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Thu, 15 Jun 2017 10:39 PM IST
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:39 PM IST
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फर्स्ट एड सर्टिफिकेट न मिलने पर युवकों का हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रोडवेज में कंडक्टर भर्ती के लिए जरूरी फर्स्ट एड कोर्स का सर्टिफिकेट हासिल करने पहुंचे युवकों ने वीरवार को रेडक्रास बिल्डिंग में जमकर हंगामा किया। इनमें से कुछ युवाओं ने बिल्डिंग में लगी खिड़कियों के शीशे और अन्य सामान भी तोड़ दिया। रेडक्रास भवन में मौजूद पुलिस ने बिल्डिंग से प्रशिक्षणार्थियों को किसी तरह बाहर निकाला। गुस्साए प्रशिक्षणार्थियों का कहना था कि रेडक्रास के अधिकारी क्लास अटैंड के बावजूद सर्टिफिकेट देने में आनाकानी कर रहे हैं। इससे रोडवेज में भर्ती के लिए जरूरी सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है। कुछ युवाओं ने रेडक्रास कर्मचारियों पर घूस मांगने का भी आरोप लगाया। इस मामले में कुछ युवा रेडक्रास सचिव से भी मिले। सचिव ने एक-दो दिन में सारी व्यवस्थाएं ठीक करने का आश्वासन दिया है।
24 जून को आवेदन की अंतिम तिथि से हुआ हंगामा
दरअसल रोडवेज कंडक्टर पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 जून है। भर्ती के लिए नए नियमों के मुताबिक आवेदनकर्ता रेडक्रास में फर्स्ट
एड कोर्स का प्रोविजनल सर्टिफिकेट लेने के बाद कंडक्टर पद के लिए अप्लाई कर सकता है। रेडक्रास भवन में फर्स्ट एड कोर्स के लिए एक महीने की कक्षाएं लगती हैं। इसके लिए 500 रुपये बतौर फीस ली जाती है। इसके बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। प्रशिक्षणार्थियों का कहना है कि कोर्स करने के बावजूद रेडक्रॉस के कर्मचारी प्रोविजनल सर्टिफिकेट देने में आनाकानी कर रहे हैं।
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अस्थाई ट्रेनरों की लापरवाही से बढ़ी परेशानी
खास बात यह है कि रेडक्रास सोसाइटी जिन प्रशिक्षणार्थियों को सर्टिफिकेट दे रही है उनको ट्रेनिंग देने वाले प्रशिक्षक ही रेगुलर नहीं हैं। वीरवार को रेडक्रास परिसर में हंगामा कर रहे प्रशिक्षणार्थियों का कहना था कि जब वे प्रोविजनल सर्टिफिकेट लेने के लिए कर्मचारी के पास जाते हैं तो वह पहले रिकॉर्ड चेक करने की बात करता है। यह रिकॉर्ड रेडक्रास के ट्रेनर को ऑफिस में जमा कराना होता है। इसमें प्रशिक्षणार्थी की हाजिरी और उसके प्रशिक्षण की कुशलता के बारे में जानकारी देनी होती है। आरोप है कि गैर स्थायी प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षणार्थियों के रिकॉर्ड ही ऑफिस में जमा नहीं कराए। इसके चलते प्रोविजनल सर्टिफिकेट हासिल करने में परेशानी होने के साथ ही हंगामा हुआ।
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अधिकारियों के फोन भी नहीं उठाते ट्रेनर
प्रशिक्षणार्थियों ने नवनियुक्त रेडक्रास सचिव को पूरे मामले से अवगत कराया। इसमें रेडक्रास कर्मचारी के साथ ही अस्थायी ट्रेनर की लापरवाही भी सामने आई। सचिव ने सहायक सचिव रवि हुड्डा से अस्थायी ट्रेनर को फोन कर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा। अस्थायी ट्रेनर ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद सचिव ने भी अस्थायी ट्रेनर को फोन किया लेकिन उनकी भी बात नहीं हो सकी। इस बाबत सचिव ने प्रशिक्षणार्थियों से जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। साथ ही स्थायी डीटीओ को तैनात करने के लिए प्रयास करने के लिए भी कहा।


कर्मचारियों को दिए लापरवाही छोड़ने के आदेश
वीरवार को रेडक्रास कर्मचारियों को काम में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है। साथ ही कहा कि रेडक्रास सोसाइटी की वर्तमान स्थिति के विपरीत अगले कुछ दिनों में सिस्टम में सुधार आ जाना चाहिए। जल्द ही स्थायी डीटीओ की भर्ती होगी। इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट न मिल पाने की समस्या भी दूर की जाएगी। - वाजिद अली, सचिव, रेडक्रास सोसाइटी
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