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मस्तनाथ विवि के वीसी डाक्टर मारकंडेय आहूजा ने दिया इस्तीफा
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:37 AM IST
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मस्तनाथ विवि के वीसी डाक्टर मारकंडेय आहूजा ने दिया इस्तीफा
: विवि के चांसलर व अस्थल बोहर मठ के महंत बाबा बालकनाथ को सौंपे कागजात
: 28 साल पहले जुड़े थे नेत्र रोग विशेषज्ञ के तौर पर
: बोले, अंतर आत्मा की आवाज पर लिया फैसला, नहीं था कोई दबाव
: रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को नियुक्त करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
करीब तीन दशक पहले अस्थल बोहर मठ स्थित आंखों के अस्पताल से जुड़े डाक्टर मारकंडेय आहूजा ने गुरुवार शाम पांच बजे विवि के वीसी पर के साथ-साथ नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद से त्यागपत्र दे दिया। चर्चा है कि एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को नया वीसी बनाया जा रहा है, लेकिन मठ या विवि प्रबंधन इसकी अभी पुष्टि नहीं कर रहा।
डाक्टर मारकंडेय आहूजा 3 सितंबर 1989 को अस्थल बोहर मठ के अंतर्गत चलने वाले आंखों के अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के तौर पर जुड़े थे। उन्हें मठ के पूर्व महंत बाबा चांदनाथ का बेहद करीबी माना जाता रहा है। कैंसर से पीड़ित बाबा चांदनाथ पिछले दिनों ब्रह्मलीन हो गए थे। डाक्टर आहूजा का कहना है कि बाबा चांदनाथ के सामने भी उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही थी, लेकिन बाबा चांदनाथ ने ऐसा करने से मना कर दिया था। बोले, अभी यही समय नहीं आया है।
बाक्स
सिटी में चलाएंगे अपना अस्पताल
डाक्टर आहूजा ने बताया कि उन्हाेंने शाम पांच बजे न केवल मस्तनाथ विवि, बल्कि दूसरे पदों से भी इस्तीफा दे दिया है। अब वे सिटी में आंखों का अपना अस्पताल चलाएंगे। अब तक के कार्यकाल में उन्होंने 30 लाख मरीजों की जांच की और अढ़ाई लाख आंखों के आपरेशन किए। उन्होंने किसी विवाद नहीं, बल्कि अपनी अंतर आत्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया है।
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बाक्स
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को लाने की तैयारी
चर्चा है कि मस्तनाथ विवि का वीसी एक रिटायर्ड अधिकारी को बनाया जा सकता है। हालांकि विवि के चांसलर एवं मठ के महंत बाबा बालकनाथ या अन्य कोई पदाधिकारी इसी अभी पुष्टि नहीं कर रहा है।
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मस्तनाथ विवि के वीसी डाक्टर मारकंडेय आहूजा ने दिया इस्तीफा
: विवि के चांसलर व अस्थल बोहर मठ के महंत बाबा बालकनाथ को सौंपे कागजात
: 28 साल पहले जुड़े थे नेत्र रोग विशेषज्ञ के तौर पर
: बोले, अंतर आत्मा की आवाज पर लिया फैसला, नहीं था कोई दबाव
: रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को नियुक्त करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
करीब तीन दशक पहले अस्थल बोहर मठ स्थित आंखों के अस्पताल से जुड़े डाक्टर मारकंडेय आहूजा ने गुरुवार शाम पांच बजे विवि के वीसी पर के साथ-साथ नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद से त्यागपत्र दे दिया। चर्चा है कि एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को नया वीसी बनाया जा रहा है, लेकिन मठ या विवि प्रबंधन इसकी अभी पुष्टि नहीं कर रहा।
डाक्टर मारकंडेय आहूजा 3 सितंबर 1989 को अस्थल बोहर मठ के अंतर्गत चलने वाले आंखों के अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के तौर पर जुड़े थे। उन्हें मठ के पूर्व महंत बाबा चांदनाथ का बेहद करीबी माना जाता रहा है। कैंसर से पीड़ित बाबा चांदनाथ पिछले दिनों ब्रह्मलीन हो गए थे। डाक्टर आहूजा का कहना है कि बाबा चांदनाथ के सामने भी उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही थी, लेकिन बाबा चांदनाथ ने ऐसा करने से मना कर दिया था। बोले, अभी यही समय नहीं आया है।
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सिटी में चलाएंगे अपना अस्पताल
डाक्टर आहूजा ने बताया कि उन्हाेंने शाम पांच बजे न केवल मस्तनाथ विवि, बल्कि दूसरे पदों से भी इस्तीफा दे दिया है। अब वे सिटी में आंखों का अपना अस्पताल चलाएंगे। अब तक के कार्यकाल में उन्होंने 30 लाख मरीजों की जांच की और अढ़ाई लाख आंखों के आपरेशन किए। उन्होंने किसी विवाद नहीं, बल्कि अपनी अंतर आत्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया है।
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रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को लाने की तैयारी
चर्चा है कि मस्तनाथ विवि का वीसी एक रिटायर्ड अधिकारी को बनाया जा सकता है। हालांकि विवि के चांसलर एवं मठ के महंत बाबा बालकनाथ या अन्य कोई पदाधिकारी इसी अभी पुष्टि नहीं कर रहा है।