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बेसहारा बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियाला फैला रही तेरी किताब, मेरी किताब
Updated Mon, 30 Apr 2018 03:28 AM IST
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बेसहारा बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला रही तेरी किताब, मेरी किताब
हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर ने मानसरोवर पार्क में शुरू की थी पहल
अब तक दस हजार से अधिक किताबें ले जा रहे शहर व आसपास गांव के बच्चे
महबूब अली
रोहतक।
हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर की पहल से शहर व आसपास क्षेत्र के गांव के बच्चों को नि:शुल्क किताबें व कॉपी उपलब्ध कराई जा रही है। मानसरोवर पार्क में तेरी किताब, मेरी किताब के माध्यम से पहल शुरू की गई थी। जिसमें पुरानी किताबों को यहां पर लाकर रखने तथा ले जाने की व्यवस्था शुरु की गई। अब तक दस हजार से अधिक किताबों को बच्चे ले जा चुके हैं। शहर के प्रत्येक गांव में यह व्यवस्था शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर गजेंद्र सिंह फौगाट ने बताया कि बीती 17 मार्च को उन्होंने मानसरोवर पार्क में तेरी किताब मेरी किताब नामक छोटी सी अस्थाई लाइब्रेरी की शुरुआत की थी। जिसका उद्देश्य था कि गरीब, बेसहारा बच्चों को लाइब्र्रेरी से हर तरह की किताबें मुफ्त उपलब्ध कराई जा सके। ताकि वह अक्षय ज्ञान प्राप्त कर आगे बढ़ सके। खास तौर पर यह लाइब्रेरी देहात क्षेत्र के बच्चों के लिए शुरु कराई गई थी। जिसमें बच्चे या फिर बड़े अपनी किताबों को रख सकते थे। पहल का परिणाम यह रहा है कि शहर के लोगों ने काफी संख्या में पुरानी कि ताबों को अस्थाई लाइब्रेरी में रखा। सोशल मीडिया के माध्यम से तेरी किताब, मेरी किताब का प्रचार प्रसार किया गया। गजेंद्र ने बताया कि अब तक दस हजार से अधिक रोहतक के अलावा माजरा, बोहर, अस्थल बोहर, पहरावर, सांघी गांव के लोग किताब व कापियों को ले जा चुके हैं। पुरानी किताब रखने वालों की संख्या भी कम नहीं है।
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आसपास के गांव में शुरू कराई जाएगी
डायरेक्टर ने बताया कि उनका प्रयास है कि आसपास के गांव में भी इस तरह की पहल शुरू की जाए। ताकि बेसहारा लोग अक्षर ज्ञान कर सके। इस संबंध में सभी सरपंचों की भी मदद ली जाएगी।
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तू भी पढ़ मै भी पढ़ूं जल्द होगी शुरू
गजेंद्र ने बताया कि उनका प्रयास है कि जल्द ही बड़ी लाइब्रेरी बनवाने का है। ताकि बच्चे बैठकर पढ़ सकें। उन्हें हर तरह की किताबें उपलब्ध कराई जा सकें। मानसरोवर पार्क में जल्द ही तू भी पढ़, मैं भी पढूं के नाम से पहल की शुरुआत की जाएगी। जिसके तहत पार्क में नोवेल, महापुरुषों पर आधारित जीवनियां व अन्य मैग्जीन रखवाई जाएंगी। ताकि बच्चे व बड़े यहां पर तरह तरह के ज्ञान प्राप्त कर सके।
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पहल काबिले तारीफ
डीसी डॉ. यश गर्ग का कहना है कि पहल वाक ई में काबिले तारीफ है। आसपास के लोगों को भी जागरूक होकर इस तरह की पहल के लिए आगे आना चाहिए।
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बेसहारा बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला रही तेरी किताब, मेरी किताब
हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर ने मानसरोवर पार्क में शुरू की थी पहल
अब तक दस हजार से अधिक किताबें ले जा रहे शहर व आसपास गांव के बच्चे
महबूब अली
रोहतक।
हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर की पहल से शहर व आसपास क्षेत्र के गांव के बच्चों को नि:शुल्क किताबें व कॉपी उपलब्ध कराई जा रही है। मानसरोवर पार्क में तेरी किताब, मेरी किताब के माध्यम से पहल शुरू की गई थी। जिसमें पुरानी किताबों को यहां पर लाकर रखने तथा ले जाने की व्यवस्था शुरु की गई। अब तक दस हजार से अधिक किताबों को बच्चे ले जा चुके हैं। शहर के प्रत्येक गांव में यह व्यवस्था शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर गजेंद्र सिंह फौगाट ने बताया कि बीती 17 मार्च को उन्होंने मानसरोवर पार्क में तेरी किताब मेरी किताब नामक छोटी सी अस्थाई लाइब्रेरी की शुरुआत की थी। जिसका उद्देश्य था कि गरीब, बेसहारा बच्चों को लाइब्र्रेरी से हर तरह की किताबें मुफ्त उपलब्ध कराई जा सके। ताकि वह अक्षय ज्ञान प्राप्त कर आगे बढ़ सके। खास तौर पर यह लाइब्रेरी देहात क्षेत्र के बच्चों के लिए शुरु कराई गई थी। जिसमें बच्चे या फिर बड़े अपनी किताबों को रख सकते थे। पहल का परिणाम यह रहा है कि शहर के लोगों ने काफी संख्या में पुरानी कि ताबों को अस्थाई लाइब्रेरी में रखा। सोशल मीडिया के माध्यम से तेरी किताब, मेरी किताब का प्रचार प्रसार किया गया। गजेंद्र ने बताया कि अब तक दस हजार से अधिक रोहतक के अलावा माजरा, बोहर, अस्थल बोहर, पहरावर, सांघी गांव के लोग किताब व कापियों को ले जा चुके हैं। पुरानी किताब रखने वालों की संख्या भी कम नहीं है।
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आसपास के गांव में शुरू कराई जाएगी
डायरेक्टर ने बताया कि उनका प्रयास है कि आसपास के गांव में भी इस तरह की पहल शुरू की जाए। ताकि बेसहारा लोग अक्षर ज्ञान कर सके। इस संबंध में सभी सरपंचों की भी मदद ली जाएगी।
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तू भी पढ़ मै भी पढ़ूं जल्द होगी शुरू
गजेंद्र ने बताया कि उनका प्रयास है कि जल्द ही बड़ी लाइब्रेरी बनवाने का है। ताकि बच्चे बैठकर पढ़ सकें। उन्हें हर तरह की किताबें उपलब्ध कराई जा सकें। मानसरोवर पार्क में जल्द ही तू भी पढ़, मैं भी पढूं के नाम से पहल की शुरुआत की जाएगी। जिसके तहत पार्क में नोवेल, महापुरुषों पर आधारित जीवनियां व अन्य मैग्जीन रखवाई जाएंगी। ताकि बच्चे व बड़े यहां पर तरह तरह के ज्ञान प्राप्त कर सके।
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पहल काबिले तारीफ
डीसी डॉ. यश गर्ग का कहना है कि पहल वाक ई में काबिले तारीफ है। आसपास के लोगों को भी जागरूक होकर इस तरह की पहल के लिए आगे आना चाहिए।