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पहले नई बसों की मांग की जाती थी, अब मौजूदा बसों को चलवाना बनी मुसीबत

Wed, 19 Dec 2018 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2018 12:21 AM IST
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पहले नई बसों की मांग की जाती थी, अब मौजूदा बसों को चलवाना बनी मुसीबत
दोपहर बाद दूसरे डिपो की बसें, यमुनानगर न आने पर बढ़ी यात्रियों की मुश्किलें
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यमुनानगर। रोडवेज डिपो में कुल 160 बसें है जिनमें से पहले ही कुल 140 बसें ऑनरूट रहती थी। रोडवेज की हड़ताल के चलते सरकार द्वारा बिना प्रशिक्षण दिए रूट पर चढ़ाए चालकों ने बीस से तीस बसों को कंडम किया। जिनको ठीक करके रूट पर चलाने के लिए, आज तक स्पेयर पार्ट तक नहीं मिले है। इसके अलावा प्रतिदिन पांच बसों को प्री सर्विस के लिए भेजा जाता है और 12 बसें अपडेट करनी होती है। वर्तमान में सुबह यमुनानगर रोडवेज डिपो की केवल 70 से 75 बसें ही ऑनरूट हो रही है। जबकि दोपहर बाद केवल 20 से 25 बसों को ही ऑनरूट किया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा बनाई गई नई नीतियों की वजह से सभी बसों को ऑनरूट करने तक का मौका ही नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज विभाग में पहले नई बसों की मांग की जाती थी। पहले सभी रोडवेज कर्मचारी और बसों की मांग करते थे। लेकिन अब डिपो को सभी बसों को ऑन रूट करने में भी मुसीबत आ रही है।
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शाम को तो केवल 20 से 25 बसें ही रहती है ऑनरूट
परिवहन विभाग की ओर से रोडवेज कर्मचारियों का ऑवर टाइम और नाइट सर्विस बंद करने के बाद तीन बजे के बाद केवल 20 से 25 बसें ही ऑनरूट रहती है। इसके अलावा सभी बसें वर्कशॉप और बस स्टैंड पर खड़ी कर दी जाती है। कर्मचारियों की कमी की वजह से शाम को सभी बसों को ऑनरूट नहीं किया जाता है।
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पहले की जाती थी, नई बसों की मांग अब जो बसें है उनको चलवाना बना मुसीबत
ड्यूटी इंस्पेक्टर की माने तो सभी बसों को चलवाया जाता था। पहले बसों की कमी होती थी। लेकिन अब बसें ज्यादा है, लेकिन कर्मचारियों की बहुत कमी हो गई है। जिस वजह से बसों को चलवाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी की वजह से एक रूट पर बस भेजे तो दूसरा रूट प्रभावित हो जाता है।
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बढ़ रही परेशानियां
दोपहर बाद अंबाला, करनाल और कुरुक्षेत्र डिपो की एक भी बस यमुनानगर नहीं आ रही है। जिस कारण यमुनानगर बस स्टैंड पर रूट के लिए बसों की ज्यादा दिक्कतें बढ़ गई हैं। यमुनानगर रोडवेज डिपो की ओर से यात्रियों की सुविधानुसार बसों को चलवाया जा रहा है।
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वर्कशॉप अधिकारी जानकारी देने में कर रहे आना कानी
खराब बसों की जानकारी प्राप्त करने जाएं जो वर्कशॉप मैनेजर बालक राम जानकारी देने से ही मना कर देते है। उनका कहना है कि पहले जानकारी लेने के लिए रोडवेज महाप्रबंधक की अनुमति लेकर आओ। यहां तक रोडवेज वर्कशॉप के बाहर गेट पर नोटिस तक लगाया गया है कि बिना अनुमति के पत्रकारों व फोटोग्राफरों का अंदर आना सख्त मना है।
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-मुझे तो इस बात की जानकारी नहीं है कि ऐसा कोई बोर्ड जिस पर पत्रकारों की एंट्री पर रोक हो वर्कशॉप के बाहर लगाया गया है। अगर लगाया गया है तो अभी ही हटवाया जाएगा। परिवहन विभाग के आदेशानुसार सभी बसों को ऑनरूट किया जा रहा है।

-रविन्द्र पाठक, रोडवेज महाप्रबंधक।
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-यमुनानगर डिपो की बसों को यात्रियों की सुविधा के अनुसार चलवाया जा रहा है। लेकिन जब एक रूट पर बसों को भेजा जाता है तो स्वभाविक दूसरा रूट तो प्रभावित होता ही है। दूसरे डिपो जैसे अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल से दोपहर बाद एक भी बस यमुनानगर नहीं आ रही है। जिस वजह से यात्रियों को ज्यादा दिक्कतें आ रही है।
-मायाराम, ड्यूटी इंस्पेक्टर, रोडवेज विभाग।
फोटो 27, 28, 29
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