फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   विधायक ने समारोह बीच में छोड़ा, बोले- मैं आज भी गुलाम

विधायक ने समारोह बीच में छोड़ा, बोले- मैं आज भी गुलाम

Thu, 17 Aug 2017 02:23 AM IST
Updated Thu, 17 Aug 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
विधायक ने समारोह बीच में छोड़ा, बोले- मैं आज भी गुलाम
विधायक ने समारोह बीच में छोड़ा, बोले- मैं आज भी गुलाम
विज्ञापन

भिवानी
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंच पर सीट नहीं मिली तो बवानीखेड़ा के विधायक बिशंबर वाल्मीकि उखड़ गए और कार्यक्रम में बीच में छोड़ कर चले गए। नाराजगी में इस्तीफा देने की धमकी दी और इतना तक कह बैठे कि मैं आज भी गुलाम हूं। बाद में अधिकारियों व पार्टी के लोगों ने उन्हें मनाया तो वे कार्यक्रम में शामिल हुए। ये वाक्या भीम स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह शुरू होने से कुछ समय पहले हुआ। विधायक वाल्मीकि मंच पर पहुंचे, कुछ समय रुके, लेकिन उन्हें सीट नहीं मिली। किसी ने उनके लिए सीट छोड़ी भी नहीं। इस पर विधायक सीट न मिलने पर नाराजगी जताते हुए मंच से उतर गए।
इसके बाद पशुधन बोर्ड के चेयरमैन ऋषिप्रकाश शर्मा, सीटीएम महेश कुमार, तहसीलदार संजय बिश्रोई विधायक को मनाने के लिए गए। लेकिन, विधायक ने उनकी एक नहीं सुनी और गाड़ी में बैठ गए। अधिकारी व नेता उन्हें मनाते रहे, लेकिन उनका गुस्सा कम नहीं हुआ। वाल्मीकि ने कहा कि मैं आज भी गुलाम हूं। मेरी कद्र नहीं। दस मिनट मंच पर खड़ा रहा, लेकिन उन्हें सीट नहीं दी गई। इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन कार्यक्रम में नहीं जाऊंगा। लगभग 10 मिनट तक ऋषिप्रकाश शर्मा व सीटीएम ने उन्हें मनाया तो वे कार्यक्रम में शामिल होने के तैयार हुए। वाल्मीकि को विधायक घनश्याम सर्राफ के बगल वाली सीट पर बैठाया गया।
विज्ञापन

--
सीट प्रकरण में प्रशासन दोषी नहीं: डीसी
भिवानी
उपायुक्त अंशज सिंह ने कहा कि मंच पर तय की गई सीटों पर प्रशासन द्वारा बाकायदा संबंधित नामों से स्लिप भी लगाई गई थी, लेकिन ध्वजारोहण के दौरान अधिकारियों का ध्यान ध्वजारोहण पर था। इस बीच पार्टी के कार्यकर्ता विधायक बिशंबर वाल्मीकि की सीट पर बैठ गए। ऐसे में प्रशासन को दोषी ठहराना सही नहीं है। पार्टी कार्यकर्ताओं को उनकी सीट पर बिल्कुल नहीं बैठना चाहिए था। कार्यकर्ताओं का फर्ज यह था कि विधायक का सम्मान करते और उनको बैठने के लिए उनकी सीट देेते।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि विधायक को सीट नहीं मिलने का मामला जैसे ही प्रशासन के संज्ञान में आया, विधायक को उनकी सीट सम्मान सहित दिलाई गई। प्रशासन विधायक बिशंभर का भी उतना ही सम्मान करता है, जितना अन्य विधायकों का। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी तरह से विधायक की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था। यह मामला संज्ञान में आने पर प्रशासन द्वारा विधायक को उनकी सीट मुहैया करवा दी गई थी।

बाक्स
समर्थकों ने प्रशासन व जिला अध्यक्ष का पुतला फूंका
उधर, बवानीखेड़ा में विधायक समर्थकों ने षड्यंत्र बताते हुए जिला प्रशासन व भाजपा के जिला अध्यक्ष का पुतला फूंका। समर्थकों ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण के लिए प्रशासन और पार्टी अध्यक्ष जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed