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लर्निंग लाइसेंस के लिए भी देना होगा जिकजैक टेस्ट
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:34 AM IST
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लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए देना होगा जिगजैग टेस्ट
- डीसी ने दी एसडीएम को हिदायत, सख्ती से किया जाए नियम का पालन
- एसडीएम आफिस ने मांगा रोडवेज से टेस्ट का ब्यौरा
- अब तक लर्निंग लाइसेंस के लिए सामान्य तरीके से चलवाई जाती थी बाइक व कार
- हर रोज 150 आवेदन आ रहे हैं लर्निंग लाइसेंस के
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लर्निंग लाइसेंस के लिए अब युवाओं को जिगजैग टेस्ट भी देना होगा। व्यवस्था बनाने के लिए एसडीएम आफिस से रोडवेज को पत्र लिखा गया है, ताकि टेस्ट की बारीकियों को समझ कर आरटीए आफिस के सामने चिन्ह बनाए जा सकें।
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक शहर की जनसंख्या 5 लाख 12 हजार से ज्यादा हो गई है। इसमें 60 प्रतिशत मध्यम वर्ग आता है, जहां हर परिवार में दो या तीन दुपहिया वाहन हैं। इसके चलते एसडीएम कार्यालय में हर रोज 150 लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन आ रहे हैं। नवनियुक्त डीसी यश गर्ग ने कार्यभार संभालने के दो दिन बाद लघुसचिवालय स्थित ई-दिशा केंद्र का जायजा लिया था और एसडीएम को व्यवस्था को और अपडेट करने की हिदायत दी।
अब जिगजैग स्टाइल में चलानी पड़ेगी कार
अब तक लर्निंग लाइसेंस के लिए सामान्य तरीके से ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा था। केवल वाहन को चला कर दिखाया जाता रहा। डीसी ने एसडीएम को टेस्ट की क्वालिटी अपडेट करने की हिदायत दी। ऐसे में रोडवेज ड्राइवरों की तरह जिगजैग टेस्ट देना होगा।
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पैसे देकर भी नहीं मिलेगा खास नंबर
पीएम मोदी द्वारा लालबत्ती बंद करने के बाद अब एसडीएम कार्यालय किसी को पैसे जमा कराने के बाद भी खास नंबर नहीं देगा। क्योंकि पीएम वीआईपी कल्चर को खत्म करना चाहते हैं। इस दिशा में अधिकारियों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। पहले सीरीज का खास नंबर लेने के लिए 20 हजार से 1 लाख रुपये तक देने पड़ते थे। अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है।
वर्जन
अब ड्राइविंग लर्निंग टेस्ट की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए रोडवेज के अधिकारियों से टेस्ट का ब्यौरा मांगा गया है, क्योंकि वहां पर बस ड्राइवरों से यह टेस्ट लिया जाता रहा है। साथ ही फीस देकर खास नंबर देने की प्रथा भी बंद कर दी गई है। अब कंप्यूटर सिस्टम से ही ऑटोमेटिक नंबर अलॉट किए जा रहे हैं।
- अरविंद मल्हान, एसडीएम
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लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए देना होगा जिगजैग टेस्ट
- डीसी ने दी एसडीएम को हिदायत, सख्ती से किया जाए नियम का पालन
- एसडीएम आफिस ने मांगा रोडवेज से टेस्ट का ब्यौरा
- अब तक लर्निंग लाइसेंस के लिए सामान्य तरीके से चलवाई जाती थी बाइक व कार
- हर रोज 150 आवेदन आ रहे हैं लर्निंग लाइसेंस के
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लर्निंग लाइसेंस के लिए अब युवाओं को जिगजैग टेस्ट भी देना होगा। व्यवस्था बनाने के लिए एसडीएम आफिस से रोडवेज को पत्र लिखा गया है, ताकि टेस्ट की बारीकियों को समझ कर आरटीए आफिस के सामने चिन्ह बनाए जा सकें।
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक शहर की जनसंख्या 5 लाख 12 हजार से ज्यादा हो गई है। इसमें 60 प्रतिशत मध्यम वर्ग आता है, जहां हर परिवार में दो या तीन दुपहिया वाहन हैं। इसके चलते एसडीएम कार्यालय में हर रोज 150 लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन आ रहे हैं। नवनियुक्त डीसी यश गर्ग ने कार्यभार संभालने के दो दिन बाद लघुसचिवालय स्थित ई-दिशा केंद्र का जायजा लिया था और एसडीएम को व्यवस्था को और अपडेट करने की हिदायत दी।
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अब जिगजैग स्टाइल में चलानी पड़ेगी कार
अब तक लर्निंग लाइसेंस के लिए सामान्य तरीके से ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा था। केवल वाहन को चला कर दिखाया जाता रहा। डीसी ने एसडीएम को टेस्ट की क्वालिटी अपडेट करने की हिदायत दी। ऐसे में रोडवेज ड्राइवरों की तरह जिगजैग टेस्ट देना होगा।
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पैसे देकर भी नहीं मिलेगा खास नंबर
पीएम मोदी द्वारा लालबत्ती बंद करने के बाद अब एसडीएम कार्यालय किसी को पैसे जमा कराने के बाद भी खास नंबर नहीं देगा। क्योंकि पीएम वीआईपी कल्चर को खत्म करना चाहते हैं। इस दिशा में अधिकारियों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। पहले सीरीज का खास नंबर लेने के लिए 20 हजार से 1 लाख रुपये तक देने पड़ते थे। अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है।
वर्जन
अब ड्राइविंग लर्निंग टेस्ट की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए रोडवेज के अधिकारियों से टेस्ट का ब्यौरा मांगा गया है, क्योंकि वहां पर बस ड्राइवरों से यह टेस्ट लिया जाता रहा है। साथ ही फीस देकर खास नंबर देने की प्रथा भी बंद कर दी गई है। अब कंप्यूटर सिस्टम से ही ऑटोमेटिक नंबर अलॉट किए जा रहे हैं।
- अरविंद मल्हान, एसडीएम