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आरक्षण न मिला तो फरवरी से फिर आंदोलन

Mon, 04 Dec 2017 03:02 AM IST
Updated Mon, 04 Dec 2017 03:02 AM IST
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आरक्षण न मिला तो फरवरी से फिर आंदोलन
फ्लैग : जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जसिया में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, मलिक गुट का सरकार को अल्टीमेटम
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हेडिंग : आरक्षण न मिला तो फरवरी से फिर आंदोलन

- 31 दिसंबर तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग तैयार करे सर्वे रिपोर्ट
- चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर जनवरी माह के आखिरी सप्ताह में की जाएगी आंदोलन की घोषणा

- कैप्टन अभिमन्यु को मलिक गुट की चेतावनी, मंत्री पद से त्यागपत्र देकर आएं मैदान में
- विरोधियों से तकनीकी के सहारे निपटेगा मलिक गुट
- विरोधी मंत्री और सरपंचों की होगी सीडी तैयार, समाज को बताए जाएगा कौन क्यों कर रहा विरोध
- मीटिंग में यशपाल मलिक से सवाल पूछने पहुंचे राहुल दादू को वापस लौटाया

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सरकार ने जाटों को आरक्षण नहीं दिया तो फरवरी से फिर आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। रविवार को जसिया में यशपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में यह फैसला लिया गया।
मीटिंग को संबोधित करते हुए मलिक ने कहा कि 19 मार्च 2017 को केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व पीपी चौधरी की मौजूदगी में प्रदेश सरकार से 6 सूत्री समझौता हुआ था। प्रदेश सरकार ने कुछ मांग पूरी कर दी हैं, लेकिन केंद्र व राज्य में जाटों को आरक्षण और जेलों में बंद सभी युवाओं की रिहाई की मांग अब तक अधूरी है। मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में जाटों को ओबीसी में शामिल करने के लिए विशेष विधायक लेकर आए और प्रदेश सरकार 31 दिसंबर तक पिछड़ा वर्ग आयोग के माध्यम से सर्वे पूरा कर समय रहते आरक्षण दिलवाएं। जाट समाज आरक्षण न मिलने पर फरवरी माह से दोबारा से प्रदेश के अंदर आंदोलन शुरू कर देगा। आंदोलन की तिथि व रूपरेखा की घोषणा जनवरी माह के आखिरी सप्ताह में चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर की जाएगी।
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कैप्टन इस्तीफा देकर मैदान में आएं
यशपाल मलिक ने कहा कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और सांसद राजकुमार सैनी भाजपा के मोहरे हैं। दोनों प्रदेश के अंदर माहौल खराब करने में लगे हुए हैं। वित्त मंत्री अपनी सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। अगर दो-दो हाथ करने हैं तो इस्तीफा देकर समाज के बीच में आएं। वहीं, सांसद राजकुमार सैनी को प्रदेश सरकार संरक्षण देकर प्रदेश में डर व भय का माहौल दोबारा पैदा करने में लगी है। साथ ही फतेहाबाद में जाट नेताओं पर हमला करने के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। वहीं, समिति के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ने कहा कि जाट समाज अब योजनाबद्ध तरीके से शांतिपूर्वक आंदोलन की तैयारी कर रहा है।
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विरोधियों से तकनीकी के सहारे निपटेगा मलिक गुट
मीटिंग में यशपाल मलिक ने बताया कि गांव-गांव जाकर समाज के लोगों को बताया जाएगा कि कौन नेता, मंत्री, कथित खाप पंचायती और समाज के अंदर के लोग उनका क्यों विरोध कर रहा है। विरोधियों की सीडी तैयार करके उसके अंदर पूरा ब्यौरा दिया जाएगा। ताकि समाज के अंदर विरोधियों की हकीकत सामने आ सकें।

22 दिसंबर तक जाट खुद करेंगे अपना सर्वे
जाट आरक्षण संघर्ष समिति खुद भी गांव-गांव जाकर सर्वे करेगी। सर्वे के लिए गुरुग्राम की टीम ने एक प्रश्न पत्र तैयार किया है। हर जिले से 100 से ज्यादा फार्म भरे जाएंगे। इसमें जाट समाज के गरीब परिवार का पूरा ब्यौरा, उसकी आर्थिक हालत से लेकर मकान व जमीन की स्थिति तक का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। समिति की जिला कमेटियां सर्वे फार्म 22 दिसंबर तक राष्ट्रीय कार्यकारिणी को सौंप देंगी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी दिसंबर माह के आखिरी सप्ताह में अपनी रिपोर्ट राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को देगी। इस मौके पर प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश व पंजाब के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

मीटिंग में पहुंचा जेल से रिहा हुआ युवक, मलिक ने नहीं की बात
जाट आरक्षण संघर्ष समिति की मीटिंग में उस समय माहौल बदल गया, जब जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार राहुल दादू नाम का युवक मीटिंग के अंदर पहुंच गया। युवक का कहना था कि वह यशपाल मलिक से सवाल पूछना चाहता है, लेकिन मलिक ने बात करने से न केवल इंकार कर दिया, बल्कि समर्थकों ने उसे मीटिंग से बाहर कर दिया। माहौल की नजाकत को देखते हुए युवक भी तुरंत वापस चला गया।


हर गांव का ब्यौरा होगा ऑनलाइन
मीटिंग में मलिक ने बताया कि जसिया के अंदर एक म्यूजियम बनाया जाएगा, जहां हर गांव का पूरा ब्यौरा आनलाइन डाला जाएगा। किस गांव में जाट समाज के कितने पाने, कितने परिवार और किस गोत्र से हैं। क्या आर्थिक व सामाजिक स्थिति है। जाटों का इतिहास से लेकर दूसरे समाज के कितने परिवार हैं। गांव का मौजूदा व पूर्व सरपंच, नंबरदार व जिला परिषद सदस्य कौन है। जाट समाज से है या नहीं। दूसरे समाज से है तो उसका मोबाइल नंबर से लेकर पूरा ब्यौरा तक एकत्रित किया जाएगा।
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