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संशोधित : निजी स्कूलों ने ढूंढ़ा कमाई का एक और जरिया

Sat, 01 Jun 2019 02:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 02:43 AM IST
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संशोधित : निजी स्कूलों ने ढूंढ़ा कमाई का एक और जरिया
रोहतक। निजी स्कूल संचालक कमाई का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। कभी फीस, कभी किताब तो वर्दी के बाद अब स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। कक्षा 12वीं की पढ़ाई के बाद स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों से एसएलसी के लिए 400 से 1000 तक रुपये वसूले जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के नियमानुसार, सरकारी स्कूलों में एसएलसी शुल्क तीन रुपये व निजी स्कूलों में 100 रुपये है। इस अवैध वसूली को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय में कुछ अभिभावकों ने निजी स्कूलों की लिखित शिकायत भी दी है।
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अधिकारी नहीं कर रहे निजी स्कूलों पर कार्रवाई
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों में एसएलसी देने के लिए रुपये लिए जा रहे हैं। यही नहीं चरित्र प्रमाण पत्र व स्कूल फंड के नाम पर भी रुपये देना जरूरी है। यह शुल्क 400 से 1000 रुपये तक है। पिछले साल भी इसी तरह रुपये वसूले गए। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में मामला लाया गया, गर अधिकारियों ने आश्वासन के सिवाय कोई कार्रवाई नहीं की।
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स्कूल हमारा, नियम हमारे, जितने रुपये चाहें वसूलें, हमारी मर्जी
चत्रित प्रमाण पत्र, एसएलसी जारी करने के स्कूल दो-दो सौ रुपये वसूल रहा है। हमारा प्राइवेट स्कूल है। हमारी अलग फीस है। अलग नियम हैं। मैं जितने चाहूं रुपये वसूल करूं मेरी मर्जी..। सरकारी स्कूलों में भी माइग्रेशन फीस के नाम पर रुपये लिए जाते हैं। अभिभावकों को कोई समस्या है तो कोर्ट जाएं। हमारे स्कूल में 30 हजार रुपये के प्राइज बांटे जाते हैं। उनकी शिकायत कोई नहीं करता। पिछले 40 सालों से हमारे स्कूल में यही नियम चले आ रहा हैं।
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- धर्मपाल मित्तल, प्रधानाचार्या, एमएस सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल


कोई भी स्कूल चरित्र प्रमाण पत्र या स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के नाम पर विद्यार्थियों या अभिभावकों से रुपयों नहीं ले सकता है। ऐसा करना गलत है। संगठन ऐसे मामले को गंभीरता से लेगा। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी व उपायुक्त से मिलकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।

-यशवंत मलिक, अध्यक्ष अभिभावक संघ


एसएलसी लेना नहीं अनिवार्य
कक्षा 12वीं के बाद कई कालेजों या संस्थानों में एसएलसी अनिवार्य नहीं है। मेडिकल कालेजों में कुछ जगह एलएलसी मांग लेते हैं। एसएलसी की फीस लेना अनिवार्य नहीं है। कुछ निजी स्कूलों में यह शुल्क लिया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में एसएलसी शुल्क तीन रुपये है। निजी स्कूलों में एसएलसी की फीस 100 रुपये है। यदि यह शुल्क लिया भी जा रहा है तो इससे अधिक नहीं।
आदर्श राजन, बीईओ
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