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पूर्व मेयर का विधायक पर प्रहार- हलके को नहीं दिला पा रहीं हक तो निगम में कर रहीं हस्तक्षेप
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:31 AM IST
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पूर्व मेयर का विधायक पर प्रहार- हलके को नहीं दिला पा रहीं हक तो निगम में कर रहीं हस्तक्षेप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह और शहर विधायक रोहिता रेवड़ी की राजनीतिक अदावत तेज होती जा रही है। अब दोनों ही पक्ष खुलकर आमने सामने हैं। विधायक ने पूर्व मेयर से कार्यों का हिसाब मांगा तो उन्होंने शहर विधायक पर ही तमाम आरोप लगा डाले। साथ ही सेक्टर 25 में अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। आरोप लगाया कि, शहर विधायक हलके का हक नहीं दिला पा रहीं, इसलिए निगम हस्तक्षेप कर रहीं हैं। कहा कि, शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ने तीन साल के कार्यकाल में 47 दिन चले विधानसभा सत्र में महज छह दिन ही हलके की आवाज उठाईं। इन छह दिन में शहर के दस प्रस्तावों को उठाया। इन दस में से एक भी प्रस्ताव तीन साल में आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। विधानसभा से मांगी आरटीआई के हवाले से भाजपा समर्थित पार्षद एवं पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी है। कहा कि, शहर विधायक वार्डों में गलियों व नालों के शिलान्यास करने की बजाय शहर के लिए बड़ा प्रस्ताव लेकर आएं तो शहर को भाजपा की सरकार से कुछ मिलना सुनिश्चित हो जाए।
शहर विधायक के 10 मुद्दे, इनमें से दो प्रदेश स्तर के
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक विधानसभा का सत्र 47 दिन तक चला। इनमें से छह दिन शहर विधायक ने अपनी बात रखी। वे बाकी के 41 दिन या तो विस सत्र में शामिल नहीं रहीं या फिर वे चुप रहीं। इन छह दिन में दस मुद्दों को सत्र में रखा। इसके अलावा दो मुद्दे प्रदेश स्तर के रखे गए। शहरी विधायक की विधानसभा में सुनवाई हो नहीं रही है। वे ऐसे में नगर निगम में हस्तक्षेप कर रहीं हैं।
जानिए शहर विधायक ने विस में क्या प्रस्ताव रखे और उनकी स्थिति
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आरटीआई के अनुसार शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ने शहर में एक राजकीय कॉलेज शुरू करने की मांग रखी थी। शहर में राजकीय कॉलेज के नाम पर न तो घोषणा की जा सकी है और न ही दूसरे कॉलेजों में किसी तरह की सुविधा नहीं दी गई।
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नंबर-दो: पूर्व मेयर के अनुसार शहरी विधायक ने 11 मार्च 2015 को कॉलोनी वैध करने की बात को उठाया। शहर में एक भी कॉलोनी वैध नहीं हो सकी है और न ही इन कॉलोनियों में किसी तरह की सुविधा मिल पाई हैं। इन कॉलोनियों के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नंबर-तीन: पूर्व मेयर के अनुसार शहर विधायक ने 11 मार्च 2015 को ही पानीपत बस स्टैंड को शहर से शिफ्ट करने की बात उठाई थी। पानीपत बस स्टैंड आज तक शिफ्ट नहीं हो पाया है। वहीं शहरवासी पानीपत बस स्टैंड को बाहर शिफ्ट न करने की बात पर अड़े हुए हैं।
नंबर चार: स्टेडियम में नहीं मिल सकी मॉर्डर्न सुविधा: पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह के अनुसार शहर विधायक 11 मार्च को पानीपत में आधुनिक सुविधाओं से लैस खेल स्टेडियम की मांग उठाई थी। यह लंबे समय से निर्माणाधीन है। ऐसे में खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नंबर-पांच: पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहर विधायक ने 10 मार्च 2015 को सिविल अस्पताल पानीपत में डॉक्टरों की बात उठाई थी और स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर पूरे करने की मांग की थी। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पूरी करने के साथ इसको पीजीआई बनाने की जरूरत है। यहां पर हर रोज मरीजों की मौत हो रही हैं। वे अपने समय में पानीपत के लिए सौ बेड का सिविल अस्पताल लेकर आए। जिस पर 32 करोड़ की लागत आई है।
नंबर-छह: पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ने 12 मार्च 2015 को शहर में रैनीवेल प्रोजेक्ट की आवाज सदन में उठाई थी। रैनीवेल प्रोजेक्ट अब फाइलों में दब गया है। पूर्व मेयर ने बताया कि कांग्रेस की सरकार में इसको जेएनएनयूआरएम स्कीम के तहत शामिल किया था। भाजपा सरकार ने आते ही इस स्कीम को बदलकर एएमयूआरटी रख दिया। यह प्रोजेक्ट एएमयूआरटी में शामिल किया जाना है। इसके बाद ही रैनीवेल प्रोजेक्ट सफल होगा। ऐसा नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ी के बच्चे बीमार ही पैदा होंगे।
नंबर-सात: शहर विधायक रोहिता रेवड़ी 12 मार्च 2015 को विधानसभा सत्र में शहर के मुख्य बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा था। इस पर किसी तरह का काम नहीं हुआ है। सीसीटीवी कैमरे अभी तक नहीं लग पाए हैं। जिससे शहर के बाजारों में चोरी की वारदात लगातार हो रही हैं।
नंबर-आठ: पूर्व मेयर ने बताया कि शहरी विधायक ने ड्रेन नंबर एक को कवर करने की बात विस सत्र में उठाई थी। इसको आज तक कवर नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों को आज भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नंबर-नौ: पूर्व मेयर ने बताया कि शहरी विधायक ने सात सितंबर 2015 को बीपीएल परिवारों के लिए प्लाट और मकान देने का प्रस्ताव रखा था। यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दो फरवरी 2014 को नई सब्जी मंडी स्थित रैली में रखा गया था। जिसमें राजीव कॉलोनी के लिए भी था। जिसमें 2001 के कलेक्टर रेट के आधार पर रजिस्ट्री करानी थी। राजीव कॉलोनी को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
नंबर-10: पूर्व मेयर के अनुसार शहर विधायक ने दसवां प्रस्ताव आठ मार्च 2017 को रखा। उन्होंने इसमें शहर के बहुत सारे क्षेत्र में बिजली की तार खस्ताहाल हैं। उन्होंने इन तारों को बदलने की बात उठाई थी। शहर में आज भी बिजली की तारों का जाल बना हुआ है।
पूर्व मेयर बोले अपने कार्यकाल में 53 करोड़ के विकास कराए
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने शहर विधायक रोहिता रेवड़ी द्वारा मांगे गए विकास कार्यों का जवाब दिया। बताया कि, उन्होंने 2013-14 और 2014-15 में 53 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। अकेले रोहिता रेवड़ी के वार्ड नौ में 104.88 लाख के विकास कार्य करवाए गए। उन्होंने अपने वार्ड 11 में 119.06 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए। उन्होंने 463 करोड़ से बनने वाले रैनीवेल प्रोजेक्ट की डीपीआर 27 मई 2014 को बनवाई थी। वे पिछली सरकार में एसटीपी व सीवरेज सिस्टम के लिए 129 करोड़ रुपये लेकर आए थे। वह पैसा शहरी विधायक अपने खाते में आज भी गिनवा रहीं हैं।
शहर सरकार को हर साल 44 सौ करोड़ का देता है राजस्व
पानीपत शहर सरकार से विकास मांगता नहीं है, बल्कि यह उसका अधिकार भी है। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहरवासी हर साल 44 सौ करोड़ का रुपये का राजस्व सरकार को देते हैं। उनको दस प्रतिशत चार सौ करोड़ रुपये का भी विकास जनप्रतिनिधि लाकर दें तो पानीपत को चमकने में कोई कसर नहीं रहेगी।
शाह ने ड्रेन नंबर वन पर इस्तीफा दे दिया था, वे शहर के लिए आगे आए
पूर्व मेयर एवं वार्ड-11 पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक बलबीर पाल शाह ने कांग्रेस सरकार में ड्रेन नंबर-वन का प्रस्ताव अटकते ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री ड्रेन नंबर-वन का प्रस्ताव लेकर उनके घर पर आए थे। तब जाकर उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लिया था। शहर विधायक रोहिता रेवड़ी दस में से एक भी प्रस्ताव के सिरे न चढ़ पाने पर शहरवासियों के लिए इस तरह का कदम उठाकर देखे।
पार्टी में रहकर विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ रही
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वे दिसंबर 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। उनको पार्टी में रहकर विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ रही है। उनकी सरकार में उसके खुद के वार्ड के काम नहीं हो रहे। उसको कभी सीएम कट आउट लेकर निगम में धरना देना पड़ रहा है तो कभी बैल व बकरी लेकर निगम में बीन बजानी पड़ रही है। मैं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज व प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया को अपनी बात रख चुका हूं। उन्होंने साफ शब्दों में यह भी कहा कि किसी में हिम्मत है तो भाजपा से निकलवा कर दिखाएं।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह और शहर विधायक रोहिता रेवड़ी की राजनीतिक अदावत तेज होती जा रही है। अब दोनों ही पक्ष खुलकर आमने सामने हैं। विधायक ने पूर्व मेयर से कार्यों का हिसाब मांगा तो उन्होंने शहर विधायक पर ही तमाम आरोप लगा डाले। साथ ही सेक्टर 25 में अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। आरोप लगाया कि, शहर विधायक हलके का हक नहीं दिला पा रहीं, इसलिए निगम हस्तक्षेप कर रहीं हैं। कहा कि, शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ने तीन साल के कार्यकाल में 47 दिन चले विधानसभा सत्र में महज छह दिन ही हलके की आवाज उठाईं। इन छह दिन में शहर के दस प्रस्तावों को उठाया। इन दस में से एक भी प्रस्ताव तीन साल में आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। विधानसभा से मांगी आरटीआई के हवाले से भाजपा समर्थित पार्षद एवं पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी है। कहा कि, शहर विधायक वार्डों में गलियों व नालों के शिलान्यास करने की बजाय शहर के लिए बड़ा प्रस्ताव लेकर आएं तो शहर को भाजपा की सरकार से कुछ मिलना सुनिश्चित हो जाए।
शहर विधायक के 10 मुद्दे, इनमें से दो प्रदेश स्तर के
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक विधानसभा का सत्र 47 दिन तक चला। इनमें से छह दिन शहर विधायक ने अपनी बात रखी। वे बाकी के 41 दिन या तो विस सत्र में शामिल नहीं रहीं या फिर वे चुप रहीं। इन छह दिन में दस मुद्दों को सत्र में रखा। इसके अलावा दो मुद्दे प्रदेश स्तर के रखे गए। शहरी विधायक की विधानसभा में सुनवाई हो नहीं रही है। वे ऐसे में नगर निगम में हस्तक्षेप कर रहीं हैं।
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जानिए शहर विधायक ने विस में क्या प्रस्ताव रखे और उनकी स्थिति
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आरटीआई के अनुसार शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ने शहर में एक राजकीय कॉलेज शुरू करने की मांग रखी थी। शहर में राजकीय कॉलेज के नाम पर न तो घोषणा की जा सकी है और न ही दूसरे कॉलेजों में किसी तरह की सुविधा नहीं दी गई।
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नंबर-दो: पूर्व मेयर के अनुसार शहरी विधायक ने 11 मार्च 2015 को कॉलोनी वैध करने की बात को उठाया। शहर में एक भी कॉलोनी वैध नहीं हो सकी है और न ही इन कॉलोनियों में किसी तरह की सुविधा मिल पाई हैं। इन कॉलोनियों के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नंबर-तीन: पूर्व मेयर के अनुसार शहर विधायक ने 11 मार्च 2015 को ही पानीपत बस स्टैंड को शहर से शिफ्ट करने की बात उठाई थी। पानीपत बस स्टैंड आज तक शिफ्ट नहीं हो पाया है। वहीं शहरवासी पानीपत बस स्टैंड को बाहर शिफ्ट न करने की बात पर अड़े हुए हैं।
नंबर चार: स्टेडियम में नहीं मिल सकी मॉर्डर्न सुविधा: पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह के अनुसार शहर विधायक 11 मार्च को पानीपत में आधुनिक सुविधाओं से लैस खेल स्टेडियम की मांग उठाई थी। यह लंबे समय से निर्माणाधीन है। ऐसे में खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नंबर-पांच: पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहर विधायक ने 10 मार्च 2015 को सिविल अस्पताल पानीपत में डॉक्टरों की बात उठाई थी और स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर पूरे करने की मांग की थी। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पूरी करने के साथ इसको पीजीआई बनाने की जरूरत है। यहां पर हर रोज मरीजों की मौत हो रही हैं। वे अपने समय में पानीपत के लिए सौ बेड का सिविल अस्पताल लेकर आए। जिस पर 32 करोड़ की लागत आई है।
नंबर-छह: पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ने 12 मार्च 2015 को शहर में रैनीवेल प्रोजेक्ट की आवाज सदन में उठाई थी। रैनीवेल प्रोजेक्ट अब फाइलों में दब गया है। पूर्व मेयर ने बताया कि कांग्रेस की सरकार में इसको जेएनएनयूआरएम स्कीम के तहत शामिल किया था। भाजपा सरकार ने आते ही इस स्कीम को बदलकर एएमयूआरटी रख दिया। यह प्रोजेक्ट एएमयूआरटी में शामिल किया जाना है। इसके बाद ही रैनीवेल प्रोजेक्ट सफल होगा। ऐसा नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ी के बच्चे बीमार ही पैदा होंगे।
नंबर-सात: शहर विधायक रोहिता रेवड़ी 12 मार्च 2015 को विधानसभा सत्र में शहर के मुख्य बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा था। इस पर किसी तरह का काम नहीं हुआ है। सीसीटीवी कैमरे अभी तक नहीं लग पाए हैं। जिससे शहर के बाजारों में चोरी की वारदात लगातार हो रही हैं।
नंबर-आठ: पूर्व मेयर ने बताया कि शहरी विधायक ने ड्रेन नंबर एक को कवर करने की बात विस सत्र में उठाई थी। इसको आज तक कवर नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों को आज भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नंबर-नौ: पूर्व मेयर ने बताया कि शहरी विधायक ने सात सितंबर 2015 को बीपीएल परिवारों के लिए प्लाट और मकान देने का प्रस्ताव रखा था। यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दो फरवरी 2014 को नई सब्जी मंडी स्थित रैली में रखा गया था। जिसमें राजीव कॉलोनी के लिए भी था। जिसमें 2001 के कलेक्टर रेट के आधार पर रजिस्ट्री करानी थी। राजीव कॉलोनी को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
नंबर-10: पूर्व मेयर के अनुसार शहर विधायक ने दसवां प्रस्ताव आठ मार्च 2017 को रखा। उन्होंने इसमें शहर के बहुत सारे क्षेत्र में बिजली की तार खस्ताहाल हैं। उन्होंने इन तारों को बदलने की बात उठाई थी। शहर में आज भी बिजली की तारों का जाल बना हुआ है।
पूर्व मेयर बोले अपने कार्यकाल में 53 करोड़ के विकास कराए
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने शहर विधायक रोहिता रेवड़ी द्वारा मांगे गए विकास कार्यों का जवाब दिया। बताया कि, उन्होंने 2013-14 और 2014-15 में 53 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। अकेले रोहिता रेवड़ी के वार्ड नौ में 104.88 लाख के विकास कार्य करवाए गए। उन्होंने अपने वार्ड 11 में 119.06 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए। उन्होंने 463 करोड़ से बनने वाले रैनीवेल प्रोजेक्ट की डीपीआर 27 मई 2014 को बनवाई थी। वे पिछली सरकार में एसटीपी व सीवरेज सिस्टम के लिए 129 करोड़ रुपये लेकर आए थे। वह पैसा शहरी विधायक अपने खाते में आज भी गिनवा रहीं हैं।
शहर सरकार को हर साल 44 सौ करोड़ का देता है राजस्व
पानीपत शहर सरकार से विकास मांगता नहीं है, बल्कि यह उसका अधिकार भी है। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहरवासी हर साल 44 सौ करोड़ का रुपये का राजस्व सरकार को देते हैं। उनको दस प्रतिशत चार सौ करोड़ रुपये का भी विकास जनप्रतिनिधि लाकर दें तो पानीपत को चमकने में कोई कसर नहीं रहेगी।
शाह ने ड्रेन नंबर वन पर इस्तीफा दे दिया था, वे शहर के लिए आगे आए
पूर्व मेयर एवं वार्ड-11 पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक बलबीर पाल शाह ने कांग्रेस सरकार में ड्रेन नंबर-वन का प्रस्ताव अटकते ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री ड्रेन नंबर-वन का प्रस्ताव लेकर उनके घर पर आए थे। तब जाकर उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लिया था। शहर विधायक रोहिता रेवड़ी दस में से एक भी प्रस्ताव के सिरे न चढ़ पाने पर शहरवासियों के लिए इस तरह का कदम उठाकर देखे।
पार्टी में रहकर विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ रही
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वे दिसंबर 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। उनको पार्टी में रहकर विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ रही है। उनकी सरकार में उसके खुद के वार्ड के काम नहीं हो रहे। उसको कभी सीएम कट आउट लेकर निगम में धरना देना पड़ रहा है तो कभी बैल व बकरी लेकर निगम में बीन बजानी पड़ रही है। मैं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज व प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया को अपनी बात रख चुका हूं। उन्होंने साफ शब्दों में यह भी कहा कि किसी में हिम्मत है तो भाजपा से निकलवा कर दिखाएं।