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नहर में गिर रहे गंदे नाले के पानी में करना पड़ा स्नान
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:43 AM IST
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नहर में गिर रहे गंदे नाले के पानी में करना पड़ा स्नान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण छठ पूजा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को गंदे नाले के केमिकल और सीवरेज की गदंगी युक्त पानी में स्नान करना पड़ा। जम्मू कॉलोनी में पश्चिमी यमुना नहर बने घाट से दिन भर फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषित और सीवरेज युक्त पानी गुजरता रहा। शहर से गुजरकर आ रहे नाले का पानी जम्मू कॉलोनी में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के नजदीक से होकर यमुना नहर में गिरता रहा। इस नाले को सीधा नाले में डालने पर रोक के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वीरवार को छठ पूजा होने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने नहर में गिर रहे इस नाले को बंद करने की जहमत नहीं उठाई। नाले के पानी को नहर में गिरने से बंद करने के लिए पार्षद निर्मल चौहान ने कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन शाम तक कोई भी इसे बंद करने नहीं आया। निर्मल चौहान ने बताया कि हर साल छठ पूजा के लिए नाले के पानी को नहर में गिरने से रोक दिया जाता है। लेकिन इस बार अधिकारियों की लापरवाही के कारण नाले का पानी नहर में गिरता रहा और श्रद्धालुओं को गंदे पानी में ही स्नान करना पड़ा। छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को गंदे व दूषित पानी में स्नान करता देख कुछ श्रद्धालुओं ने नाले के पानी को नहर में गिरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नाले के शटर को बंद नहीं कर पाए। गौरतलब है नाले का पानी पश्चिमी यमुना नहर में न गिरे, इसके लिए नहर के साथ-साथ डिच ड्रेन बनाई गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण छठ पूजा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को गंदे नाले के केमिकल और सीवरेज की गदंगी युक्त पानी में स्नान करना पड़ा। जम्मू कॉलोनी में पश्चिमी यमुना नहर बने घाट से दिन भर फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषित और सीवरेज युक्त पानी गुजरता रहा। शहर से गुजरकर आ रहे नाले का पानी जम्मू कॉलोनी में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के नजदीक से होकर यमुना नहर में गिरता रहा। इस नाले को सीधा नाले में डालने पर रोक के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वीरवार को छठ पूजा होने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने नहर में गिर रहे इस नाले को बंद करने की जहमत नहीं उठाई। नाले के पानी को नहर में गिरने से बंद करने के लिए पार्षद निर्मल चौहान ने कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन शाम तक कोई भी इसे बंद करने नहीं आया। निर्मल चौहान ने बताया कि हर साल छठ पूजा के लिए नाले के पानी को नहर में गिरने से रोक दिया जाता है। लेकिन इस बार अधिकारियों की लापरवाही के कारण नाले का पानी नहर में गिरता रहा और श्रद्धालुओं को गंदे पानी में ही स्नान करना पड़ा। छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को गंदे व दूषित पानी में स्नान करता देख कुछ श्रद्धालुओं ने नाले के पानी को नहर में गिरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नाले के शटर को बंद नहीं कर पाए। गौरतलब है नाले का पानी पश्चिमी यमुना नहर में न गिरे, इसके लिए नहर के साथ-साथ डिच ड्रेन बनाई गई है।