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एक हादसे से उजड़े तीन भाइयों के परिवार
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हांसी।
राजस्थान के चुरू में हुए भयानक सड़क हादसे के चलते गांव ढाणा खुर्द में तीन परिवार के बच्चों के सिर से उनके परिजनों का साया उठ गया। हंसते-खेलते परिवार के जीवन में अचानक से दु:खों को पहाड़ उमड़ पड़ा।
शकुंतला के बच्चों ने मां खोई, गीतांजलि ने मां-बाप
आंगनवाड़ी वर्कर शकुंतला देवी की मौत के चलते उनके बच्चे अपनी मां से दूर हो गए। दुखों का घना पहाड़ विरेंद्र की पुत्री गीतांजलि पर टूट पड़ा है। इस घटना को लेकर वह सदमे में है। विरेंद्र की पुत्री के सिर से उसके माता-पिता का साया तो उठा ही सही। यहां तक कि एक बहन से उसके भाई का साथ भी छूट गया है। सालासर धाम के दर्शन करने के लिए वह दो गाड़ियों में सवार होकर अपने गांव से गए थे। दर्शन करने के बाद रविवार सुबह उनके परिवार के छह सदस्य स्वीफट गाड़ी में सवार होकर आ रहे थे, जबकि अन्य सदस्य क्रूजर गाड़ी में सवार थे।
सालासर धाम के दर्शन के बाद घर भी नहीं हुआ नसीब
इस घटना के चलते पूरे गांव में मातम पसर गया। शाम तक किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। यादव बिरादरी से पांच लोगों की मौत होने के चलते पूरा गांव शोक की लहर में डूब गया। गांव में जैसे ही मृतकों के शव पहुंचे तो उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में जब एक साथ पांच अर्थियां उठी तो गांव के हर व्यक्ति की आंख बिलख पड़ी। मृतक के परिजनों को रोते देख लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ दिन पूर्व हंसता-खेलता परिवार अचानक से टूट कर कैसे बिखर गया। उन्हें क्या पता था कि यह उनके सालासर धाम के आखिरी दर्शन होंगे और उन्हें अपना घर भी नसीब नहीं होगा।
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एक साथ जली पांच चिताएं
गांव ढाणा में रविवार देर शाम पांच चिताएं एक साथ जली। शव के दाह संस्कार के दौरान शहर और गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों ने गमगीन माहौल में उन्हें विदाई दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई हादसे की फोटो
इस भीषण हादसे की फोटो दोपहर 12 बजे के आसपास से ही सोशल मीडिया में व्हाटस एप पर वायरल हो रही थी। जिसमें हिसार की गाड़ी का नंबर दिया गया था। इस गाड़ी के वाहन चालक की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर अनुरोध किया जा रहा था। गाड़ी के पंजीकरण से पता लगा कि यह गाड़ी विरेंद्र सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
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हांसी।
राजस्थान के चुरू में हुए भयानक सड़क हादसे के चलते गांव ढाणा खुर्द में तीन परिवार के बच्चों के सिर से उनके परिजनों का साया उठ गया। हंसते-खेलते परिवार के जीवन में अचानक से दु:खों को पहाड़ उमड़ पड़ा।
शकुंतला के बच्चों ने मां खोई, गीतांजलि ने मां-बाप
आंगनवाड़ी वर्कर शकुंतला देवी की मौत के चलते उनके बच्चे अपनी मां से दूर हो गए। दुखों का घना पहाड़ विरेंद्र की पुत्री गीतांजलि पर टूट पड़ा है। इस घटना को लेकर वह सदमे में है। विरेंद्र की पुत्री के सिर से उसके माता-पिता का साया तो उठा ही सही। यहां तक कि एक बहन से उसके भाई का साथ भी छूट गया है। सालासर धाम के दर्शन करने के लिए वह दो गाड़ियों में सवार होकर अपने गांव से गए थे। दर्शन करने के बाद रविवार सुबह उनके परिवार के छह सदस्य स्वीफट गाड़ी में सवार होकर आ रहे थे, जबकि अन्य सदस्य क्रूजर गाड़ी में सवार थे।
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सालासर धाम के दर्शन के बाद घर भी नहीं हुआ नसीब
इस घटना के चलते पूरे गांव में मातम पसर गया। शाम तक किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। यादव बिरादरी से पांच लोगों की मौत होने के चलते पूरा गांव शोक की लहर में डूब गया। गांव में जैसे ही मृतकों के शव पहुंचे तो उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में जब एक साथ पांच अर्थियां उठी तो गांव के हर व्यक्ति की आंख बिलख पड़ी। मृतक के परिजनों को रोते देख लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ दिन पूर्व हंसता-खेलता परिवार अचानक से टूट कर कैसे बिखर गया। उन्हें क्या पता था कि यह उनके सालासर धाम के आखिरी दर्शन होंगे और उन्हें अपना घर भी नसीब नहीं होगा।
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एक साथ जली पांच चिताएं
गांव ढाणा में रविवार देर शाम पांच चिताएं एक साथ जली। शव के दाह संस्कार के दौरान शहर और गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों ने गमगीन माहौल में उन्हें विदाई दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई हादसे की फोटो
इस भीषण हादसे की फोटो दोपहर 12 बजे के आसपास से ही सोशल मीडिया में व्हाटस एप पर वायरल हो रही थी। जिसमें हिसार की गाड़ी का नंबर दिया गया था। इस गाड़ी के वाहन चालक की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर अनुरोध किया जा रहा था। गाड़ी के पंजीकरण से पता लगा कि यह गाड़ी विरेंद्र सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड थी।