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हीही
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:05 PM IST
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महापंचायत : मुद्दे और सीएम की सुगबुगाहट हुई शुरू
प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
किसान महापंचायत में उमड़ी भीड़ के बाद अहीरवाल में चुनावी शंखनाद फूंक दिया गया है। महापंचायत समाप्त होते ही चौतरफा चुनावों पर चर्चा शुरू हो गई। महापंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री को सीएम पद का उम्मीदवार उठाने की मांग उठी, लेकिन हुड्डा ने अपने पुराने अंदाज में इसे नकार दिया। बावजूद इसके महापंचायत के बाद चुनावी चौपाल सजना शुरू हो गई। लोगाें का कहना है कि आज की महापंचायत में हरियाणा का चुनावी मुद्दा और भावी सीएम के बीज अंकुरित हो गए हैं। महापंचायत से लौटते ही छोटे-बड़े नेता विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा करते नजर आए। महापंचायत में संभावित प्रत्याशियों ने भी अपने समर्थकों के साथ पूरी ताकत दिखाई। इस बीच हुड्डा के धुर विरोधी कैप्टन अजय सिंह यादव ने अपने पूरे खेमे के साथ महापंचायत से दूरी बनाए रखी। भले ही महापंचायत में न केवल अहीरवाल बल्कि पूरे हरियाणा के लोग आए। इसके बाद भी इस भीड़ को अहीरवाल से जोड़कर देखा जा रहा है। हुड्डा खेमे से उनके समेत 13 विधायक महापंचायत में मौजूद रहे। अहीरवाल क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक सीटों पर विधानसभा चुनाव हारी कांग्रेस अपनी पूरी ताकत के साथ मौजूदगी दिखा रही थी।
आयोजकों की मानें तो यह महापंचायत एक रैली का स्वरूप थी। मंच पर खूब चुनावी तीर चले। बेरी विधायक रघुबीर कादयातन, होडल विधायक उदयभान, समालखां से पूर्व विधायक धर्म सिंह छौकर ने सार्वजनिक मंच से भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की। प्रदेशाध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, सीएलपी लीडर किरण चौधरी के अलावा सभी 13 विधायक हुड्डा के मंच पर मौजूद रहे॥
हुड्डा ने पकड़ी बैल की पूंछ
चुनावी समीकरणों की बात करें तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसान के बैल की पूछ पकड़कर चुनावी वैतरणी पार करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। देखा जाए तो हरियाणा में किसानों के अलावा कोई बड़ा मुद्दा चुनावी उलटफेर के लिए नजर नहीं आता। भले ही एसवाईएल, अहीरवाल में पानी की कमी कोई भी बड़ा मुद्दा हो सीधा किसान पर आकर की टिकता है। ऐसे में हुड्डा खेमे ने बड़े मंथन के बाद नदी से चुनावी मुद्दे के रूप में किसान का सीप निकाला है। यह बात अलग है कि कांग्रेस में उठापटक का अंबार हुड्डा के पांव न फुला दे। किसानों को लेकर कांग्रेस के दूसरे खेमे भी जंग लड़ रहे हैं। रणदीप सुरजेवाला करनाल और हिसार में धरना दे चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर लगातार किसानों की अगुवाई कर रहे हैं। उनके धुर विरोधी कैप्टन अजय सिंह यादव हाल ही रेवाड़ी में सुरजेवाला को बुलाकर किसानी सरगम बजा चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने हुड्डा के धरने से पहले अहीरवाल के चर्चित किसानों के घावों को हरे करने का प्रयास किया। भले ही वह मानेसर का भूमि अधिग्रहण मामला हो या बावल का। कुल मिलाकर किसानों की यह जंग चुनाव में थमने वाली नहीं है। शायद इसे देखकर ही हुड्डा ने किसानों की सवारी की है।
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जूनियर हुड्डा बोले देश की राजनीति बदलेगी
रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह किसान महापंचायत हरियाणा की राजनीति को आकार देने का काम कर रही है। इस किसान महापंचायत से देश की राजनीति बदलेगी। वहीं उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वह घर से सीएम बनने के लिए नहीं निकले हैं। वह किसान और गरीब की आवाज उठाने के लिए निकले हैं।
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प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
किसान महापंचायत में उमड़ी भीड़ के बाद अहीरवाल में चुनावी शंखनाद फूंक दिया गया है। महापंचायत समाप्त होते ही चौतरफा चुनावों पर चर्चा शुरू हो गई। महापंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री को सीएम पद का उम्मीदवार उठाने की मांग उठी, लेकिन हुड्डा ने अपने पुराने अंदाज में इसे नकार दिया। बावजूद इसके महापंचायत के बाद चुनावी चौपाल सजना शुरू हो गई। लोगाें का कहना है कि आज की महापंचायत में हरियाणा का चुनावी मुद्दा और भावी सीएम के बीज अंकुरित हो गए हैं। महापंचायत से लौटते ही छोटे-बड़े नेता विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा करते नजर आए। महापंचायत में संभावित प्रत्याशियों ने भी अपने समर्थकों के साथ पूरी ताकत दिखाई। इस बीच हुड्डा के धुर विरोधी कैप्टन अजय सिंह यादव ने अपने पूरे खेमे के साथ महापंचायत से दूरी बनाए रखी। भले ही महापंचायत में न केवल अहीरवाल बल्कि पूरे हरियाणा के लोग आए। इसके बाद भी इस भीड़ को अहीरवाल से जोड़कर देखा जा रहा है। हुड्डा खेमे से उनके समेत 13 विधायक महापंचायत में मौजूद रहे। अहीरवाल क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक सीटों पर विधानसभा चुनाव हारी कांग्रेस अपनी पूरी ताकत के साथ मौजूदगी दिखा रही थी।
आयोजकों की मानें तो यह महापंचायत एक रैली का स्वरूप थी। मंच पर खूब चुनावी तीर चले। बेरी विधायक रघुबीर कादयातन, होडल विधायक उदयभान, समालखां से पूर्व विधायक धर्म सिंह छौकर ने सार्वजनिक मंच से भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की। प्रदेशाध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, सीएलपी लीडर किरण चौधरी के अलावा सभी 13 विधायक हुड्डा के मंच पर मौजूद रहे॥
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हुड्डा ने पकड़ी बैल की पूंछ
चुनावी समीकरणों की बात करें तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसान के बैल की पूछ पकड़कर चुनावी वैतरणी पार करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। देखा जाए तो हरियाणा में किसानों के अलावा कोई बड़ा मुद्दा चुनावी उलटफेर के लिए नजर नहीं आता। भले ही एसवाईएल, अहीरवाल में पानी की कमी कोई भी बड़ा मुद्दा हो सीधा किसान पर आकर की टिकता है। ऐसे में हुड्डा खेमे ने बड़े मंथन के बाद नदी से चुनावी मुद्दे के रूप में किसान का सीप निकाला है। यह बात अलग है कि कांग्रेस में उठापटक का अंबार हुड्डा के पांव न फुला दे। किसानों को लेकर कांग्रेस के दूसरे खेमे भी जंग लड़ रहे हैं। रणदीप सुरजेवाला करनाल और हिसार में धरना दे चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर लगातार किसानों की अगुवाई कर रहे हैं। उनके धुर विरोधी कैप्टन अजय सिंह यादव हाल ही रेवाड़ी में सुरजेवाला को बुलाकर किसानी सरगम बजा चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने हुड्डा के धरने से पहले अहीरवाल के चर्चित किसानों के घावों को हरे करने का प्रयास किया। भले ही वह मानेसर का भूमि अधिग्रहण मामला हो या बावल का। कुल मिलाकर किसानों की यह जंग चुनाव में थमने वाली नहीं है। शायद इसे देखकर ही हुड्डा ने किसानों की सवारी की है।
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जूनियर हुड्डा बोले देश की राजनीति बदलेगी
रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह किसान महापंचायत हरियाणा की राजनीति को आकार देने का काम कर रही है। इस किसान महापंचायत से देश की राजनीति बदलेगी। वहीं उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वह घर से सीएम बनने के लिए नहीं निकले हैं। वह किसान और गरीब की आवाज उठाने के लिए निकले हैं।