{"_id":"5963eed34f1c1b4d128b4716","slug":"131499721427-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लर्निंग लाइसेंस के लिए अब नहीं होगा मेडिकल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लर्निंग लाइसेंस के लिए अब नहीं होगा मेडिकल
Updated Tue, 11 Jul 2017 02:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लर्निंग लाइसेंस के लिए अब नहीं होगा मेडिकल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें मेडिकल टेस्ट नहीं कराना होगा। केवल शपथ पत्र देना होगा कि मैं पूरी तरह फिट हूं। अगर कल कोई कमी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी मेरी होगी। आवेदन पत्र के साथ केवल ब्लड ग्रुप बताना होगा। हालांकि यह छूट 50 साल या इससे ऊपर के आवेदकों को नहीं मिलेगी।
शहर में पुलिस द्वारा सख्ती से वाहनों की जांच की जा रही है। हर रोज कम से कम 100 के करीब दुपहिया वाहनों के चालान किए जा रहे हैं, इसमें 40 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस के हैं। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में आवेदकों की लंबी लाइन लग रही है। साथ ही सरकार की ओर से भी वाहन सारथी नाम से प्रक्रिया का डिजिटल करण किया जा रहा है। इसी के तहत सरकार की ओर से सभी एसडीएम को पत्र जारी किया गया है कि लर्निंग लाइसेंस के दौरान मेडिकल अनिवार्य नहीं है। 18 साल से 50 साल तक की उम्र का आवेदक शपथ दे सकता है कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। अगर कोई कमी मिलती है तो उसकी जिम्मेदारी रहेगी।
कलर ब्लाइंड का कैसे पता चलेगा
सरकार की ओर से पत्र मिलने के एसडीएम आफिस में बिना मेडिकल टेस्ट के ही लर्निंग लाइसेंस बनाए जाने लगे हैं। वहीं पर आवेदकों से दो फोटो, दो पहचान पत्र लेकर आवेदन तैयार किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अगर कोई आवेदक कलर ब्लाइंड होगा तो उसका कैसे पता चलेगा। क्योंकि कई बार आवेदक को भी पता नहीं होता है कि उसे कलर पहचानने में दिक्कत है। इसका टेस्ट के बाद ही पता चल सकता है।
विज्ञापन
नई नीति के तहत आवेदकों का 18 से 50 साल तक के आवेदकों का मेडिकल टेस्ट नहीं कराया जा रहा है। इससे ज्यादा उम्र के आवेदकों का ही टेस्ट हो रहा है। आवेदक को अब शपथ पत्र देना होगा कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। अगर कोई कमी मिली तो उसकी जिम्मेदारी रहेगी।
अरविंद मल्हान, एसडीएम।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें मेडिकल टेस्ट नहीं कराना होगा। केवल शपथ पत्र देना होगा कि मैं पूरी तरह फिट हूं। अगर कल कोई कमी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी मेरी होगी। आवेदन पत्र के साथ केवल ब्लड ग्रुप बताना होगा। हालांकि यह छूट 50 साल या इससे ऊपर के आवेदकों को नहीं मिलेगी।
शहर में पुलिस द्वारा सख्ती से वाहनों की जांच की जा रही है। हर रोज कम से कम 100 के करीब दुपहिया वाहनों के चालान किए जा रहे हैं, इसमें 40 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस के हैं। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में आवेदकों की लंबी लाइन लग रही है। साथ ही सरकार की ओर से भी वाहन सारथी नाम से प्रक्रिया का डिजिटल करण किया जा रहा है। इसी के तहत सरकार की ओर से सभी एसडीएम को पत्र जारी किया गया है कि लर्निंग लाइसेंस के दौरान मेडिकल अनिवार्य नहीं है। 18 साल से 50 साल तक की उम्र का आवेदक शपथ दे सकता है कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। अगर कोई कमी मिलती है तो उसकी जिम्मेदारी रहेगी।
विज्ञापन
कलर ब्लाइंड का कैसे पता चलेगा
सरकार की ओर से पत्र मिलने के एसडीएम आफिस में बिना मेडिकल टेस्ट के ही लर्निंग लाइसेंस बनाए जाने लगे हैं। वहीं पर आवेदकों से दो फोटो, दो पहचान पत्र लेकर आवेदन तैयार किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अगर कोई आवेदक कलर ब्लाइंड होगा तो उसका कैसे पता चलेगा। क्योंकि कई बार आवेदक को भी पता नहीं होता है कि उसे कलर पहचानने में दिक्कत है। इसका टेस्ट के बाद ही पता चल सकता है।
विज्ञापन
नई नीति के तहत आवेदकों का 18 से 50 साल तक के आवेदकों का मेडिकल टेस्ट नहीं कराया जा रहा है। इससे ज्यादा उम्र के आवेदकों का ही टेस्ट हो रहा है। आवेदक को अब शपथ पत्र देना होगा कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। अगर कोई कमी मिली तो उसकी जिम्मेदारी रहेगी।
अरविंद मल्हान, एसडीएम।