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जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन
Updated Fri, 19 Jan 2018 03:16 AM IST
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जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर शुरू किया जागरूकता अभियान
- ई-वे बिल की पूरी प्रक्रिया के बारे में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को जानकारी दी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एक फरवरी से लागू हो रहे इंटरस्टेट ई-वे बिल के लिए केंद्रीय गुड्स एवं सर्विसेज डिपार्टमेंट की ओर से जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत जिले के व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल की पूरी जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें किसी तरह की दिक्कत पेश नहीं आए। आयुक्त जीएसटी रोहतक विजय मोहन जैन ने बताया कि 31 जनवरी तक लगातार अवेयरनेस कैंपेन किए जाएंगे। इसमें ई-वे बिल को लागू करने का उद्देश्य, ई-वे बिल पोर्टल के फीचर्स, ई-वे बिल तो जनरेट करने के तरीके और इसके फायदे के बारे में बताया जाएगा। जीएसटी विभाग की ओर से ई-वे बिल की जानकारी देने के लिए तैयार किए गए बिंदु इस तरह हैं। -
ई-वे बिल का उद्देश्य:
-पूरे देश में एक ही ई-वे बिल के जरिए बगैर दिक्कत के माल की आवाजाही।
- अलग-अलग राज्यों से गुजरने के दौरान अलग-अलग ट्रांजिट पास की जरूरत नहीं।
- माल की आवाजाही में विभाग के दखल को कम कर स्वघोषित मॉडल के तहत आवाजाही।
ई-वे बिल पोर्टल के फीचर्स:
- वाहन का नंबर माल भेजने या मंगाने वाले के साथ ही ट्रांसपोर्टर भी ई-वे बिल जनरेट करने के दौरान भर सकता है।
- कई कंसाइनमेंट लेकर जा रहे वाहन के लिए कंसॉलिडेटेड ई-वे बिल जनरेट किया जा सकता है।
- यूजर पोर्टल पर अपने एकाउंट पर ई-वे बिल की निगरानी कर सकता है।
- यूजर को ईमेल और एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजे जाएंगे।
- यूजर पोर्टल पर सब-यूजर भी बना सकता है, उसकी भूमिका भी तय कर सकता है।
- क्यूआर कोड के जरिए आसानी से ई-वे बिल की जानकारी ली जा सकेगी।
ई-वे बिल को जनरेट करने के तरीके:-
-वेबसाइट के जरिए
- एसएमएस के जरिए
- एंड्राइड एप के जरिए
- गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स सुविधा प्रोवाइडर के जरिए
ई-वे बिल के फायदे:
- यूजर फ्रेंडली ई-वे बिल सिस्टम का होना।
- आसान एवं जल्दी ई-वे बिल का बनना।
- करदाता या ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जनरेट करने के लिए कर अधिकारी या चेकपोस्ट पर जाने की जरूरत नहीं।
-माल की मूवमेंट का पता लगाने का एक प्रभारी तरीका
- आसान और पारदर्शी व्यवस्था
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- ई-वे बिल की पूरी प्रक्रिया के बारे में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को जानकारी दी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एक फरवरी से लागू हो रहे इंटरस्टेट ई-वे बिल के लिए केंद्रीय गुड्स एवं सर्विसेज डिपार्टमेंट की ओर से जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत जिले के व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल की पूरी जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें किसी तरह की दिक्कत पेश नहीं आए। आयुक्त जीएसटी रोहतक विजय मोहन जैन ने बताया कि 31 जनवरी तक लगातार अवेयरनेस कैंपेन किए जाएंगे। इसमें ई-वे बिल को लागू करने का उद्देश्य, ई-वे बिल पोर्टल के फीचर्स, ई-वे बिल तो जनरेट करने के तरीके और इसके फायदे के बारे में बताया जाएगा। जीएसटी विभाग की ओर से ई-वे बिल की जानकारी देने के लिए तैयार किए गए बिंदु इस तरह हैं। -
ई-वे बिल का उद्देश्य:
-पूरे देश में एक ही ई-वे बिल के जरिए बगैर दिक्कत के माल की आवाजाही।
- अलग-अलग राज्यों से गुजरने के दौरान अलग-अलग ट्रांजिट पास की जरूरत नहीं।
- माल की आवाजाही में विभाग के दखल को कम कर स्वघोषित मॉडल के तहत आवाजाही।
ई-वे बिल पोर्टल के फीचर्स:
- वाहन का नंबर माल भेजने या मंगाने वाले के साथ ही ट्रांसपोर्टर भी ई-वे बिल जनरेट करने के दौरान भर सकता है।
- कई कंसाइनमेंट लेकर जा रहे वाहन के लिए कंसॉलिडेटेड ई-वे बिल जनरेट किया जा सकता है।
- यूजर पोर्टल पर अपने एकाउंट पर ई-वे बिल की निगरानी कर सकता है।
- यूजर को ईमेल और एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजे जाएंगे।
- यूजर पोर्टल पर सब-यूजर भी बना सकता है, उसकी भूमिका भी तय कर सकता है।
- क्यूआर कोड के जरिए आसानी से ई-वे बिल की जानकारी ली जा सकेगी।
ई-वे बिल को जनरेट करने के तरीके:-
-वेबसाइट के जरिए
- एसएमएस के जरिए
- एंड्राइड एप के जरिए
- गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स सुविधा प्रोवाइडर के जरिए
ई-वे बिल के फायदे:
- यूजर फ्रेंडली ई-वे बिल सिस्टम का होना।
- आसान एवं जल्दी ई-वे बिल का बनना।
- करदाता या ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जनरेट करने के लिए कर अधिकारी या चेकपोस्ट पर जाने की जरूरत नहीं।
-माल की मूवमेंट का पता लगाने का एक प्रभारी तरीका
- आसान और पारदर्शी व्यवस्था