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पूर्व सैनिक व उनके परिजनों को मिलेगी सुविधाएं, 53 ने किया आवेदन
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:44 AM IST
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पूर्व सैनिक व उनके परिजनों को मिलेगी मदद, 53 ने किया आवेदन
- जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में आयोजित किया गया कैंप
- मृतक सैनिक परिवारों को पुत्री की शादी के लिये मिलेगी एक लाख की मदद
- विकलांग पूर्व सैनिकों को व्हील चेयर व स्कूटी कराई जाएगी उपलब्ध
- हरियाणा के विभिन्न जिलों के पूर्व सैनिक व शहीदों के परिजन कैंप में पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गुरुवार को जिला सैनिक बोर्ड एवं सैनिक विश्राम गृह में आर्मी हेड क्वार्टर के तत्वावधान में एक कैंप लगाया गया। जिसमें पूर्व सैनिक व शहीद जवानों के परिजनों को को कई तरह की सुविधाएं प्रदान करने के लिये फार्म भरवाए गये। हरियाणा के विभिन्न जनपदों से पूर्व सैनिक व मृतक शहीदों के परिजन मदद के लिये पहुंचे। कुल 53 ने रजिस्ट्रेशन कराया। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया कि जल्द ही सभी को सुविधा व मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
आर्मी हेडक्वार्टर द्वारा जिला सैनिक बोर्ड एवं सैनिक विश्राम गृह में कैंप आयोजित किया गया था। कैंप में फतेहाबाद के पूर्व सैनिक शेर सिंह व महेंद्र गढ़ के कृपा सिंह ने पेंशन व स्कूटी के लिए आवेदन किया। इसके अलावा महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, रोहतक, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र के पूर्व सैनिक व मृतक जवानों के परिजनों ने व्हील चेयर से लेकर बच्चों की पढ़ाई , पुत्री की शादी के लिये आवेदन कर फार्म भरे। आर्मी के अधिकारियों ने बताया कि कैंप आज भी आयोजित किया जाएगा। हरियाणा के किसी भी स्थान के पूर्व सैनिक व शहीदों के परिजन या फिर शहीदों की वीरांगना कैंप का लाभ उठा सकती है।
यह मिलती है सुविधा
युद्घ के दौरान मौत होने पर शहीद के पुत्र को पीजी कोर्स कराने के लिये 20 हजार रुपये वार्षिक, व्यवसायिक कोर्स के लिये पचास हजार रुपये, शारीरिक कैजुअल्टी की स्थिति में कक्षा एक से 8वी तक के लिए 10 हजार, 9 से 12 तक के लिए 14 हजार, डिग्री कोर्स के लिए 20 हजार, व्यवसायिक कोर्स के लिये पचास हजार, युद्ध में मौत पर परिजनों को डेढ़ लाख, इसके अलावा पूर्व विकलांग सैनिकों को व्हील चेयर, बैसाखी, स्कूटी आदि उपलब्ध कराई जाएगी। शहीद की बेवा पत्नी को एक लाख, इसके अलावा दो लाख का ग्रेड अलग से मिलता है। शहीद की पुत्री की शादी के लिए एक लाख की आर्थिक मदद मिलती है। विधवा के पुन: विवाह के लिये एक लाख, विधवा की उच्च शिक्षा के लिये बीस हजार से पचास हजार तक दिये जाते हैं।
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जल्द मिलेगी मदद
आर्मी के अफसरों ने बताया कि जितने भी आवेदन आए है सभी को हेड क्वार्टर भेजा जाएगा। जल्द से जल्द सभी को मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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पूर्व सैनिक व उनके परिजनों को मिलेगी मदद, 53 ने किया आवेदन
- जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में आयोजित किया गया कैंप
- मृतक सैनिक परिवारों को पुत्री की शादी के लिये मिलेगी एक लाख की मदद
- विकलांग पूर्व सैनिकों को व्हील चेयर व स्कूटी कराई जाएगी उपलब्ध
- हरियाणा के विभिन्न जिलों के पूर्व सैनिक व शहीदों के परिजन कैंप में पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गुरुवार को जिला सैनिक बोर्ड एवं सैनिक विश्राम गृह में आर्मी हेड क्वार्टर के तत्वावधान में एक कैंप लगाया गया। जिसमें पूर्व सैनिक व शहीद जवानों के परिजनों को को कई तरह की सुविधाएं प्रदान करने के लिये फार्म भरवाए गये। हरियाणा के विभिन्न जनपदों से पूर्व सैनिक व मृतक शहीदों के परिजन मदद के लिये पहुंचे। कुल 53 ने रजिस्ट्रेशन कराया। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया कि जल्द ही सभी को सुविधा व मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
आर्मी हेडक्वार्टर द्वारा जिला सैनिक बोर्ड एवं सैनिक विश्राम गृह में कैंप आयोजित किया गया था। कैंप में फतेहाबाद के पूर्व सैनिक शेर सिंह व महेंद्र गढ़ के कृपा सिंह ने पेंशन व स्कूटी के लिए आवेदन किया। इसके अलावा महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, रोहतक, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र के पूर्व सैनिक व मृतक जवानों के परिजनों ने व्हील चेयर से लेकर बच्चों की पढ़ाई , पुत्री की शादी के लिये आवेदन कर फार्म भरे। आर्मी के अधिकारियों ने बताया कि कैंप आज भी आयोजित किया जाएगा। हरियाणा के किसी भी स्थान के पूर्व सैनिक व शहीदों के परिजन या फिर शहीदों की वीरांगना कैंप का लाभ उठा सकती है।
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यह मिलती है सुविधा
युद्घ के दौरान मौत होने पर शहीद के पुत्र को पीजी कोर्स कराने के लिये 20 हजार रुपये वार्षिक, व्यवसायिक कोर्स के लिये पचास हजार रुपये, शारीरिक कैजुअल्टी की स्थिति में कक्षा एक से 8वी तक के लिए 10 हजार, 9 से 12 तक के लिए 14 हजार, डिग्री कोर्स के लिए 20 हजार, व्यवसायिक कोर्स के लिये पचास हजार, युद्ध में मौत पर परिजनों को डेढ़ लाख, इसके अलावा पूर्व विकलांग सैनिकों को व्हील चेयर, बैसाखी, स्कूटी आदि उपलब्ध कराई जाएगी। शहीद की बेवा पत्नी को एक लाख, इसके अलावा दो लाख का ग्रेड अलग से मिलता है। शहीद की पुत्री की शादी के लिए एक लाख की आर्थिक मदद मिलती है। विधवा के पुन: विवाह के लिये एक लाख, विधवा की उच्च शिक्षा के लिये बीस हजार से पचास हजार तक दिये जाते हैं।
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जल्द मिलेगी मदद
आर्मी के अफसरों ने बताया कि जितने भी आवेदन आए है सभी को हेड क्वार्टर भेजा जाएगा। जल्द से जल्द सभी को मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।