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सीमा विवाद सुलझाएंगे अफसर
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:49 AM IST
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सीमा विवाद सुलझाएंगे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हुडा सेक्टर-17 के जिमखाना क्लब में खनन विभाग की तिमाही अंतरराजीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसका आयोजन राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नई दिल्ली) के आदेश पर किया गया। इसमें सहारनपुर-यमुनानगर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतरराज्यीय सीमा पर अवैध खनन रोकने और सीमा विवाद सुलझाने पर संयुक्त प्रयास करने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में यमुनानगर डीसी रोहतास सिंह खरब ने कहा कि दोनों जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तालमेल बनाकर अवैध खनन को रोकें। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि कोई भी स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट बिना एनओसी के न चले। सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारी स्टोन क्रशरों और स्क्रीनिंग प्लाटों का स्टॉक नियमित रूप से चेक करें। पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायती भूमि से प्राप्त होने वाली खनन की राशि की तुरंत अदायगी सुनिश्चित करें और यह कार्य एक माह की अवधि में ही पूरा करना सुनिश्चित करें।
सरपंच रहे सहारनपुर डीएम के निशाने पर
बैठक में सहारनपुर के डीएम प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि सहारनपुर में खनन बंद है। वहीं, यमुनानगर में खनन कार्य जारी है। कहा कि यूपी-हरियाणा की सीमा के दोनों ओर पंचायती जमीन है, जिस पर सरपंच अवैध खनन करवा रहे हैं और रुपया हड़प रहे हैं। बैठक में बेहट के एसडीएम वैभव शर्मा, वन मंडल अधिकारी, सीओ बेहट इंदू सिद्धार्थ व यमुनानगर एसपी राजेश कालिया, बिलासपुर एसडीएम नवीन आहुजा, रादौर एसडीएम डॉ. पूजा भारती, वन मंडल अधिकारी निवेदिता भोजराजन आदि रहे।
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238 करोड़ सालाना की दर से की गई ई-निलामी: बैठक में जिला खनन अधिकारी गुरजीत सिंह ने बताया कि जिले में 31 खनन खंडों को खनन करने के लिए चिह्नित किया गया था। इनकी बोली ई-नीलामी के माध्यम से 238 करोड़ रुपये सालाना की दर से हो चुकी है। पर्यावरण अनुमति मिलने के बाद कुछ खनन खंडों में खनन का कार्य शुरू हो चुका है और बाकी खनन खंडों में खनन कार्य शुरू करने के लिए प्रक्रिया जारी है। पर्यावरण की अनुमति मिलने के बाद खनन का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हुडा सेक्टर-17 के जिमखाना क्लब में खनन विभाग की तिमाही अंतरराजीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसका आयोजन राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नई दिल्ली) के आदेश पर किया गया। इसमें सहारनपुर-यमुनानगर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतरराज्यीय सीमा पर अवैध खनन रोकने और सीमा विवाद सुलझाने पर संयुक्त प्रयास करने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में यमुनानगर डीसी रोहतास सिंह खरब ने कहा कि दोनों जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तालमेल बनाकर अवैध खनन को रोकें। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि कोई भी स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट बिना एनओसी के न चले। सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारी स्टोन क्रशरों और स्क्रीनिंग प्लाटों का स्टॉक नियमित रूप से चेक करें। पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायती भूमि से प्राप्त होने वाली खनन की राशि की तुरंत अदायगी सुनिश्चित करें और यह कार्य एक माह की अवधि में ही पूरा करना सुनिश्चित करें।
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सरपंच रहे सहारनपुर डीएम के निशाने पर
बैठक में सहारनपुर के डीएम प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि सहारनपुर में खनन बंद है। वहीं, यमुनानगर में खनन कार्य जारी है। कहा कि यूपी-हरियाणा की सीमा के दोनों ओर पंचायती जमीन है, जिस पर सरपंच अवैध खनन करवा रहे हैं और रुपया हड़प रहे हैं। बैठक में बेहट के एसडीएम वैभव शर्मा, वन मंडल अधिकारी, सीओ बेहट इंदू सिद्धार्थ व यमुनानगर एसपी राजेश कालिया, बिलासपुर एसडीएम नवीन आहुजा, रादौर एसडीएम डॉ. पूजा भारती, वन मंडल अधिकारी निवेदिता भोजराजन आदि रहे।
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238 करोड़ सालाना की दर से की गई ई-निलामी: बैठक में जिला खनन अधिकारी गुरजीत सिंह ने बताया कि जिले में 31 खनन खंडों को खनन करने के लिए चिह्नित किया गया था। इनकी बोली ई-नीलामी के माध्यम से 238 करोड़ रुपये सालाना की दर से हो चुकी है। पर्यावरण अनुमति मिलने के बाद कुछ खनन खंडों में खनन का कार्य शुरू हो चुका है और बाकी खनन खंडों में खनन कार्य शुरू करने के लिए प्रक्रिया जारी है। पर्यावरण की अनुमति मिलने के बाद खनन का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा।