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संशोधित : पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर को भेजा लीगल नोटिस, कहा-Cordination
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रोहतक। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर को लीगल नोटिस भेज कर कहा है कि वह बार-बार बयान दे रहे हैं कि उन्होंने रोहतक को जलाया है। असल में उन्हें ऐसी बयानबाजी करने से पहले प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को पढ़ लेना चाहिए। इस गलत बयान के लिए यदि मनीष ग्रोवर दस दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तो वह मानहानि का केस करने के अलावा उन पर कोर्ट में आपराधिक मामला भी दर्ज करवाएंगे।
सूत्रों की मानें तो पूर्व सीएम ने 19 दिसंबर को नगर निगम मेयर चुनाव के विजय जुलूस में, 20 दिसंबर को वीटा मिल्क प्लांट में व 23 दिसंबर को नवनिर्वाचित मेयर मनमोहन गोयल के फार्म हाउस पर उनके खिलाफ बयान दिया। पूर्व सीएम द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मनीष ग्रोवर हरियाणा सरकार में मंत्री के पद पर हैं और उनका ऐसा बयान देना अशोभनीय है। यदि वह कुछ बोलना ही चाहते हैं तो पहले भाजपा सरकार की ओर से दंगों की जांच करने के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को पढ़ लेते। पूर्व सीएम हुड्डा ने अपने पत्र में कहा है कि वह उस परिवार से संबंध रखते हैं जिसमें मातूराम और रणबीर हुड्डा जैसी शख्सियत हैं। चौधरी मातूराम सात बार असेंबली सदस्य रहे और उनके पिता रणबीर हुड्डा संविधान निर्माताओं में से हैं। वह स्वयं 1970 से राजनीति में हैं और दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। इसके अलावा वह फॉर्मर उपप्रधानमंत्री देवीलाल को भी चुनाव में हरा चुके हैं। ऐसे में एक मंत्री का एक पूर्व सीएम के लिए इस तरह की बयानबाजी गलत है। मंत्री को अपने पद की गरिमा और सामने वाले की गरिमा का भी पता होना चहिए। पूर्व सीएम ने 26 दिसंबर को कोरियर, स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट से मनीष ग्रोवर के घर के पते पर नोटिस भेजा है।
बोले पूर्व सीएम
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर मेरा नाम लेकर बार-बार गलत बयान देते हैं, जबकि उन्हें प्रकाश सिंह कमेटी की जांच रिपोर्ट को पढ़ने की जरूरत है। अभी उनको वकील ने नोटिस भेजा है, यदि वह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तो उन पर 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा डाला जाएगा।
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- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सीएम
पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने उठाए तीन सवाल
पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने भाजपा सरकार से सवाल करते हुए कहा है कि हरियाणा को पिछले चार सालों में कई बार बिगड़ती कानून व्यवस्था को झेलना पड़ा। सरकार अपनी नाकामी दूसरों पर मढ़ना चाहती है, जबकि कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी सरकार की ही होती है। ऐसे में भाजपा सरकार को तीन अहम सवालों का जवाब देना चाहिए।
1. भाजपा सरकार बताये कि जब हरियाणा जल रहा था तो 4 दिन तक पुलिस किसके आदेश पर गायब थी? पुलिस को आंदोलन काबू करने से किसने रोक रखा था? तत्कालीन गृह मंत्री कौन था?
2. खुद सरकार द्वारा गठित प्रकाश सिंह कमेटी ने घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों में भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं के ही नाम क्यों डाले हैं? जिनपर वो अब तक दोष मढ़ती आ रही है उनका नाम क्यों नहीं आया?
3. डेरा सच्चा सौदा हो या बाबा रामपाल या जाट आंदोलन घटनाक्रम इन सबके दौरान सरकार की गोलियों से बिछी लाशों के लिए कौन जिम्मेदार है? सब जानते हैं कि अधिकतर मरने वाले बेकसूर थे। इन निर्दोषों पर गोली चलाने के आदेश किसने दिए?
बोले सहकारिता मंत्री
मुझे अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है और जब नोटिस मिलेगा तो जवाब दिया जाएगा। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री 50 करोड़ रुपये की मानहानि करने का मुकदमा करने की बात कर रहे हैं, इससे साफ संकेत है कि पूर्व मुख्यमंत्री एक बड़े पूंजीपति हैं, वह यह भी बताएं कि इतनी पूंजी कहां से लाए।
- मनीष कुमार ग्रोवर, सहकारिता मंत्री
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सूत्रों की मानें तो पूर्व सीएम ने 19 दिसंबर को नगर निगम मेयर चुनाव के विजय जुलूस में, 20 दिसंबर को वीटा मिल्क प्लांट में व 23 दिसंबर को नवनिर्वाचित मेयर मनमोहन गोयल के फार्म हाउस पर उनके खिलाफ बयान दिया। पूर्व सीएम द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मनीष ग्रोवर हरियाणा सरकार में मंत्री के पद पर हैं और उनका ऐसा बयान देना अशोभनीय है। यदि वह कुछ बोलना ही चाहते हैं तो पहले भाजपा सरकार की ओर से दंगों की जांच करने के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को पढ़ लेते। पूर्व सीएम हुड्डा ने अपने पत्र में कहा है कि वह उस परिवार से संबंध रखते हैं जिसमें मातूराम और रणबीर हुड्डा जैसी शख्सियत हैं। चौधरी मातूराम सात बार असेंबली सदस्य रहे और उनके पिता रणबीर हुड्डा संविधान निर्माताओं में से हैं। वह स्वयं 1970 से राजनीति में हैं और दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। इसके अलावा वह फॉर्मर उपप्रधानमंत्री देवीलाल को भी चुनाव में हरा चुके हैं। ऐसे में एक मंत्री का एक पूर्व सीएम के लिए इस तरह की बयानबाजी गलत है। मंत्री को अपने पद की गरिमा और सामने वाले की गरिमा का भी पता होना चहिए। पूर्व सीएम ने 26 दिसंबर को कोरियर, स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट से मनीष ग्रोवर के घर के पते पर नोटिस भेजा है।
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बोले पूर्व सीएम
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर मेरा नाम लेकर बार-बार गलत बयान देते हैं, जबकि उन्हें प्रकाश सिंह कमेटी की जांच रिपोर्ट को पढ़ने की जरूरत है। अभी उनको वकील ने नोटिस भेजा है, यदि वह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तो उन पर 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा डाला जाएगा।
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- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सीएम
पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने उठाए तीन सवाल
पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने भाजपा सरकार से सवाल करते हुए कहा है कि हरियाणा को पिछले चार सालों में कई बार बिगड़ती कानून व्यवस्था को झेलना पड़ा। सरकार अपनी नाकामी दूसरों पर मढ़ना चाहती है, जबकि कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी सरकार की ही होती है। ऐसे में भाजपा सरकार को तीन अहम सवालों का जवाब देना चाहिए।
1. भाजपा सरकार बताये कि जब हरियाणा जल रहा था तो 4 दिन तक पुलिस किसके आदेश पर गायब थी? पुलिस को आंदोलन काबू करने से किसने रोक रखा था? तत्कालीन गृह मंत्री कौन था?
2. खुद सरकार द्वारा गठित प्रकाश सिंह कमेटी ने घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों में भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं के ही नाम क्यों डाले हैं? जिनपर वो अब तक दोष मढ़ती आ रही है उनका नाम क्यों नहीं आया?
3. डेरा सच्चा सौदा हो या बाबा रामपाल या जाट आंदोलन घटनाक्रम इन सबके दौरान सरकार की गोलियों से बिछी लाशों के लिए कौन जिम्मेदार है? सब जानते हैं कि अधिकतर मरने वाले बेकसूर थे। इन निर्दोषों पर गोली चलाने के आदेश किसने दिए?
बोले सहकारिता मंत्री
मुझे अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है और जब नोटिस मिलेगा तो जवाब दिया जाएगा। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री 50 करोड़ रुपये की मानहानि करने का मुकदमा करने की बात कर रहे हैं, इससे साफ संकेत है कि पूर्व मुख्यमंत्री एक बड़े पूंजीपति हैं, वह यह भी बताएं कि इतनी पूंजी कहां से लाए।
- मनीष कुमार ग्रोवर, सहकारिता मंत्री