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भाजपा ने सोनीपत के साथ करनाल भी रखा योगेश्वर के समकक्ष विकल्प
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रोहतक। लोकसभा चुनाव में सोनीपत समीकरण सटीक नहीं बैठे तो भाजपा करनाल लोकसभा सीट से ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त को उतार सकती है। क्योंकि ब्राह्मण समाज के लिए करनाल सीट सुरक्षित मानी जाती है। प्रदेश के गठन से लेकर अब तक 12 में से 8 बार ब्राह्मण समाज का प्रत्याशी सांसद बना है। कांग्रेस के चिरंजीलाल शर्मा तो जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं।
करनाल लोकसभा सीट पर नजर डालें तो इसमें करनाल व पानीपत जिले के नौ हलके आते हैं। इसमें करनाल सिटी, इंद्री, नीलोखेड़ी, असंध व घरौंडा और पानीपत सिटी, पानीपत ग्रामीण, समालखा व इसराना शामिल है। करीब 16 लाख मतदाताओं में पंजाबी और ब्राह्मण समाज के बराबर के वोट माने जाते हैं। इसके बाद राजपूत के भी अच्छे खासी वोट हैं। जाट समुदाय के डेढ़ लाख के करीब वोट का अनुमान है, जिसमें 80 प्रतिशत पानीपत जिले के इसराना हलके में आते हैं। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों योगेश्वर दत्त की सीएम मनोहर लाल से मुलाकात हुई। इस सीएम ने योगेश्वर दत्त का मन टटोलने का प्रयास किया। योगेश्वर ने खुलकर कुछ नहीं कहा। हालांकि, इस चुप्पी को सियासी हलकों में हां ही माना जा रहा है। अगर भाजपा जोर देगी तो योगेश्वर सोनीपत या करनाल में से एक जगह से सांसद का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे।
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चिरंजीलाल शर्मा लगा चुके हैं जीत की हैट्रिक
करनाल लोकसभा के चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो 1967 व 1971 में माधोराम सांसद बने, जबकि 1977 में भगवत दयाल शर्मा ने बाजी मारी। 1980, 1984 व 1991 में कांग्रेस के चिरंजीलाल शर्मा ने जीत की हैट्रिक लगाई। इस हैट्रिक में 1980 में मौजूदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को हराया था। 1996 व 1999 में भाजपा के आईडी स्वामी विजयी रहे। हालांकि, 1998 में भजनलाल सांसद बने थे। इसके बाद 2004 व 2009 में कांग्रेस के अरविंद शर्मा ने बाजी मारी। 2014 में भाजपा के अश्वनी कुमार ने रिकार्ड मतों से जीत हासिल की थी।
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करनाल लोकसभा सीट पर नजर डालें तो इसमें करनाल व पानीपत जिले के नौ हलके आते हैं। इसमें करनाल सिटी, इंद्री, नीलोखेड़ी, असंध व घरौंडा और पानीपत सिटी, पानीपत ग्रामीण, समालखा व इसराना शामिल है। करीब 16 लाख मतदाताओं में पंजाबी और ब्राह्मण समाज के बराबर के वोट माने जाते हैं। इसके बाद राजपूत के भी अच्छे खासी वोट हैं। जाट समुदाय के डेढ़ लाख के करीब वोट का अनुमान है, जिसमें 80 प्रतिशत पानीपत जिले के इसराना हलके में आते हैं। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों योगेश्वर दत्त की सीएम मनोहर लाल से मुलाकात हुई। इस सीएम ने योगेश्वर दत्त का मन टटोलने का प्रयास किया। योगेश्वर ने खुलकर कुछ नहीं कहा। हालांकि, इस चुप्पी को सियासी हलकों में हां ही माना जा रहा है। अगर भाजपा जोर देगी तो योगेश्वर सोनीपत या करनाल में से एक जगह से सांसद का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे।
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चिरंजीलाल शर्मा लगा चुके हैं जीत की हैट्रिक
करनाल लोकसभा के चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो 1967 व 1971 में माधोराम सांसद बने, जबकि 1977 में भगवत दयाल शर्मा ने बाजी मारी। 1980, 1984 व 1991 में कांग्रेस के चिरंजीलाल शर्मा ने जीत की हैट्रिक लगाई। इस हैट्रिक में 1980 में मौजूदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को हराया था। 1996 व 1999 में भाजपा के आईडी स्वामी विजयी रहे। हालांकि, 1998 में भजनलाल सांसद बने थे। इसके बाद 2004 व 2009 में कांग्रेस के अरविंद शर्मा ने बाजी मारी। 2014 में भाजपा के अश्वनी कुमार ने रिकार्ड मतों से जीत हासिल की थी।
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