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पीजीआईएमएस का बहुचर्चित ईशा अली मामला
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:28 AM IST
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पीजीआईएमएस का बहुचर्चित ईशा अली मामला
जिला अदालत में बयान दर्ज, उपभोक्ता फोरम ने दी तारीख
फोटो सहित एसएनजे 16 ईशा अली
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए ईशा अली का बहुचर्चित मामला गले की फांस बन गया है। वीरवार को जिला अदालत ने जहां पीड़ित के बयान दर्ज करवाए हैं, वहीं उपभोक्ता फोरम में अगली तारीख दे दी गई है। शिकायतकर्ता ने अपने मामले में पूर्व निदेशक व एक निजी केमिस्ट को आरोपी बनाया है।
यूपी के शामली निवासी ईशा अली ने बताया कि उसने अपनी बेटी समां को न्याय दिलाने के लिए जिला अदालत और उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई थी। इस पर 12 जुलाई को दोनों जगह तारीख लगी थी। उपभोक्ता फोरम में पूर्व निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता व निदेशक कार्यालय से दो लिपिक उपस्थित हुए थे, यहां सुनवाई के लिए अगली तारीख 29 अगस्त 2018 मिली है। जबकि जिला अदालत में जज के समक्ष उसके बयान दर्ज हुए हैं। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में कहा है कि उसके साथ आरोपी डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया और उसके धर्म पर सवाल उठाते हुए उसे आतंकवादी तक कहा तथा गालियां दीं। बेटी के उपचार में उसे ठगा गया, बिस्तर पर सामान महंगे दामों पर उपलब्ध कराया गया। जो टीका संस्थान में मौजूद था वह बाहर से मंगाया गया। जब उसने आवाज उठाई तो पुलिस की मदद से उसे प्रताड़ित किया गया और उस पर समझौत का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इस संबंध में वह पुलिस कप्तान और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचित कर चुकी है। पीड़ित ने बताया कि उसने कोर्ट में एक अन्य डॉक्टर का साक्ष्य भी पेश किया है, जिसमें बताया गया है कि उसकी बेटी को ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं थी। इस केस में उसे अगली तारीख 21 सितंबर 2018 मिली है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि अब उसे अपनी जान का खतरा है, क्योंकि उस पर अब समझौता करने का अधिक दबाव बनाया जाएगा।
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जिला अदालत में बयान दर्ज, उपभोक्ता फोरम ने दी तारीख
फोटो सहित एसएनजे 16 ईशा अली
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए ईशा अली का बहुचर्चित मामला गले की फांस बन गया है। वीरवार को जिला अदालत ने जहां पीड़ित के बयान दर्ज करवाए हैं, वहीं उपभोक्ता फोरम में अगली तारीख दे दी गई है। शिकायतकर्ता ने अपने मामले में पूर्व निदेशक व एक निजी केमिस्ट को आरोपी बनाया है।
यूपी के शामली निवासी ईशा अली ने बताया कि उसने अपनी बेटी समां को न्याय दिलाने के लिए जिला अदालत और उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई थी। इस पर 12 जुलाई को दोनों जगह तारीख लगी थी। उपभोक्ता फोरम में पूर्व निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता व निदेशक कार्यालय से दो लिपिक उपस्थित हुए थे, यहां सुनवाई के लिए अगली तारीख 29 अगस्त 2018 मिली है। जबकि जिला अदालत में जज के समक्ष उसके बयान दर्ज हुए हैं। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में कहा है कि उसके साथ आरोपी डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया और उसके धर्म पर सवाल उठाते हुए उसे आतंकवादी तक कहा तथा गालियां दीं। बेटी के उपचार में उसे ठगा गया, बिस्तर पर सामान महंगे दामों पर उपलब्ध कराया गया। जो टीका संस्थान में मौजूद था वह बाहर से मंगाया गया। जब उसने आवाज उठाई तो पुलिस की मदद से उसे प्रताड़ित किया गया और उस पर समझौत का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इस संबंध में वह पुलिस कप्तान और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचित कर चुकी है। पीड़ित ने बताया कि उसने कोर्ट में एक अन्य डॉक्टर का साक्ष्य भी पेश किया है, जिसमें बताया गया है कि उसकी बेटी को ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं थी। इस केस में उसे अगली तारीख 21 सितंबर 2018 मिली है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि अब उसे अपनी जान का खतरा है, क्योंकि उस पर अब समझौता करने का अधिक दबाव बनाया जाएगा।
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