फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   ट्रामा सेंटर में खत्म हुई ऑक्सीजन, इमरजेंसी से लाने पड़े गैस सिलेंडर

ट्रामा सेंटर में खत्म हुई ऑक्सीजन, इमरजेंसी से लाने पड़े गैस सिलेंडर

Sun, 14 Jan 2018 03:01 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 03:01 AM IST
विज्ञापन
ट्रामा सेंटर में खत्म हुई ऑक्सीजन, इमरजेंसी से लाने पड़े गैस सिलेंडर
फोटो है।
विज्ञापन

ट्रॉमा सेंटर में खत्म हुई ऑक्सीजन, इमरजेंसी से लाने पड़े गैस सिलेंडर
- पीजीआई प्रशासन ने बताया अफवाह
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार को सुबह टैंक में ऑक्सीजन खत्म होते ही मरीज के साथ पूरे स्टाफ की सांसें फूल गई। मरीजों को तुरंत राहत के लिए इमरजेंसी से गैस सिलेंडर लाने पड़े। सेंटर में समय पर सिलेंडर पहुंचने से 10 मरीजों की जान बच गई। इनमें से पांच वेंटीलेटर व पांच ऑपरेशन थियेटर में उपचाराधीन थे। प्रशासन ने गैस समाप्त होने की सूचना को अफवाह बता कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
प्रशासन की जल्दबाजी में शुरू हुए ट्रॉमा सेंटर के मरीज रिस्क पर हैं। शनिवार सुबह यहां के टैंक में ऑक्सीजन गैस खत्म हो गई। वेंटिलेटर व ऑपरेशन थियेटर में उपचाराधीन मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उनकी जान को खतरा बन गया। गैस खत्म होने का पता लगते ही प्रशासन ने आनन फानन में इमरजेंसी से गैस सिलेंडर मंगाए। यहां से समय पर सिलेंडर आने के कारण मरीजों को राहत मिली। सिलेंडर देरी से आते तो मरीजों की जान जा सकती है। खतरा टलने के बाद प्रशासन ने टैंक की सुध लेते हुए कंपनी से संपर्क किया। इसके चलते दोपहर बाद एक टैंकर गैस लेकर संस्थान पहुंचा।
विज्ञापन


लिक्विड गैस के हैं दो टैंकर
पीजीआई में मरीजों की सुविधा के लिए दो बड़े लिक्विड गैस सिलेंडर हैं। इनमें से एक 10 हजार लीटर व दूसरा करीब सात हजार लीटर क्षमता का है। छोटे सिलेंडर से लाला श्यामलाल सुपर स्पेशलिटी व ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन सप्लाई होती है। दोनों ही जगह गंभीर मरीज होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रॉमा में आए 152 मरीज, 29 हुए भर्ती
ट्रॉमा सेंटर में शनिवार को शाम करीब साढ़े पांच बजे तक 152 मरीज पहुंचे। इनमें से 29 को भर्ती करना पड़ा। इसके अलावा पांच मरीज वेंटिलेटर पर हैं। जबकि पांच का सुबह ऑपरेशन हुआ। ट्रॉमा से पांच मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया गया।


वर्जन :
सेंटर में गैस की कोई दिक्कत नहीं है। यह एक अफवाह थी। किसी ने जानबूझ कर अफवाह फैलाई थी। मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
-डॉ. महेश महला, नोडल अधिकारी, ट्रॉमा सेंटर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed