated Wed, 14 Feb 2018 03:00 AM IST
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13 एमएचएम 2 लघु सचिवालय में आयोजित गोष्ठी में भाग लेते किसान
अमर उजाला ब्यूरो
महम
उद्यान विभाग की ओर से खंड के गांव फरमाना खास में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें टपका सिंचाई, फव्वारा पद्धति द्वारा बागवानी करने से होने वाले लाभों तथा तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी की अध्यक्षता जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र मोंगिया ने की। उद्यान विकास अधिकारी कमल सैनी ने किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए बताया कि किसानों को टपका सिंचाई, फव्वारा पद्धति द्वारा बागवानी फसलों की काश्त करनी चाहिए जिससे पानी की बचत होगी तथा पैदावार भी अधिक होगी। इस स्कीम के तहत विभाग की ओर से पांच एकड़ तक बागवानी करने वालों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जबकि पांच से ऊपर वाले किसान को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की आरकेवीवाई, एमआईडीएच, गैप, एससीएसईपी, बीबीवाई अनेक ऐसी योजनाएं हैं जिनके अंतर्गत किसान विभाग से अनुदान लेकर बागवानी लगा सकते हैं। इसके अलावा सब्जियों पर भी विभाग द्वारा स्टेकिंग लगाकर 31 हजार 250 रुपये प्रति एकड़ किसान लाभ उठा सकते हैं। खुले खेत में एक एकड़ टमाटर लगाने पर विभाग किसान को 8 हजार रुपये का अनुदान दे रहा है। अनुसूचित जाति के किसानों के लिए विभाग आधा एकड़ में स्टेकिंग पर सब्जी लगाने पर 90 प्रतिशत अनुदान दे रहा है और खुंबी उत्पादन पर भी 90 प्रतिशत अनुदान दे रहा है। किसान गोष्ठी में मधु मक्खी पालक धर्मवीर, सत्यवीर अमरूद वाला, संजय नींबु बाग, विजयपाल, रघुबीर व अन्य किसान उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
महम
उद्यान विभाग की ओर से खंड के गांव फरमाना खास में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें टपका सिंचाई, फव्वारा पद्धति द्वारा बागवानी करने से होने वाले लाभों तथा तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी की अध्यक्षता जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र मोंगिया ने की। उद्यान विकास अधिकारी कमल सैनी ने किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए बताया कि किसानों को टपका सिंचाई, फव्वारा पद्धति द्वारा बागवानी फसलों की काश्त करनी चाहिए जिससे पानी की बचत होगी तथा पैदावार भी अधिक होगी। इस स्कीम के तहत विभाग की ओर से पांच एकड़ तक बागवानी करने वालों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जबकि पांच से ऊपर वाले किसान को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की आरकेवीवाई, एमआईडीएच, गैप, एससीएसईपी, बीबीवाई अनेक ऐसी योजनाएं हैं जिनके अंतर्गत किसान विभाग से अनुदान लेकर बागवानी लगा सकते हैं। इसके अलावा सब्जियों पर भी विभाग द्वारा स्टेकिंग लगाकर 31 हजार 250 रुपये प्रति एकड़ किसान लाभ उठा सकते हैं। खुले खेत में एक एकड़ टमाटर लगाने पर विभाग किसान को 8 हजार रुपये का अनुदान दे रहा है। अनुसूचित जाति के किसानों के लिए विभाग आधा एकड़ में स्टेकिंग पर सब्जी लगाने पर 90 प्रतिशत अनुदान दे रहा है और खुंबी उत्पादन पर भी 90 प्रतिशत अनुदान दे रहा है। किसान गोष्ठी में मधु मक्खी पालक धर्मवीर, सत्यवीर अमरूद वाला, संजय नींबु बाग, विजयपाल, रघुबीर व अन्य किसान उपस्थित थे।