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कककक
Updated Sun, 18 Jun 2017 10:59 PM IST
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तेज बारिश से गलियां और सड़कें डूबीं
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
रविवार अल सुबह भारी बारिश होने से मोहल्ला महाचयन की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। पानी निकासी के इंतजाम होने के बावजूद मोहल्ले में दोपहर तक बरसाती पानी भरा रहा। जलभराव होने से यहां से गुजरने वाले लोगों के अलावा मोहल्ले के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि बारिश होते ही मोहल्ले के लोग परेशान हो जाते हैं। निकासी नहीं होने से मोहल्ले में कई दिनों तक बरसाती पानी रुका रहता है। इससे संक्रामक बीमारी के फैलने का डर बना रहता है। रविवार को हुई बारिश से कई घरों में भी पानी घुस गया। सीवरेज व्यवस्था खराब होने से हालात ज्यादा बदतर रहे। नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी मोहल्ला महाचयन की 25 वर्षों पुरानी पानी निकासी की समस्या हल नहीं हो पाई।
रविवार अलसुबह बारिश शुरू होते ही मोहल्ला महायचान की गलियाें और मुख्य रास्तों पर पानी भर गया। मोहल्लावासियों ने बताया कि उनकी यह समस्या 25 वर्षों से बनी हुई है। जब भी मानसून की तेज बारिश होती है तो पानी उनकी गलियों में भर जाता है। कई बार तो पानी घरों में भी घुस जाता है। नेशनल हाईवे पर जाने के लिए यह मुख्य रास्ता है। पानी भरने के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान बारिश का पानी आसपास के क्षेत्र में लंबे समय तक रुका रहता है। प्रशासन को मोहल्ले की इस समस्या की जानकारी होने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल कर रहा।
छह माह बाद हुआ रिचार्ज बोर फेल
मोहल्लेवासियों ने बताया कि चार वर्ष पहले नगरपालिका ने समस्या के समाधान के लिए लाखों रुपये खर्च एक रिचार्ज बोर करवाया था। रिचार्ज बोर छह महीने तो ठीक चला उसके बाद वह भी फेल हो गया। प्रशासन को इसको ठीक करवाने के लिए कई बार कहा जा चुका है किंतु इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अगर रिचार्ज बोर ठीक हो जाए तो समस्या का कुछ हद तक समाधान हो सकता है। पानी निकासी के लिए प्रशासन की तरफ से दो इंजन रखे गए हैं। इनमें एक इंजन ही चालू हालत में है। उसे लगाने के बाद एक या दो बार चलाया गया है। इसके अलावा सरकारी भूमि पर दो हौद बनाये हैं। उनमें भी एक मोटर लगा रखी है। मोटर पानी को खींचकर उन हौद में डाल देती है। रात को लाइट चले जाने के कारण मोटर को चलाया नहीं जा सका।
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मलेरिया फैलने का लगता है डर
मानसून के दौरान तेज बारिश होने पर मोहल्ले की गलियों में पानी भर जाता है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का डर लगा रहता है। कुछ दिन पूर्व ही मोहल्ले में एक युवक को मलेरिया हो गया था। उसका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मोहल्ले से पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों ने अपने घर के मुख्य दरवाजे पर दो-दो फीट की मेड़ खड़ी कर रखी हैं ताकि बरसाती पानी घरों में न घुस सके।
मोहल्ले के लोगों की परेशानी, उनकी जुबानी
25 वर्षों से हम पानी निकासी को लेकर परेशान हैं। प्रशासन और नेताओं को कई बार अवगत कराया जा चुका है किंतु कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। हमारी मांग है कि सीवरेज की यहां बड़ी लाइन डाली जाए ताकि पानी की निकासी ठीक से हो सके। - फूलचंद।
जब भी मानसून आता है तो हमें जलभराव का पहले ही डर लगने लगता है। प्रशासन की तरफ से पानी निकासी के लिए इंजन और दूसरी मोटर लगाई गई हैं किंतु जब उनका प्रयोग ही समय पर नहीं होता तो लगाने कोई फायदा नहीं है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि वहां एक अलग से कर्मचारी लगाया जाए। - अनिल कुमार।
मोहल्ले में जलभराव की समस्या लंबे समय से चल आ रही है। इस समस्या से मोहल्लेवासी काफी परेशान हैं। कई बार प्रशासन को अवगत भी करवाया जा चुका है किंतु प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं। जब शिकायत के लिए फोन किया जाता है तो फोन भी रिसीव नहीं करते। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए। - सचिन महायच।
मोहल्ले के मुख्य रास्ते पर सीवरेज लाइन डाली गई है। किंतु पांच से छह महीने बीतने के बाद भी उनकी सफाई नहीं हो पाती है। सीवरेज लाइन ब्लॉक हो जाती हैं। मोहल्ला चाराओं से नीचा होने कारण बारिश का सारा पानी यहां रुक जाता है। इसके अलावा पेयजल सप्लाई लाइन भी जगह-जगह से लीक है। इससे कई बार तो घरों में दूषित पेयजल सप्लाई होता है। - शकुंतला महायच।
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
रविवार अल सुबह भारी बारिश होने से मोहल्ला महाचयन की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। पानी निकासी के इंतजाम होने के बावजूद मोहल्ले में दोपहर तक बरसाती पानी भरा रहा। जलभराव होने से यहां से गुजरने वाले लोगों के अलावा मोहल्ले के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि बारिश होते ही मोहल्ले के लोग परेशान हो जाते हैं। निकासी नहीं होने से मोहल्ले में कई दिनों तक बरसाती पानी रुका रहता है। इससे संक्रामक बीमारी के फैलने का डर बना रहता है। रविवार को हुई बारिश से कई घरों में भी पानी घुस गया। सीवरेज व्यवस्था खराब होने से हालात ज्यादा बदतर रहे। नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी मोहल्ला महाचयन की 25 वर्षों पुरानी पानी निकासी की समस्या हल नहीं हो पाई।
रविवार अलसुबह बारिश शुरू होते ही मोहल्ला महायचान की गलियाें और मुख्य रास्तों पर पानी भर गया। मोहल्लावासियों ने बताया कि उनकी यह समस्या 25 वर्षों से बनी हुई है। जब भी मानसून की तेज बारिश होती है तो पानी उनकी गलियों में भर जाता है। कई बार तो पानी घरों में भी घुस जाता है। नेशनल हाईवे पर जाने के लिए यह मुख्य रास्ता है। पानी भरने के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान बारिश का पानी आसपास के क्षेत्र में लंबे समय तक रुका रहता है। प्रशासन को मोहल्ले की इस समस्या की जानकारी होने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल कर रहा।
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छह माह बाद हुआ रिचार्ज बोर फेल
मोहल्लेवासियों ने बताया कि चार वर्ष पहले नगरपालिका ने समस्या के समाधान के लिए लाखों रुपये खर्च एक रिचार्ज बोर करवाया था। रिचार्ज बोर छह महीने तो ठीक चला उसके बाद वह भी फेल हो गया। प्रशासन को इसको ठीक करवाने के लिए कई बार कहा जा चुका है किंतु इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अगर रिचार्ज बोर ठीक हो जाए तो समस्या का कुछ हद तक समाधान हो सकता है। पानी निकासी के लिए प्रशासन की तरफ से दो इंजन रखे गए हैं। इनमें एक इंजन ही चालू हालत में है। उसे लगाने के बाद एक या दो बार चलाया गया है। इसके अलावा सरकारी भूमि पर दो हौद बनाये हैं। उनमें भी एक मोटर लगा रखी है। मोटर पानी को खींचकर उन हौद में डाल देती है। रात को लाइट चले जाने के कारण मोटर को चलाया नहीं जा सका।
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मलेरिया फैलने का लगता है डर
मानसून के दौरान तेज बारिश होने पर मोहल्ले की गलियों में पानी भर जाता है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का डर लगा रहता है। कुछ दिन पूर्व ही मोहल्ले में एक युवक को मलेरिया हो गया था। उसका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मोहल्ले से पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों ने अपने घर के मुख्य दरवाजे पर दो-दो फीट की मेड़ खड़ी कर रखी हैं ताकि बरसाती पानी घरों में न घुस सके।
मोहल्ले के लोगों की परेशानी, उनकी जुबानी
25 वर्षों से हम पानी निकासी को लेकर परेशान हैं। प्रशासन और नेताओं को कई बार अवगत कराया जा चुका है किंतु कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। हमारी मांग है कि सीवरेज की यहां बड़ी लाइन डाली जाए ताकि पानी की निकासी ठीक से हो सके। - फूलचंद।
जब भी मानसून आता है तो हमें जलभराव का पहले ही डर लगने लगता है। प्रशासन की तरफ से पानी निकासी के लिए इंजन और दूसरी मोटर लगाई गई हैं किंतु जब उनका प्रयोग ही समय पर नहीं होता तो लगाने कोई फायदा नहीं है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि वहां एक अलग से कर्मचारी लगाया जाए। - अनिल कुमार।
मोहल्ले में जलभराव की समस्या लंबे समय से चल आ रही है। इस समस्या से मोहल्लेवासी काफी परेशान हैं। कई बार प्रशासन को अवगत भी करवाया जा चुका है किंतु प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं। जब शिकायत के लिए फोन किया जाता है तो फोन भी रिसीव नहीं करते। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए। - सचिन महायच।
मोहल्ले के मुख्य रास्ते पर सीवरेज लाइन डाली गई है। किंतु पांच से छह महीने बीतने के बाद भी उनकी सफाई नहीं हो पाती है। सीवरेज लाइन ब्लॉक हो जाती हैं। मोहल्ला चाराओं से नीचा होने कारण बारिश का सारा पानी यहां रुक जाता है। इसके अलावा पेयजल सप्लाई लाइन भी जगह-जगह से लीक है। इससे कई बार तो घरों में दूषित पेयजल सप्लाई होता है। - शकुंतला महायच।