फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   संत रामपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला : फैसले से पहले महिला जज छुट्टी पर, एसीजेएम कोर्ट में शिफ्ट हुआ केस

संत रामपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला : फैसले से पहले महिला जज छुट्टी पर, एसीजेएम कोर्ट में शिफ्ट हुआ केस

Fri, 06 Apr 2018 02:24 AM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
संत रामपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला : फैसले से पहले महिला जज छुट्टी पर, एसीजेएम कोर्ट में शिफ्ट हुआ केस
फ्लैग : करौंथा आश्रम के संत रामपाल के खिलाफ सुनवाई का मामला
विज्ञापन

हेडिंग : फैसले से पहले महिला जज छुट्टी पर, एसीजेएम कोर्ट में शिफ्ट हुआ केस

: नए सिरे 11 अप्रैल को होगी जज हरीश गोयल की अदालत में सुनवाई
: संत रामपाल सहित नौ लोगों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में दर्ज है जमीन की धोखाधड़ी का मामला

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
धोखाधड़ी के मामले में करौंथा के सतलोक आश्रम के संत रामपाल सहित नौ लोगों के खिलाफ अब एसीजेएम हरीश गोयल की अदालत में 11 अप्रैल को नए सिरे से बहस होगी। क्योंकि अब तक मामले की सुनवाई कर रही महिला जज मेनका सिंह फैसले से पहले वीरवार को लंबी छुट्टी पर चली गई। हालांकि अदालत में दोनों पक्षों के बीच बहस हो चुकी थी, लेकिन अदालत बदलने से अब दोबारा से जज के सामने वकील बहस करेंगे।

आर्य समाजियों की तरफ से रामपाल के खिलाफ अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट नरेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि संत रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट की तरफ से गिफ्ट डीड के तहत करौंथा की जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, लेकिन 2006 में सिविल लाइन थाने में रजिस्ट्री को चुनौती दी गई। आरोप लगाया गया कि गांव की बेटी कमला देवी की जगह दूसरी महिला को खड़ा करके रजिस्ट्री कराई गई है। जबकि कमला देवी की भी जमीन में हिस्सेदारी थी। पुलिस ने मामले में संत रामपाल, ट्रस्टी राजेंद्र भठगांव, रवींद्र सुंडाना, सत्यदेव, नंबरदार कृष्ण व गिफ्ट डीड कराने वाले करौंथा के परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही है। मामले में सत्यदेव अदालत से पीओ करार है।
विज्ञापन


सुबह पता चला, जज छुट्टी पर चली गई
वकील ने बताया कि मामले की अब तक जेएमआईसी मेनका सिंह की अदालत में सुनवाई चल रही थी। दोनों पक्षों में बहस पूरी हो चुकी थी। 30 मार्च को फैसले की तिथि तय की गई, लेकिन रामपाल सहित दूसरे आरोपी प्रत्यक्ष तौर पर कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इसके चलते फैसले के लिए 5 अप्रैल की तिथि तय की गई थी। सुबह गए तो पता चला कि महिला जज अवकाश पर चली गई हैं। साथ ही केस को एसीजेएम हरिश गोयल की अदालत में शिफ्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed