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संत गोपलदास से मिलने पीजीआई पहुंचीं नेता सुभाष चंद्र बोस की पड़पोती
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की स्वाभिमानी भारत प्रकोष्ठ की नेशनल कनवीनर एवं नेता सुभाष चंद्र बोस की पड़पोती राजेश्वरी चौधरी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर गो संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पॉलिसी नहीं बनाई जाती तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। वह बुधवार को कोलकाता से गोरक्षा के लिए अनशन कर रहे संत गोपालदास से मिलने के लिए पीजीआई पहुंचीं थीं।
मैना टूरिस्ट कांपलेक्स में राजेश्वरी चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने क्या इसीलिए कुर्बानियां दी थीं कि संतों को गो रक्षा के लिए अनशन करना पडे़। संत गोपालदास सच के संत हैं और वह अपने धर्म पर अडिग हैं। वह जो कर रहे हैं वही क्रांतिकारियों की भी इच्छा थी। उन्होंने कहा कि गायों की रक्षा के लिए आजादी के बाद आवाज उठी, लेकिन उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री ज्वाहर लाल नेहरू राजी नहीं हुए कि इस संबंध में कानून पास कर दिया जाए। अब केंद्र और राज्य सरकार जितना गायों की रक्षा के लिए नियम बनाने में देरी करेगी उतना ही स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान होगा। इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर एक पॉलिसी बननी चाहिए। गायों के नाम पर वोट लेने वाली भाजपा सरकार में क्या साहस नहीं है कि वह अपने ही एजेंडे की घोषणा को धरातल पर ला सके। उन्होेंने बताया कि कोलकाता में गो हत्या पर प्रतिबंध है। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील डाली थी, इस पर कार्रवाई भी हुई। वहीं उन्होंने कहा कि गोरक्षा के संबंध में संत गोपालदास और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर फरीदाबाद में आमने सामने हुए थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला। आखिर संत गोपालदास सरकार से मांग क्या रहे हैं, यह सरकार समझने को भी तैयार नहीं है। राजेश्वरी चौधरी ने बताया कि संत गोपालदास को सरकार इधर से उधर कर परेशान कर रही है, उनका स्वास्थ्य सही नहीं है। इतनी परेशानी झेलने के बाद भी संत के चेहरे पर एक तेज है, वह भी उनकी लड़ाई में शामिल हैं। इस मौके पर देवेंद्र, हरीश गुप्ता, रामफल, गौतम, कृष्ण पालीवाल आदि उपस्थित रहे।
पीजीआई की व्यवस्थाओं पर उठाया सवाल
नेता सुभाष चंद्र बोस की पड़पोती राजेश्वरी चौधरी ने भाजपा सरकार के स्वच्छ भारत अभियान और पीजीआई की व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो अपने मरीज को साफ बेडशीट नहीं दे सकता वह क्या करेगा। उन्होंने कहा कि जो बेडसीट संत गोपालदास को दी गई वह फटी हुई और गंदी थी। इससे स्वच्छ भारत बनाने की कल्पना कितनी सच है कल्पना की जा सकती है।
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रोहतक।
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की स्वाभिमानी भारत प्रकोष्ठ की नेशनल कनवीनर एवं नेता सुभाष चंद्र बोस की पड़पोती राजेश्वरी चौधरी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर गो संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पॉलिसी नहीं बनाई जाती तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। वह बुधवार को कोलकाता से गोरक्षा के लिए अनशन कर रहे संत गोपालदास से मिलने के लिए पीजीआई पहुंचीं थीं।
मैना टूरिस्ट कांपलेक्स में राजेश्वरी चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने क्या इसीलिए कुर्बानियां दी थीं कि संतों को गो रक्षा के लिए अनशन करना पडे़। संत गोपालदास सच के संत हैं और वह अपने धर्म पर अडिग हैं। वह जो कर रहे हैं वही क्रांतिकारियों की भी इच्छा थी। उन्होंने कहा कि गायों की रक्षा के लिए आजादी के बाद आवाज उठी, लेकिन उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री ज्वाहर लाल नेहरू राजी नहीं हुए कि इस संबंध में कानून पास कर दिया जाए। अब केंद्र और राज्य सरकार जितना गायों की रक्षा के लिए नियम बनाने में देरी करेगी उतना ही स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान होगा। इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर एक पॉलिसी बननी चाहिए। गायों के नाम पर वोट लेने वाली भाजपा सरकार में क्या साहस नहीं है कि वह अपने ही एजेंडे की घोषणा को धरातल पर ला सके। उन्होेंने बताया कि कोलकाता में गो हत्या पर प्रतिबंध है। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील डाली थी, इस पर कार्रवाई भी हुई। वहीं उन्होंने कहा कि गोरक्षा के संबंध में संत गोपालदास और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर फरीदाबाद में आमने सामने हुए थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला। आखिर संत गोपालदास सरकार से मांग क्या रहे हैं, यह सरकार समझने को भी तैयार नहीं है। राजेश्वरी चौधरी ने बताया कि संत गोपालदास को सरकार इधर से उधर कर परेशान कर रही है, उनका स्वास्थ्य सही नहीं है। इतनी परेशानी झेलने के बाद भी संत के चेहरे पर एक तेज है, वह भी उनकी लड़ाई में शामिल हैं। इस मौके पर देवेंद्र, हरीश गुप्ता, रामफल, गौतम, कृष्ण पालीवाल आदि उपस्थित रहे।
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पीजीआई की व्यवस्थाओं पर उठाया सवाल
नेता सुभाष चंद्र बोस की पड़पोती राजेश्वरी चौधरी ने भाजपा सरकार के स्वच्छ भारत अभियान और पीजीआई की व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो अपने मरीज को साफ बेडशीट नहीं दे सकता वह क्या करेगा। उन्होंने कहा कि जो बेडसीट संत गोपालदास को दी गई वह फटी हुई और गंदी थी। इससे स्वच्छ भारत बनाने की कल्पना कितनी सच है कल्पना की जा सकती है।
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