{"_id":"5b39315d4f1c1b8c668b4edd","slug":"11530474845-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश में बहे नेशनल हाईवे नंबर नौ के किनारे तीन जगह सड़क धंसी, पानी निकासी का नाला भी टूटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश में बहे नेशनल हाईवे नंबर नौ के किनारे तीन जगह सड़क धंसी, पानी निकासी का नाला भी टूटा
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश में बहे नेशनल हाईवे नंबर नौ के किनारे तीन जगह सड़क धंसी, पानी निकासी का नाला भी टूटा
सिरसा। शनिवार सांय हुई मानसून की पहली बारिश से करीब एक वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से बने नेशनल हाईवे नंबर-9 के किनारे बह गए और तीन जगह से सड़क धंस गई। वहीं मीरपुर, झोपंडा और खैरेकां गांव के बीच में 20 से 30 फुट तक हुआ भूमि कटाव होने से खेतों में पानी भर गया और उनकी फसल खराब हो गई। गनीमत ये रही की किनारों के बहने से कोई हादसा नहीं हुआ। मार्ग के धंसने के बारे में जानकारी होने के बाद भी दोपहर तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से आसपास के गांवों के ग्रामीणों में रोष है। वहीं रविवार सुबह पंजाब से सिरसा आ रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर किनारों को क्षतिग्रस्त देखकर रूक गए। उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर सवालिया निशान खड़े किए। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि निर्माण के वक्त उन्होंने अधिकारियों को हाईवे के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही से अवगत करवाया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब इसका खामियाजा यहां के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी ओर रोड के किनारों के धसने से रोड के साथ लगती भूमि में काश्त की गई कई एकड़ धान की फसल भी खराब हो गई हैं। जिसके कारण किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों से रूक-रूक कर झमाझम बारिश हो रही थी। शनिवार सांय करीब 6 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई 18 एमएम बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। वहीं करीब एक साल पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए नेशनल हाईवे-9 के किनारे गांव मीरपुर व खैरेकां के निकट कई जगह से ढह गए। इसके अलावा तीन जगह पर 20 से 30 फीट मिट्टी का कटाव होने से सड़क धंस गई। मिट्टी ढहने से रोड के साथ पानी निकासी के लिए बनाया नाला भी क्षतिग्रस्त हो गया। बड़ी बात ये रही कि किनारों के ढहने के बाद से वहां से कोई भारी वाहन नहीं गुजरा। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। न केवल नेशनल हाईवे, बल्कि गांव मीरपुर के पास आसपास के गांवों को जोड़ने वाले मार्ग भी स्पॉट न होने के कारण धंस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल हाईवे से जुड़ने वाले इन मार्गों के निर्माण में लापरवाही बरती गई। जोकि अब भारी पड़ रही है।
ग्रामीण कैलाश शर्मा ने कहा कि हाइवे के निर्माण के दौरान सड़क का निर्माण करते वक्त अधिकारियों को लेवल सही करने व सड़क मार्ग के दोनों ओर स्पॉट लगाने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं सड़क के निर्माण में सामग्री भी घटिया किस्म की लगाई गई। जिसके कारण मानसून की पहली बरसात में ही हाइवे के किनारे ढह गए। किसान रुप सिंह ने बताया कि नेशनल हाइवे के निर्माण के दौरान मार्ग के दोनों ओर विभाग की ओर से पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। मार्ग के दोनों ओर किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि पड़ती है। बरसात में हाइवे के किनारे धसने से मिट्टी पानी के साथ खेतों में बिजाई की गई फसलों में चली गई। जिससे फसलें खराब हो गई हैं। फसलों के खराब होने से उन्हें हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन
निर्माण में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई: अशोक तंवर
मार्ग धंसने की सूचना पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। इस दौरान पंजाब से सिरसा लौट रहे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. अशोक तंवर भी रूक गए। उन्होंने भी बरसात में बहे मार्ग का निरीक्षण किया। तंवर ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली से डबवाली के बीच बनाए गए हाईवे में दरार बड़े घोटाले का संकेत है। उन्होंने कहा कि हाईवे के निर्माण में लापरवाही के लिए जो लोग भी दोषी हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री के साथ मुख्यमंत्री से इसकी जांच करवाए जाने की भी मांग की। इस मौके पर उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा, आनंद बियाणी, कपिल सरावगी मौजूद थे।
विज्ञापन
सिरसा। शनिवार सांय हुई मानसून की पहली बारिश से करीब एक वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से बने नेशनल हाईवे नंबर-9 के किनारे बह गए और तीन जगह से सड़क धंस गई। वहीं मीरपुर, झोपंडा और खैरेकां गांव के बीच में 20 से 30 फुट तक हुआ भूमि कटाव होने से खेतों में पानी भर गया और उनकी फसल खराब हो गई। गनीमत ये रही की किनारों के बहने से कोई हादसा नहीं हुआ। मार्ग के धंसने के बारे में जानकारी होने के बाद भी दोपहर तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से आसपास के गांवों के ग्रामीणों में रोष है। वहीं रविवार सुबह पंजाब से सिरसा आ रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर किनारों को क्षतिग्रस्त देखकर रूक गए। उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर सवालिया निशान खड़े किए। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि निर्माण के वक्त उन्होंने अधिकारियों को हाईवे के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही से अवगत करवाया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब इसका खामियाजा यहां के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। दूसरी ओर रोड के किनारों के धसने से रोड के साथ लगती भूमि में काश्त की गई कई एकड़ धान की फसल भी खराब हो गई हैं। जिसके कारण किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों से रूक-रूक कर झमाझम बारिश हो रही थी। शनिवार सांय करीब 6 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई 18 एमएम बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। वहीं करीब एक साल पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए नेशनल हाईवे-9 के किनारे गांव मीरपुर व खैरेकां के निकट कई जगह से ढह गए। इसके अलावा तीन जगह पर 20 से 30 फीट मिट्टी का कटाव होने से सड़क धंस गई। मिट्टी ढहने से रोड के साथ पानी निकासी के लिए बनाया नाला भी क्षतिग्रस्त हो गया। बड़ी बात ये रही कि किनारों के ढहने के बाद से वहां से कोई भारी वाहन नहीं गुजरा। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। न केवल नेशनल हाईवे, बल्कि गांव मीरपुर के पास आसपास के गांवों को जोड़ने वाले मार्ग भी स्पॉट न होने के कारण धंस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल हाईवे से जुड़ने वाले इन मार्गों के निर्माण में लापरवाही बरती गई। जोकि अब भारी पड़ रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण कैलाश शर्मा ने कहा कि हाइवे के निर्माण के दौरान सड़क का निर्माण करते वक्त अधिकारियों को लेवल सही करने व सड़क मार्ग के दोनों ओर स्पॉट लगाने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं सड़क के निर्माण में सामग्री भी घटिया किस्म की लगाई गई। जिसके कारण मानसून की पहली बरसात में ही हाइवे के किनारे ढह गए। किसान रुप सिंह ने बताया कि नेशनल हाइवे के निर्माण के दौरान मार्ग के दोनों ओर विभाग की ओर से पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। मार्ग के दोनों ओर किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि पड़ती है। बरसात में हाइवे के किनारे धसने से मिट्टी पानी के साथ खेतों में बिजाई की गई फसलों में चली गई। जिससे फसलें खराब हो गई हैं। फसलों के खराब होने से उन्हें हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन
निर्माण में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई: अशोक तंवर
मार्ग धंसने की सूचना पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। इस दौरान पंजाब से सिरसा लौट रहे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. अशोक तंवर भी रूक गए। उन्होंने भी बरसात में बहे मार्ग का निरीक्षण किया। तंवर ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली से डबवाली के बीच बनाए गए हाईवे में दरार बड़े घोटाले का संकेत है। उन्होंने कहा कि हाईवे के निर्माण में लापरवाही के लिए जो लोग भी दोषी हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री के साथ मुख्यमंत्री से इसकी जांच करवाए जाने की भी मांग की। इस मौके पर उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा, आनंद बियाणी, कपिल सरावगी मौजूद थे।