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राोहतक में 1077 डेंगू पीड़ित
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 04 Oct 2015 01:55 AM IST
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रोहतक के डेंगू मरीजों की संख्या 1077 पहुंच गई है। अकेले पीजीआई ने अपनी जांच में 1578 डेंगू के मरीजाें की पुष्टि की है। हालांकि यह आंकड़ा पूरे प्रदेश का है। जिले में 1077 डेंगू पीड़ित हैं, यदि सामान्य अस्पताल और निजी अस्पतालों का आंकड़ा भी इसमें जोड़ा जाए तो भयावह स्थिति सामने आएगी।
पीजीआई के सी-ब्लॉक में बढ़ती डेंगू पीड़ितों की संख्या परेशानी खड़ी कर रही है। ब्लॉक में 20 से बढ़ाकर 80 से ऊपर बेड लगा दिए गए हैं लेकिन समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है। ग्लूकोज चढ़ाने के लिए जब स्टैंड की कमी हुई तो दीवार पर कील गाड़कर काम चलाया जा रहा है। यदि अब भी डेंगू का प्रकोप कम नहीं हुआ तो प्रशासन को दूसरा ब्लॉक भी डेंगू मरीजों के लिए खुलवाना पडे़गा। सी-ब्लॉक में अब मरीजों और परिजनाें के लिए पैर रखने की भी जगह नहीं बची है। वेंटिलेशन के अभाव और मरीजों की अधिक संख्या परेशानी बढ़ा रही है। हालात यह हैं कि पीजीआई के सभी विभागों से बेड और स्टाफ डेंगू ब्लॉक के लिए लिया गया है।
पीजीआई की लापरवाही : निजी लैब में 30 हजार प्लेटलेट्स, पीजीआई में साढ़े चार लाख
पीजीआई स्टाफ की बड़ी लापरवाही शनिवार को पकड़ में आई। एक डेंगू मरीज के प्लेटलेट्स काउंट की निजी लैब और पीजीआई लैब की रिपोर्ट में भारी अंतर देखने को मिला। जब पीजीआई लैब की रिपोर्ट की डॉक्टरों ने पड़ताल की तो खामी वहीं मिली। शनिवार को कंसाला निवासी 13 वर्षीय विनय बुखार का उपचार कराने आपातकालीन विभाग पहुंचा। दो दिन एक निजी लैब ने जांच के बाद उसकी प्लेटलेट्स 30 हजार बताई थी। डॉक्टरों ने पुरानी रिपोर्ट के आधार पर दोबारा जांच के लिए सैंपल लैब में भेज दिया। करीब आधे घंटे बाद अभिभावकों को लैब से रिपोर्ट मिली जिसमें प्लेटलेट्स साढ़े चार लाख दर्शाए गए थे। हैरानी की बात थी कि इसमें हीमोग्लोबिन पांच बताया गया। यह देख महिला डॉक्टर डॉ. मनीषा राठी के होश उड़ गये। डॉक्टर ने जब इस संबंध में लैब कर्मचारियों से बात की तो पता चला कि एक पंजीकरण संख्या पर दो मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। एक में 30 हजार और दूसरे में साढ़े चार लाख प्लेटलेट्स निकले हैं।
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सामान्य अस्पताल में डेंगू जांच शुरू
रोहतक। जिला सामान्य अस्पताल में डेंगू की जांच शुरू हो गई है। इससे जहां अस्पताल में आने वाले मरीजों को पीजीआई के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, वहीं पीजीआई में मरीजों का बोझ कुछ कम होगा। सामान्य अस्पताल में पहले दिन 20 संदिग्ध डेंगू मरीजों की जांच की। इसमें 11 पाजिटिव मिले हैं। अब तक सामान्य अस्पताल में करीब 22 मरीज उपचार पा रहे हैं। इसमें 18 मेडिसन और चार बाल रोगी हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि अवकाश वाले दिन भी डेंगू को देखते हुए मेडिसन और बाल रोग विभाग की ओपीडी चलाई जा रही है।
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पीजीआई के सी-ब्लॉक में बढ़ती डेंगू पीड़ितों की संख्या परेशानी खड़ी कर रही है। ब्लॉक में 20 से बढ़ाकर 80 से ऊपर बेड लगा दिए गए हैं लेकिन समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है। ग्लूकोज चढ़ाने के लिए जब स्टैंड की कमी हुई तो दीवार पर कील गाड़कर काम चलाया जा रहा है। यदि अब भी डेंगू का प्रकोप कम नहीं हुआ तो प्रशासन को दूसरा ब्लॉक भी डेंगू मरीजों के लिए खुलवाना पडे़गा। सी-ब्लॉक में अब मरीजों और परिजनाें के लिए पैर रखने की भी जगह नहीं बची है। वेंटिलेशन के अभाव और मरीजों की अधिक संख्या परेशानी बढ़ा रही है। हालात यह हैं कि पीजीआई के सभी विभागों से बेड और स्टाफ डेंगू ब्लॉक के लिए लिया गया है।
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पीजीआई की लापरवाही : निजी लैब में 30 हजार प्लेटलेट्स, पीजीआई में साढ़े चार लाख
पीजीआई स्टाफ की बड़ी लापरवाही शनिवार को पकड़ में आई। एक डेंगू मरीज के प्लेटलेट्स काउंट की निजी लैब और पीजीआई लैब की रिपोर्ट में भारी अंतर देखने को मिला। जब पीजीआई लैब की रिपोर्ट की डॉक्टरों ने पड़ताल की तो खामी वहीं मिली। शनिवार को कंसाला निवासी 13 वर्षीय विनय बुखार का उपचार कराने आपातकालीन विभाग पहुंचा। दो दिन एक निजी लैब ने जांच के बाद उसकी प्लेटलेट्स 30 हजार बताई थी। डॉक्टरों ने पुरानी रिपोर्ट के आधार पर दोबारा जांच के लिए सैंपल लैब में भेज दिया। करीब आधे घंटे बाद अभिभावकों को लैब से रिपोर्ट मिली जिसमें प्लेटलेट्स साढ़े चार लाख दर्शाए गए थे। हैरानी की बात थी कि इसमें हीमोग्लोबिन पांच बताया गया। यह देख महिला डॉक्टर डॉ. मनीषा राठी के होश उड़ गये। डॉक्टर ने जब इस संबंध में लैब कर्मचारियों से बात की तो पता चला कि एक पंजीकरण संख्या पर दो मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। एक में 30 हजार और दूसरे में साढ़े चार लाख प्लेटलेट्स निकले हैं।
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सामान्य अस्पताल में डेंगू जांच शुरू
रोहतक। जिला सामान्य अस्पताल में डेंगू की जांच शुरू हो गई है। इससे जहां अस्पताल में आने वाले मरीजों को पीजीआई के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, वहीं पीजीआई में मरीजों का बोझ कुछ कम होगा। सामान्य अस्पताल में पहले दिन 20 संदिग्ध डेंगू मरीजों की जांच की। इसमें 11 पाजिटिव मिले हैं। अब तक सामान्य अस्पताल में करीब 22 मरीज उपचार पा रहे हैं। इसमें 18 मेडिसन और चार बाल रोगी हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि अवकाश वाले दिन भी डेंगू को देखते हुए मेडिसन और बाल रोग विभाग की ओपीडी चलाई जा रही है।