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पार्कों में धौलपुर पत्थर लगाने की मांग लेकर गए पार्षदों से कमिश्नर बोले- आचार संहिता के बाद बात करेंगे
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हिसार। शहर के पार्कों में धौलपुर पत्थर लगवाने की मांग को लेकर कमिश्नर से मिलने गए पांच पार्षदों को कमिश्नर अशोक गर्ग ने स्पष्ट कहा कि इस मुद्दे पर आचार संहिता के बाद बात करेंगे। वहीं इसी दौरान वार्ड दो के पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया ने जब सेक्टर-14 में हुडा की जमीन पर पड़े मलबे को निगम की जेसीबी से समतल करवाने की बात कही, तो कमिश्नर ने कहा कि यह तो हुडा की जमीन है। इस पर हम कैसे जेसीबी चलवाएं। हां, इसके लिए हुडा को लेटर जरूर लिख सकते हैं। इस पर पार्षद प्रतिनिधि ने बाहर आकर कहा कि अधिकारी काम करवाना ही नहीं चाहते। इसलिए आगे से कोई भी काम होगा तो वह अधिकारियों से नहीं कहेंगे, बल्कि सीधा मेयर गौतम सरदाना के समक्ष ही मुद्दा रखेंगे।
पार्कों में धौलपुर पत्थर लगाने का टेंडर कर चुका है नगर निगम
दरअसल, शहर के सेक्टरों में करीब 145 पार्कों में धौलपुर पत्थर लगाया जाना है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन टेंडर लगाने के बाद वर्क ऑर्डर भी कर चुका है। मगर आचार संहिता लगने के कारण धौलपुर पत्थर लगाने का काम रुका हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि कमिश्नर ने पार्कों में धौलपुर का पत्थर लगाने से मना कर दिया है। अगर धौलपुर पत्थर नहीं लगते हैं तो सेक्टरों के पार्कों में अन्य पार्कों के जैसी सुंदरता नहीं होगी। पार्षदों ने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए भी ऐसा करने का आरोप लगाया।
नए पार्षदों का आरोप- कर्मचारी नहीं करते पूरी तरह सुनवाई
कमिश्नर से मिलने वालों में वार्ड दो के पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया, वार्ड 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल, वार्ड 14 के पार्षद अमित ग्रोवर, वार्ड 16 के पार्षद विनोद ढांडा और वार्ड 20 के पार्षद प्रतिनिधि सुशील कुमार शामिल थे। नए पार्षदों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों द्वारा उनकी सुनवाई भी कम की जाती है। मान-सम्मान तक का ख्याल नहीं रखा जाता है।
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वर्जन
पार्षद मुझसे मिले थे। धौलपुर पत्थर लगाने की मांग पर कहा था कि आचार संहिता लगने के कारण फिलहाल सब काम रुके हुए हैं। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया ने खाली प्लॉट में झाड़ियां होने की बात कही थी। मगर वह जमीन हुडा की है। मैंने कहा था कि इसके लिए हम हुडा प्रशासन को लेटर लिख देते हैं। बाकी किसी का काम नहीं करने जैसी कोई बात नहीं है।
अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम
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पार्कों में धौलपुर पत्थर लगाने का टेंडर कर चुका है नगर निगम
दरअसल, शहर के सेक्टरों में करीब 145 पार्कों में धौलपुर पत्थर लगाया जाना है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन टेंडर लगाने के बाद वर्क ऑर्डर भी कर चुका है। मगर आचार संहिता लगने के कारण धौलपुर पत्थर लगाने का काम रुका हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि कमिश्नर ने पार्कों में धौलपुर का पत्थर लगाने से मना कर दिया है। अगर धौलपुर पत्थर नहीं लगते हैं तो सेक्टरों के पार्कों में अन्य पार्कों के जैसी सुंदरता नहीं होगी। पार्षदों ने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए भी ऐसा करने का आरोप लगाया।
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नए पार्षदों का आरोप- कर्मचारी नहीं करते पूरी तरह सुनवाई
कमिश्नर से मिलने वालों में वार्ड दो के पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया, वार्ड 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल, वार्ड 14 के पार्षद अमित ग्रोवर, वार्ड 16 के पार्षद विनोद ढांडा और वार्ड 20 के पार्षद प्रतिनिधि सुशील कुमार शामिल थे। नए पार्षदों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों द्वारा उनकी सुनवाई भी कम की जाती है। मान-सम्मान तक का ख्याल नहीं रखा जाता है।
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पार्षद मुझसे मिले थे। धौलपुर पत्थर लगाने की मांग पर कहा था कि आचार संहिता लगने के कारण फिलहाल सब काम रुके हुए हैं। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया ने खाली प्लॉट में झाड़ियां होने की बात कही थी। मगर वह जमीन हुडा की है। मैंने कहा था कि इसके लिए हम हुडा प्रशासन को लेटर लिख देते हैं। बाकी किसी का काम नहीं करने जैसी कोई बात नहीं है।
अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम