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एनएमसी के विरोध में निजी चिकित्सिकों ने 12 घंटे नहीं देखे मरीज
Updated Wed, 03 Jan 2018 02:41 AM IST
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फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
आईएमए (इंडियन मेडिकल काउंसिल) ने मंगलवार को 12 घंटे अपने क्लीनिक व अस्पताल बंद रहे। नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में सुबह छह से शाम छह बजे तक ओपीडी में मरीज नहीं देखे गए। एसोसिएशन ने एमसीआई को भंग कर बनाई जा रही नई व्यवस्था से चिकित्सा क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ने की आशंका जताई है।
एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. आरके चौधरी व अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सांगवान ने कहा कि नेशनल आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को विरोध स्वरूप ओपीडी बंद रही। दिल्ली में एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से नए लागू किए जाने वाला बिल नहीं लाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नए बिल से एमबीबीएस पास करने वालों पर अनुचित तनाव व दबाव पड़ेगा। सरकार एमसीआई को भंग कर नए बिल के नाम पर अपने चहेतों के हाथ चिकित्सा सेवा व शिक्षा देने की तैयारी में है जो गलत है। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत आयुष, होम्योपैथी व यूनानी चिकित्सक को ब्रिज पाठ्यक्रम करा कर उसे एलोपैथी की प्रेक्टिस की इजाजत देना जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में अपने तरीके से 60 प्रतिशत सीटों पर फीस निर्धारित करने देना गलत है। इसके विरोध में एसोसिएशन का 25 सदस्यीय दल आईएमए हेडक्वार्टर दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल हुआ। इस मौके पर डॉ. एसएल वर्मा, डॉ. सतीश चुघ व अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
आईएमए (इंडियन मेडिकल काउंसिल) ने मंगलवार को 12 घंटे अपने क्लीनिक व अस्पताल बंद रहे। नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में सुबह छह से शाम छह बजे तक ओपीडी में मरीज नहीं देखे गए। एसोसिएशन ने एमसीआई को भंग कर बनाई जा रही नई व्यवस्था से चिकित्सा क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ने की आशंका जताई है।
एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. आरके चौधरी व अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सांगवान ने कहा कि नेशनल आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को विरोध स्वरूप ओपीडी बंद रही। दिल्ली में एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से नए लागू किए जाने वाला बिल नहीं लाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नए बिल से एमबीबीएस पास करने वालों पर अनुचित तनाव व दबाव पड़ेगा। सरकार एमसीआई को भंग कर नए बिल के नाम पर अपने चहेतों के हाथ चिकित्सा सेवा व शिक्षा देने की तैयारी में है जो गलत है। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत आयुष, होम्योपैथी व यूनानी चिकित्सक को ब्रिज पाठ्यक्रम करा कर उसे एलोपैथी की प्रेक्टिस की इजाजत देना जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में अपने तरीके से 60 प्रतिशत सीटों पर फीस निर्धारित करने देना गलत है। इसके विरोध में एसोसिएशन का 25 सदस्यीय दल आईएमए हेडक्वार्टर दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल हुआ। इस मौके पर डॉ. एसएल वर्मा, डॉ. सतीश चुघ व अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
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