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मानुषी छिल्लर1
Updated Sun, 19 Nov 2017 03:38 AM IST
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चीन में छह दिन बाद परिवार वालों से मिली मानुषी
- नाना-नानी को भी साथ ले जाना चाहते थे पिता
रोहतक।
दिवाली से पहले बेटी के चीन जाने के बाद उसके परिवार के लोग प्रतियोगिता के छह दिन पहले चीन रवाना हुए। वहां पर उनके ठहरने का पूरा इंतजाम है मगर वह अपनी बेटी से मिल नहीं पा रहे थे। प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले उन्हें अपनी बेटी की झलक मिली।
मानुषी के पिता डॉ. मित्र वासु, मां नीलम छिल्लर, भाई, बहन सब 12 नवंबर को चीन गए हैं। वहां से परिवार वालों को वह पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। 130 देशों के लोग प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। रोहतक में परिवार अलग-अलग चरण में होने वाले कंपीटीशन के बारे में जानना चाहता था। ऐसे में डॉक्टर वासु का रोजाना फोन आता था। क्या चल रहा है इसकी जानकारी उन्हें थी। मानुषी के चाचा डॉ. दिनेश छिल्लर ने बताया कि भाई साहब से बात हुई है। आज वह लोग कुछ समय के लिए मानुषी से मिले थे।
चाचा डॉ. दिनेश छिल्लर का कहना है कि उनकी बड़ी बहन कानून की पढ़ाई पढ़ रही है। मानुषी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। बचपन से ही उसके शौक यह बताते थे कि वह कुछ अलग करेगी। और उसने कर दिखाया।
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चाची डॉ. उषा छिल्लर उसी कॉलेज में पढ़ाती है जहां पर मानुषी पढ़ती है। ऐसे में वह कॉलेज में उसकी अध्यापिका के साथ उसकी अभिभावक हैं। उन्होंने कहा कि मानुषी से जब बात हुई थी तो वह कहती थी कि चाची टिकट करा लो चीन आना है।
फूफा डॉ. एचएस कमल व बुआ डॉ. राधिका कमल कहती हैं कि भतीजी ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्हें अपनी मानुषी पर गर्व है।
मानुषी की भाभी कुसुम कहती है कि उनकी शादी में वह नौ साल की थी। वही मासूम चेहरा अभी भी मानुषी में दिखता है।
परिवार वाले बताते हैं कि मानुषी कविता लिखती है। उसकी पेंटिंग देखने के बाद आप महसूस नहीं कर सकते हैं कि एक बच्ची ने यह पेंटिंग बनाई है। इसके साथ ही क्लासिकल संगीत में भी विशेष रुचि रखती है।
25 जून को मिस इंडिया बनने के बाद रोहतक आयी थी मानुषी
मिस इंडिया बनने के बाद 26 जून को मानुषी नाना-नानी से मिलने के लिए रोहतक आयी थी। उसके बाद से उसका रोहतक आना नहीं हुआ है। वह अपनी पढ़ाई के साथ अपने प्रतियोगिता की तैयारी में लगी हुई थी। जून की रोहतक आने से उसकी यात्रा से परिवार वालों की यादें जुड़ी है। नाना-नानी दिल्ली उससे बीच में मिल कर आए हैं।
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- नाना-नानी को भी साथ ले जाना चाहते थे पिता
रोहतक।
दिवाली से पहले बेटी के चीन जाने के बाद उसके परिवार के लोग प्रतियोगिता के छह दिन पहले चीन रवाना हुए। वहां पर उनके ठहरने का पूरा इंतजाम है मगर वह अपनी बेटी से मिल नहीं पा रहे थे। प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले उन्हें अपनी बेटी की झलक मिली।
मानुषी के पिता डॉ. मित्र वासु, मां नीलम छिल्लर, भाई, बहन सब 12 नवंबर को चीन गए हैं। वहां से परिवार वालों को वह पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। 130 देशों के लोग प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। रोहतक में परिवार अलग-अलग चरण में होने वाले कंपीटीशन के बारे में जानना चाहता था। ऐसे में डॉक्टर वासु का रोजाना फोन आता था। क्या चल रहा है इसकी जानकारी उन्हें थी। मानुषी के चाचा डॉ. दिनेश छिल्लर ने बताया कि भाई साहब से बात हुई है। आज वह लोग कुछ समय के लिए मानुषी से मिले थे।
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चाचा डॉ. दिनेश छिल्लर का कहना है कि उनकी बड़ी बहन कानून की पढ़ाई पढ़ रही है। मानुषी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। बचपन से ही उसके शौक यह बताते थे कि वह कुछ अलग करेगी। और उसने कर दिखाया।
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चाची डॉ. उषा छिल्लर उसी कॉलेज में पढ़ाती है जहां पर मानुषी पढ़ती है। ऐसे में वह कॉलेज में उसकी अध्यापिका के साथ उसकी अभिभावक हैं। उन्होंने कहा कि मानुषी से जब बात हुई थी तो वह कहती थी कि चाची टिकट करा लो चीन आना है।
फूफा डॉ. एचएस कमल व बुआ डॉ. राधिका कमल कहती हैं कि भतीजी ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्हें अपनी मानुषी पर गर्व है।
मानुषी की भाभी कुसुम कहती है कि उनकी शादी में वह नौ साल की थी। वही मासूम चेहरा अभी भी मानुषी में दिखता है।
परिवार वाले बताते हैं कि मानुषी कविता लिखती है। उसकी पेंटिंग देखने के बाद आप महसूस नहीं कर सकते हैं कि एक बच्ची ने यह पेंटिंग बनाई है। इसके साथ ही क्लासिकल संगीत में भी विशेष रुचि रखती है।
25 जून को मिस इंडिया बनने के बाद रोहतक आयी थी मानुषी
मिस इंडिया बनने के बाद 26 जून को मानुषी नाना-नानी से मिलने के लिए रोहतक आयी थी। उसके बाद से उसका रोहतक आना नहीं हुआ है। वह अपनी पढ़ाई के साथ अपने प्रतियोगिता की तैयारी में लगी हुई थी। जून की रोहतक आने से उसकी यात्रा से परिवार वालों की यादें जुड़ी है। नाना-नानी दिल्ली उससे बीच में मिल कर आए हैं।