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नाले के निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप
Updated Sat, 24 Mar 2018 01:24 AM IST
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पानी के नाले के लिए बनाए निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप
बौंदकलां।
ग्रामीणों ने सांजरवास माइनर से बौंदखुर्द के जलघर तक बनाए जा रहे पानी के नाले में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। नाले का निर्माण जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाया जा रहा है। उन्होंने पिलर व (होदी) छोटी टंकी निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के निर्माण में बढ़िया सामग्री का प्रयोग करना चाहिए ताकि लंबे समय तक काम आए।
ग्रामीण सुरेश लीला, रतन सिंह, अजीत सिंह, राजेद्र सिंह व पूर्व सरपंच सतबीर सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से 12 लाख रुपये की लागत से सांजरवास माइनर से बौंदखुर्द जलघर तक करीब दो किलोमीटर लंबाई में यह नाला बनाया जा रहा है।। इसके निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सही निर्माण सामग्री प्रयोग न होने पर नाला जल्द ही टूटने के आसार हैं।
इस बारे में नाले का निर्माण करवा रहे ठेकेदार रविंद्र सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने माना है कि नाले पर काम करने वाले मजदूरों ने पुरानी ईंटें लगा दी इनकी जगह नई ईंटें लगवा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कुछ दूरी में ही पुरानी ईंटें लगाई गई हैं।
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उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। नाले में पुरानी सामग्री लगाई गई है तो मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में निर्माण करने वाले ठेकेदार से भी जवाब तलब किया जाएगा।
विशाल बंसल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
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बौंदकलां।
ग्रामीणों ने सांजरवास माइनर से बौंदखुर्द के जलघर तक बनाए जा रहे पानी के नाले में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। नाले का निर्माण जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाया जा रहा है। उन्होंने पिलर व (होदी) छोटी टंकी निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के निर्माण में बढ़िया सामग्री का प्रयोग करना चाहिए ताकि लंबे समय तक काम आए।
ग्रामीण सुरेश लीला, रतन सिंह, अजीत सिंह, राजेद्र सिंह व पूर्व सरपंच सतबीर सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से 12 लाख रुपये की लागत से सांजरवास माइनर से बौंदखुर्द जलघर तक करीब दो किलोमीटर लंबाई में यह नाला बनाया जा रहा है।। इसके निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सही निर्माण सामग्री प्रयोग न होने पर नाला जल्द ही टूटने के आसार हैं।
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इस बारे में नाले का निर्माण करवा रहे ठेकेदार रविंद्र सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने माना है कि नाले पर काम करने वाले मजदूरों ने पुरानी ईंटें लगा दी इनकी जगह नई ईंटें लगवा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कुछ दूरी में ही पुरानी ईंटें लगाई गई हैं।
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उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। नाले में पुरानी सामग्री लगाई गई है तो मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में निर्माण करने वाले ठेकेदार से भी जवाब तलब किया जाएगा।
विशाल बंसल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग