{"_id":"687ab572e03105fb7005bf61","slug":"16-year-old-girls-marriage-stopped-5-hours-before-the-baraats-arrival-rohtak-news-c-17-roh1019-692940-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बरात आने से 5 घंटे पहले रुकवाई 16 वर्षीय लड़की की शादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बरात आने से 5 घंटे पहले रुकवाई 16 वर्षीय लड़की की शादी
विज्ञापन
रोहतक के माता दरवाजा पर नाबालिग लड़की की शादी रुकवाने के बाद परिजनों को समझाती महिला संरक्षण एव
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने शहर के माता दरवाजा के पास 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी बरात आने से करीब 5 घंटे पहले रुकवा दी। शुक्रवार को नियंत्रण कक्ष को माता दरवाजा क्षेत्र में शादी की सूचना मिली थी। बरात शुक्रवार रात 8 बजे झज्जर से आनी थी। नाबालिग की शादी से पहले ही टीम दोपहर बाद 3 बजे माता दरवाजा क्षेत्र में पहुंच गई।
सूचना मिलते ही संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची। टीम में सिटी थाने से एचसी सीमा और एचसी दलबीर पीसीआर के साथ शामिल थे। एमडीडी ऑफ इंडिया की टीम भी इस अभियान में शामिल हुई।
कई साल पहले छोड़कर चली गई मां, दादी कर रही थीं परिवरिश
जांच में पता चला कि लड़की की उम्र सिर्फ 16 साल थी और उसकी स्कूली पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई थी। परिवार की पृष्ठभूमि जानने पर पता चला कि लड़की की मां कई साल पहले बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई। बच्चों की परवरिश उनकी दादी कर रही थीं। भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण उसकी शादी तय की गई थी। वहीं, टीम ने परिजनों से शपथ पत्र लिखवाया है कि जब तक लड़की बालिग नहीं होगी, तब तक शादी नहीं करेंगे।
विज्ञापन
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने शादी करवाने वाली संस्थाओं एवं सभी नागरिकों से अपील कि है कि वे अपने नाबालिग बच्चों का विवाह न करें, क्योंकि बाल विवाह से जहां नाबालिग बच्चों पर के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
रोहतक। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने शहर के माता दरवाजा के पास 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी बरात आने से करीब 5 घंटे पहले रुकवा दी। शुक्रवार को नियंत्रण कक्ष को माता दरवाजा क्षेत्र में शादी की सूचना मिली थी। बरात शुक्रवार रात 8 बजे झज्जर से आनी थी। नाबालिग की शादी से पहले ही टीम दोपहर बाद 3 बजे माता दरवाजा क्षेत्र में पहुंच गई।
सूचना मिलते ही संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची। टीम में सिटी थाने से एचसी सीमा और एचसी दलबीर पीसीआर के साथ शामिल थे। एमडीडी ऑफ इंडिया की टीम भी इस अभियान में शामिल हुई।
विज्ञापन
कई साल पहले छोड़कर चली गई मां, दादी कर रही थीं परिवरिश
जांच में पता चला कि लड़की की उम्र सिर्फ 16 साल थी और उसकी स्कूली पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई थी। परिवार की पृष्ठभूमि जानने पर पता चला कि लड़की की मां कई साल पहले बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई। बच्चों की परवरिश उनकी दादी कर रही थीं। भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण उसकी शादी तय की गई थी। वहीं, टीम ने परिजनों से शपथ पत्र लिखवाया है कि जब तक लड़की बालिग नहीं होगी, तब तक शादी नहीं करेंगे।
विज्ञापन
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने शादी करवाने वाली संस्थाओं एवं सभी नागरिकों से अपील कि है कि वे अपने नाबालिग बच्चों का विवाह न करें, क्योंकि बाल विवाह से जहां नाबालिग बच्चों पर के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है।