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Rohtak News: पीजी की 3220 सीटों के लिए 19, 981 आवेदन आए
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रोहतक।
महर्षि दयनांद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के पीजी कोर्सों में विद्यार्थियों के लिए प्रवेश मुश्किल नजर आ रहा है। विवि में शनिवार शाम सात बजे तक कुल 3220 सीटों के लिए 19,981 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 15,719 विद्यार्थी फीस जमा करा कर प्रवेश परीक्षा में बैठने की दावेदारी पक्की कर चुके हैं।
हालात ये हैं कि विवि की हर सीट के लिए पांच उम्मीदवार कतार में हैं। यानी यहां प्रवेश लेना पांच गुना मुश्किल है। हालांकि अभी आवेदन 20 जून तक आमंत्रित हैं। ऐसे में और आवेदन आने पर प्रवेश लेना और मुकाबला होगा। प्रवेश परीक्षा 26 से 30 जून तक होगी। विवि पहली प्रोविजन सूची 12 जुलाई को जारी करेगा।
नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर एमडीयू में आवेदन प्रक्रिया जारी है। विवि ने कुल 3220 सीटों के चल रही दाखिला प्रक्रिया के तहत शनिवार को ही आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा कर 20 जून कर दी है। ऐसे में और आवेदन आने की उम्मीद है। इससे प्रवेश प्रक्रिया पहले से ज्यादा मुश्किल होना तय है। अब तक प्राप्त हुए आवेदनों के हिसाब से हर सीट के लिए औसतन पांच विद्यार्थी कतार में है। आने वाले तीन दिन में जितने आवेदन बढ़ेंगे, दाखिले का मुकाबला उतना की टफ होगा।
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वकालत की पढ़ाई के लिए आए सबसे अधिक आवेदन
एमडीयू में सबसे अधिक आवेदन विधि विभाग में आए हैं। यहां वकालत करने के इच्छुक 2574 विद्यार्थियों ने एलएलबी ऑनर्स तीन वर्षीय कोर्स के लिए आवेदन किया है। इस कोर्स में 240 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए 1940 विद्यार्थी अपनी फीस जमा करा कर प्रवेश परीक्षा में जगह सुनिश्चित कर चुके हैं। ऐसे में यहां हर सीट पर औसतन आठ उम्मीदवार कतार में हैं। नए आवेदन आने से यह मुकाबला और टफ होगा।
अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान में हर सीट पर 13 दावेदार
विद्यार्थी एमडीयू के अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान विभाग से पीजी करने के क्रेजी नजर आ रहे हैं। इन दोनों कोर्सों की 60-60 सीटों के लिए एक-एक हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अग्रेजी क लिए 801 व राजनीति विज्ञान के लिए 812 विद्यार्थियों ने फीस जमा कराई है। ऐसे में यहां हर सीट पर 13 विद्यार्थियों की दावेदारी है। इसके बाद भूगोल विषय का नंबर आता है। यहां 50 सीटों के लिए 750 आवेदन आए हैं। इनमें से 635 की फीस जमा हो चुकी है। ऐसे में यहां हर सीट पर औसतन 12 विद्यार्थी कतार में हैं। इतिहास व फिजिक्स में दस-दस विद्यार्थी कतारबद्ध हैं। इतिहास विभाग की 70 सीटों के लिए आए 885 आवेदनों में से 743 अपनी फीस जमा करा चुके हैं। फिजिक्स की 60 सीटों के लिए प्राप्त हुए 752 आवेदनों में से 624 ने अपनी फीस जमा करा दी है। इस हिसाब से यहां हर सीट पर औसतन 10-10 विद्यार्थी कतारबद्ध हैं।
विवि के 11 विभागों में पढ़ने के इच्छुक नहीं विद्यार्थी
एमडीयू के 11 विभाग ऐसे हैं, जहां विद्यार्थी पढ़ने के इच्छुक नजर नहीं आ रहे हैं। आईएचटीएम ग्रुप (एमटीटीए, एमएचएमसीटी) की 70 सीटों के लिए प्राप्त हुए 61 आवेदनों में से 42 की ही फीस जमा हुई है। एमटेक (स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) की 24 सीटों के लिए कुल 29 आवेदन आए। इनमें से 22 ने ही फीस जमा कराई है। डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन की 30 सीटों पर 46 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 12 ने ही फीस जा कराई। एमटेक (पावर सिस्टम) की 24 सीटों पर आए 15 आवेदनों में से 10, एमटेक (मेकेनिकल इंजीनियरिंग) की 24 सीटों पर आए 11 में से 8, एमटेक सीएसई की 24 सीटों पर आए 18 आवेदनों में से 8, एमटेक बायोटेक्नोलॉजी की 18 सीटों पर आए 11 में से छह, एमटेक इलेक्ट्रोनिक एंड कम्यूनिकेशन की 18 सीटों पर आए आठ में से छह, डिप्लामा इन टीचिंग इन इंडियन साइन लैंग्वेज की 20 सीटों पर आए 28 आवेदनों में से 4, एमटेक कम्प्यूटर साइंस की 30 सीटों पर आए 14 आवेदनों में से दो ने ही फीस जमा कराई है। जबकि एमटेक मैन्युफैक्चरिंग एंड ऑटोमेशन की 24 सीटों पर आए तीन आवेदनों में से एक ने भी फीस जमा नहीं कराई।
एमडीयू में पीजी की दाखिला प्रक्रिया जारी है। इसकी अंतिम तिथि 20 जून कर दी गई है। शनिवार शाम तक विवि को पीजी की 3220 सीटों के लिए 19981 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 15719 विद्यार्थियों ने फीस जमा करा कर प्रवेश परीक्षा में अपनी सीट सुरक्षित कर ली है। वर्तमान में प्राप्त आवेदनों के हिसाब से प्रवेश प्रक्रिया कठिन हो चलती है। विवि में और आवेइन आने से यह मुकाबला और टफ होगा। ऐसे में मेरिट सूची हाई जाएगी।
डॉ. जीपी सिरोहा, निदेशक, यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर, एमडीयू।
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महर्षि दयनांद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के पीजी कोर्सों में विद्यार्थियों के लिए प्रवेश मुश्किल नजर आ रहा है। विवि में शनिवार शाम सात बजे तक कुल 3220 सीटों के लिए 19,981 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 15,719 विद्यार्थी फीस जमा करा कर प्रवेश परीक्षा में बैठने की दावेदारी पक्की कर चुके हैं।
हालात ये हैं कि विवि की हर सीट के लिए पांच उम्मीदवार कतार में हैं। यानी यहां प्रवेश लेना पांच गुना मुश्किल है। हालांकि अभी आवेदन 20 जून तक आमंत्रित हैं। ऐसे में और आवेदन आने पर प्रवेश लेना और मुकाबला होगा। प्रवेश परीक्षा 26 से 30 जून तक होगी। विवि पहली प्रोविजन सूची 12 जुलाई को जारी करेगा।
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नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर एमडीयू में आवेदन प्रक्रिया जारी है। विवि ने कुल 3220 सीटों के चल रही दाखिला प्रक्रिया के तहत शनिवार को ही आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा कर 20 जून कर दी है। ऐसे में और आवेदन आने की उम्मीद है। इससे प्रवेश प्रक्रिया पहले से ज्यादा मुश्किल होना तय है। अब तक प्राप्त हुए आवेदनों के हिसाब से हर सीट के लिए औसतन पांच विद्यार्थी कतार में है। आने वाले तीन दिन में जितने आवेदन बढ़ेंगे, दाखिले का मुकाबला उतना की टफ होगा।
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वकालत की पढ़ाई के लिए आए सबसे अधिक आवेदन
एमडीयू में सबसे अधिक आवेदन विधि विभाग में आए हैं। यहां वकालत करने के इच्छुक 2574 विद्यार्थियों ने एलएलबी ऑनर्स तीन वर्षीय कोर्स के लिए आवेदन किया है। इस कोर्स में 240 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए 1940 विद्यार्थी अपनी फीस जमा करा कर प्रवेश परीक्षा में जगह सुनिश्चित कर चुके हैं। ऐसे में यहां हर सीट पर औसतन आठ उम्मीदवार कतार में हैं। नए आवेदन आने से यह मुकाबला और टफ होगा।
अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान में हर सीट पर 13 दावेदार
विद्यार्थी एमडीयू के अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान विभाग से पीजी करने के क्रेजी नजर आ रहे हैं। इन दोनों कोर्सों की 60-60 सीटों के लिए एक-एक हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अग्रेजी क लिए 801 व राजनीति विज्ञान के लिए 812 विद्यार्थियों ने फीस जमा कराई है। ऐसे में यहां हर सीट पर 13 विद्यार्थियों की दावेदारी है। इसके बाद भूगोल विषय का नंबर आता है। यहां 50 सीटों के लिए 750 आवेदन आए हैं। इनमें से 635 की फीस जमा हो चुकी है। ऐसे में यहां हर सीट पर औसतन 12 विद्यार्थी कतार में हैं। इतिहास व फिजिक्स में दस-दस विद्यार्थी कतारबद्ध हैं। इतिहास विभाग की 70 सीटों के लिए आए 885 आवेदनों में से 743 अपनी फीस जमा करा चुके हैं। फिजिक्स की 60 सीटों के लिए प्राप्त हुए 752 आवेदनों में से 624 ने अपनी फीस जमा करा दी है। इस हिसाब से यहां हर सीट पर औसतन 10-10 विद्यार्थी कतारबद्ध हैं।
विवि के 11 विभागों में पढ़ने के इच्छुक नहीं विद्यार्थी
एमडीयू के 11 विभाग ऐसे हैं, जहां विद्यार्थी पढ़ने के इच्छुक नजर नहीं आ रहे हैं। आईएचटीएम ग्रुप (एमटीटीए, एमएचएमसीटी) की 70 सीटों के लिए प्राप्त हुए 61 आवेदनों में से 42 की ही फीस जमा हुई है। एमटेक (स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) की 24 सीटों के लिए कुल 29 आवेदन आए। इनमें से 22 ने ही फीस जमा कराई है। डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन की 30 सीटों पर 46 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 12 ने ही फीस जा कराई। एमटेक (पावर सिस्टम) की 24 सीटों पर आए 15 आवेदनों में से 10, एमटेक (मेकेनिकल इंजीनियरिंग) की 24 सीटों पर आए 11 में से 8, एमटेक सीएसई की 24 सीटों पर आए 18 आवेदनों में से 8, एमटेक बायोटेक्नोलॉजी की 18 सीटों पर आए 11 में से छह, एमटेक इलेक्ट्रोनिक एंड कम्यूनिकेशन की 18 सीटों पर आए आठ में से छह, डिप्लामा इन टीचिंग इन इंडियन साइन लैंग्वेज की 20 सीटों पर आए 28 आवेदनों में से 4, एमटेक कम्प्यूटर साइंस की 30 सीटों पर आए 14 आवेदनों में से दो ने ही फीस जमा कराई है। जबकि एमटेक मैन्युफैक्चरिंग एंड ऑटोमेशन की 24 सीटों पर आए तीन आवेदनों में से एक ने भी फीस जमा नहीं कराई।
एमडीयू में पीजी की दाखिला प्रक्रिया जारी है। इसकी अंतिम तिथि 20 जून कर दी गई है। शनिवार शाम तक विवि को पीजी की 3220 सीटों के लिए 19981 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 15719 विद्यार्थियों ने फीस जमा करा कर प्रवेश परीक्षा में अपनी सीट सुरक्षित कर ली है। वर्तमान में प्राप्त आवेदनों के हिसाब से प्रवेश प्रक्रिया कठिन हो चलती है। विवि में और आवेइन आने से यह मुकाबला और टफ होगा। ऐसे में मेरिट सूची हाई जाएगी।
डॉ. जीपी सिरोहा, निदेशक, यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर, एमडीयू।