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तीन सालों में 250 गुमशुदगी के तो 55 मामले अपहरण के दर्ज

Mon, 26 Mar 2018 01:49 AM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:49 AM IST
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तीन सालों में 250 गुमशुदगी के तो 55 मामले अपहरण के दर्ज
तीन सालों में दर्ज हुए 250 गुमशुदगी के और 55 अपहरण के मामले
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चरखी दादरी।
महिलाओं व युवतियों के गुमशुदगी या अपहरण के मामले पिछले कुछ सालों में बढ़े हैं। बीते तीन सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो हर चौथे दिन महिला या युवती जिले से संदिग्ध हालात में गायब हो रही है। तीन सालों में जिले में 250 महिलाओं या युवतियों की गुमशुदगी के मामले थानों में दर्ज हुए हैं। इनमें से 155 मामलों को पुलिस ट्रेस आउट कर कैंसिल कर चुकी हैं जबकि दो मामलों के आरोपी कोर्ट से बरी हुए हैं। इसके अलावा 2015, 2016 व 2017 में दर्ज हुए गुमशुदगी के 34 मामले अभी तक अनट्रेस हैं। 2015 के तीन , 2016 के 14 व 2017 के 17 मामले अभी तक अनसुलझे हैं। इन तीन सालों में करीब 48 मामले अपहरण व शादी के लिए युवती को भगा ले जाने के दर्ज हुए हैं इनमें से दो मामले अभी अनट्रेस हैं जबकि 20 मामले कैंसिल हो चुके हैं। दो मामलों में कोर्ट ने आरोपियों को सजा भी सुनाई है।
2015 में विभिन्न थानों में महिला या युवती की गुमशुदगी के 39 मामले दर्ज हुए। इनमें से 35 महिला या युवतियों को पुलिस ने सप्ताह से दस दिन के अंदर ढूंढ निकाला और उनके बयान के आधार पर मामले कैंसिल कर दिए गए। तीन मामलों को पुलिस अब तक ट्रेस आउट नहीं कर पाई है जबकि एक मामले में आरोपी कोर्ट से बरी हुआ है। 2015 में 16 मामले अपहरण या शादी का झांसा देकर घर से भगाने के दर्ज हुए, जिनमें से आठ मामले कैंसिल किए गए जबक ि दो मामले अब तक अनट्रेस हैं। एक मामले के आरोपी को कोर्ट सजा सुना चुकी है जबकि पुलिस एक का चालान कोर्ट में पेश कर चुकी है।
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2016 में पिछले साल की तुलान में गुमशुदगी के मामलों में इजाफा हुआ। 2016 में 65 मामले दर्ज किए गए और इनमें से 48 मामले कैंसिल हुए तबकि 14 अनट्रेस हैं। दो मामलों में पुलिस कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है जबकि एक मामले में कोर्ट आरोपी को सजा सुना चुकी है। 2016 में अपहरण या शादी के लिए भगाकर ले जाने के 19 मामले दर्ज हुए और इनमें से पांच कैंसिल हो गए। दस मामलों में पुलिस कोर्ट में चालानपेश कर चुकी है।
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2017 में भी गुमशुदगी के मामलों में 2015 की तुलना में ढाई गुना बढ़ोतरी होने से संख्या 98 पर पहुंच गई। हालांकि 72 महिलाओं या युवतियों को पुलिस ने बरामद कर मामलों को कैंसिल कर दिया लेकिन 17 अभी भी अनट्रेस हैं और एक मामले में पुलिस कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है। 2017 में अपहरण या शादी के लिए भगाकर ले जाने के 13 मामले दर्ज हुए और इनमें से सात मामले कैंसिल हो गए। पांच के चालान पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रखे हैं जबकि एक आरोपी को कोर्ट बरी कर चुकी है।
किशोरी का अपहरण कर दुराचार का आरोपी भेजा जेल
क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी का घर के बाहर से गत 20 मार्च को पिचौपाकलां निवासी कृष्ण ने अपहरण कर लिया था। सीडब्ल्यूसी काउंसिलंग में पीड़ित किशोरी ने दुराचार करने की बात भी बताई थी। पुलिस ने आरोपी कृष्ण को बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता सुरेंद्र दांगी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट के आदेशों पर पुलिस ने जेल भेज दिया।
सदर थाने में सबसे अधिक मामले हुए दर्ज
बीते तीन सालों में सदर पुलिस थाने में गुमशुदगी या अपहरण के सबसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इसके बाद बाढड़ा पुलिस थाने व फिर बौंदकलां थाने का नंबर आता है। सिटी पुलिस थाने में इन मामलों की संख्या कम है। हालांकि सदर थाने में दर्ज हुए 90 मामले कैंसिल हुए हैं लेकिन कुछ मामले अभी भी अनट्रेस हैं।

वर्जन
पुलिस महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए प्रयासरत है इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेजों के साथ पुलिस गांवों में पहुंचकर महिला विरूद्घ अपराधों को छिपाने की बजाय पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित कर रही है। 1091 नंबर पर आने वाली शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जा रहा है। अभिभावकों को भी किशोर अवस्था के बच्चों पर नजर रखनी चाहिए।
हिमांशु गर्ग, पुलिस अधीक्षक
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