फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   निगम चुनाव

निगम चुनाव

Sat, 08 Dec 2018 02:15 AM IST
Updated Sat, 08 Dec 2018 02:15 AM IST
विज्ञापन
निगम चुनाव
फोटो :
विज्ञापन

नगर निगम चुनाव
चुनाव प्रचार सामग्री से अटा शहर, भाजपा के विरोध में लगे पोस्टर
-नगर निगम चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही प्रचार ने पकड़ी तेजी
विकास सैनी/महबूब अली
रोहतक। नगर निगम चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जीत की अटकलें व जोड़-तोड़ शुरू हो गया है। प्रत्याशियों ने अपनी जीत को लेकर मतदाताओं के बीच प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। प्रचार की आंधी में आचार संहिता के नियम भी उड़ते नजर आ रहे हैं। हालात ये हैं कि शहर चुनावी प्रचार सामग्री से अटा हुआ है। शहर की दीवारें, स्ट्रीट लाइटें, होर्डिंग, पेड़, घरों व दुकानों की छत कोई जगह वोट की अपील से अछूती नहीं है। हर जगह प्रचार सामग्री चस्पा है। हालांकि, प्रशासन ने शहर में प्रचार के लिए 51 जगह निर्धारित की हुई हैं। इनमें से ज्यादातर जगह खाली पड़ी हैं। इसकी वजह वहां लोगों का आवागमन नहीं होना बताया जा रहा है। अमर उजाला ने प्रचार नियमों का सच जानने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया तो यह सामने आया।
स्ट्रीट लाइटों व बिजली के पोल पर लगे हैं पोस्टर
चुनाव में शहर की स्ट्रीट लाइटें व बिजली के पोल प्रत्याशियों के प्रचार का साधन बने हुए हैं। यहां उनकी मतदाताओं से वोट की अपील वाले पोस्टर, बैनर व फ्लैक्स लटके हुए हैं। आचार संहिता का बेखौफ उल्लंघन कर रह रहे इन पोस्टरों को उतारने वाले बेबस नजर आ रहे हैं। शहर का हर कोना प्रचार से अटा होने के कारण निगम के चंद कर्मचारी इन्हें हटाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन

-------
निजी संपत्ति पर बगैर अनुमति प्रचार पड़ सकता है महंगा
निगम चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्वक कराने के लिए निर्वाचन कार्यालय ने आदर्श आचार संहिता लागू की है। इसके तहत कोई भी प्रत्याशी निजी व सरकारी संपत्ति को प्रचार के जरिए खराब नहीं करेगा। शहर के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए भी नियम लागू किए गए हैं। इसके बावजूद प्रत्याशी बाज नहीं आ रहे हैं। सरकारी व निजी संपत्ति पर भी वे अपनी प्रचार सामग्री चस्पा कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

.....
सीसीटीवी कैमरे की नजर में होर्डिंग, फिर भी आयोग खामोश
शहर तीसरी आंख की जद में है। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह सीसीटीवी लगवाए हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से पोस्टर लगाने वालों के चेहरे इन कैमरों में कैद होने की संभावना है। पुलिस व निर्वाचन अधिकारी इन कैमरों की मदद से चुनावी रंग में भंग डालने वालों पर नकेल कस सकते हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

-------
निगम ने दिए 32 लोगों को नोटिस, उतारे होर्डिंग
नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर में निकाय चुनाव के प्रचार-प्रचार के लिए लगाए गए करीब 100 होर्डिंग उतरवाए। इसके अलावा करीब 32 लोगों को नोटिस देने का फैसला लिया है। नगर निगम कर्मी राजकुमार ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि शहर में बिना अनुमति के चुनाव प्रचार के लिए होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इस पर वह टीम को लेकर निकले और दिल्ली बाईपास, शीला बाईपास और गांधी चौक से झज्जर चुंगी तक लगाए गए होर्डिंग्स को उतारा। उन्होंने बताया कि करीब 100 से होर्डिंग उतरवाए गए हैं। करीब 32 लोगों को बिना अनुमति होर्डिंग्स लगाने के मामले में नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed