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तीन घंटे में दो जगह से नहर टूटी, गेहूं की 40 बीघा फसल में घुटनों तक भरा पानी
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:36 AM IST
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तीन घंटे में दो जगह से नहर टूटी, गेहूं की 40 बीघा फसल में घुटनों तक भरा पानी
चरखी दादरी।
ढाणी फौगाट के समीप शुक्रवार सुबह करीब पांच से आठ बजे के बीच नहर दो जगह से टूट गई। नहर टूटने से करीब 40 बीघा जमीन पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे करीब 30 किसानों की पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई। इन किसानों ने मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग नहर टूटने का कारण बताया है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों व पेड़ों की जड़ों को नहर टूटने का कारण बता रहे हैं। पीड़ितों किसानों ने खराब हुई फसलों के लिए मुआवजे की मांग की है। नहर टूटने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी बंद करवाकर दोनों जगहों से नहर को दुरुस्त करा दिया।
शुक्रवार सुबह करीब पांच ढाणी फौगाट के समीप डिस्ट्रीब्यूटरी टूट गई और नहरी पानी ओवरफ्लो होकर साथ लगते खेतों में भरना शुरू हो गया। कुछ देर बाद सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मिट्टी डालकर नहर से पानी के बहाव को रोका और नहर को दुरुस्त कर टीम वापस लौट गई। तीन घंटे बाद ही करीब आठ बजे नहर दुरुस्त की गई जगह के सामने से दोबारा टूट गई और इस बार पानी दूसरी तरफ के खेतों में बहने लगा। नहर टूटने की सूचना मिलते ही किसान व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी मंगवाकर नहर को दोबारा से दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया। किसान राज सिंह, हवा सिंह, जयप्रकाश, सोमबीर, धर्मबीर, जयपाल, कश्मीर आदि किसानों ने बताया कि नहर के इस हिस्से का मरम्मत कार्य कर ठेकेदार की लेबर करीब दस दिन पहले ही आगे बढ़ी है। सिंचाई विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे बाद नहर को दुरुस्त किया। तब तक नहर के दोनों तरफ ओवरफ्लो होकर पानी 40 बीघा में तैयार खड़ी गेहूं की फसल तक पहुंच चुका था। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग प्रशासन व सरकार से की है।
12 बुर्जियों तक था टेंडर, तीसरी पर काम हो चुका है शुरू
सिंचाई विभाग के जेई शुभम ने बताया कि विभाग ने ठेकेदार को 12 बुर्जियों तक नहर की मरम्मत कार्य करने का टेंडर अलॉट किया था। एक बुर्जी का दायरा करीब एक हजार फुट है। इस प्रोजेक्ट के तहत नहर के मरम्मत कार्य पर एक करोड़ 22 लाख की नकदी खर्च की जानी थी। जेई शुभम ने बताया कि अब तक ठेकेदार 2345 फुट तक काम पूरा कर चुका है। बता दें कि जो डिस्ट्रीब्यूटरी टूटी है वो इस दायरे में शामिल है।
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बाक्स:
--बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी मरम्मत का पूरा कार्य अभी पूरा भी नही हुआ था कि नहर दो जगह से टूट गई। मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण सामग्री प्रयोग कर लापरवाही बरती गई है। मेरी दो एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
हवा सिंह, किसान
---डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से मेरी तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। अगर विभाग के अधिकारी मरम्मत कार्य के दौरान निर्माण सामग्री की जांच करते तो शायद नहर टूटने की नौबत नहीं आती।
सोमबीर सिंह, किसान
--सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से दो एकड़ की गेहूं की फसल खराब हो गई। उनकी मेहनत पर पानी फिर गया और प्रशासन को किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
हरराज, किसान
नहर टूटने से तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। कई वर्षों से जर्जर हाल में पड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी का कार्य अभी पूरा भी नही हुआ था कि एक ही दिन में दो जगह से नहर टूट गई। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए।
रमेश, किसान
वर्जन::
किसानों के अवैध कनेक्शन करने व पेड़ों की जड़ों के चलते नहर टूटी है। हमने इसे दुरुस्त करा दिया। सूचना मिलते ही पीछे से नहरी पानी बंद करवाकर हमने मौके पर टीम को भेज दिया था। नहर अब दुरुस्त कर दी गई है।
जेई शुभम, सिंचाई विभाग
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चरखी दादरी।
ढाणी फौगाट के समीप शुक्रवार सुबह करीब पांच से आठ बजे के बीच नहर दो जगह से टूट गई। नहर टूटने से करीब 40 बीघा जमीन पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे करीब 30 किसानों की पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई। इन किसानों ने मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग नहर टूटने का कारण बताया है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों व पेड़ों की जड़ों को नहर टूटने का कारण बता रहे हैं। पीड़ितों किसानों ने खराब हुई फसलों के लिए मुआवजे की मांग की है। नहर टूटने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी बंद करवाकर दोनों जगहों से नहर को दुरुस्त करा दिया।
शुक्रवार सुबह करीब पांच ढाणी फौगाट के समीप डिस्ट्रीब्यूटरी टूट गई और नहरी पानी ओवरफ्लो होकर साथ लगते खेतों में भरना शुरू हो गया। कुछ देर बाद सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मिट्टी डालकर नहर से पानी के बहाव को रोका और नहर को दुरुस्त कर टीम वापस लौट गई। तीन घंटे बाद ही करीब आठ बजे नहर दुरुस्त की गई जगह के सामने से दोबारा टूट गई और इस बार पानी दूसरी तरफ के खेतों में बहने लगा। नहर टूटने की सूचना मिलते ही किसान व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी मंगवाकर नहर को दोबारा से दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया। किसान राज सिंह, हवा सिंह, जयप्रकाश, सोमबीर, धर्मबीर, जयपाल, कश्मीर आदि किसानों ने बताया कि नहर के इस हिस्से का मरम्मत कार्य कर ठेकेदार की लेबर करीब दस दिन पहले ही आगे बढ़ी है। सिंचाई विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे बाद नहर को दुरुस्त किया। तब तक नहर के दोनों तरफ ओवरफ्लो होकर पानी 40 बीघा में तैयार खड़ी गेहूं की फसल तक पहुंच चुका था। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग प्रशासन व सरकार से की है।
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12 बुर्जियों तक था टेंडर, तीसरी पर काम हो चुका है शुरू
सिंचाई विभाग के जेई शुभम ने बताया कि विभाग ने ठेकेदार को 12 बुर्जियों तक नहर की मरम्मत कार्य करने का टेंडर अलॉट किया था। एक बुर्जी का दायरा करीब एक हजार फुट है। इस प्रोजेक्ट के तहत नहर के मरम्मत कार्य पर एक करोड़ 22 लाख की नकदी खर्च की जानी थी। जेई शुभम ने बताया कि अब तक ठेकेदार 2345 फुट तक काम पूरा कर चुका है। बता दें कि जो डिस्ट्रीब्यूटरी टूटी है वो इस दायरे में शामिल है।
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--बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी मरम्मत का पूरा कार्य अभी पूरा भी नही हुआ था कि नहर दो जगह से टूट गई। मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण सामग्री प्रयोग कर लापरवाही बरती गई है। मेरी दो एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
हवा सिंह, किसान
---डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से मेरी तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। अगर विभाग के अधिकारी मरम्मत कार्य के दौरान निर्माण सामग्री की जांच करते तो शायद नहर टूटने की नौबत नहीं आती।
सोमबीर सिंह, किसान
--सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने से दो एकड़ की गेहूं की फसल खराब हो गई। उनकी मेहनत पर पानी फिर गया और प्रशासन को किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
हरराज, किसान
नहर टूटने से तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। कई वर्षों से जर्जर हाल में पड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी का कार्य अभी पूरा भी नही हुआ था कि एक ही दिन में दो जगह से नहर टूट गई। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए।
रमेश, किसान
वर्जन::
किसानों के अवैध कनेक्शन करने व पेड़ों की जड़ों के चलते नहर टूटी है। हमने इसे दुरुस्त करा दिया। सूचना मिलते ही पीछे से नहरी पानी बंद करवाकर हमने मौके पर टीम को भेज दिया था। नहर अब दुरुस्त कर दी गई है।
जेई शुभम, सिंचाई विभाग